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पीयू सीनेट स्नातक वर्ग चुनाव में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों का दबदबा
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट स्नातक वर्ग चुनाव के पूरे परिणाम मंगलवार को सामने आ गए हैं। सबसे बड़ी जीत कांग्रेस समर्थित गोयल ग्रुप के हाथ लगी है। ग्रुप के पास 15 में से छह सीटें हैं। दो सीटें भाजपा खेमे को और दो ही सीटें डीएवी ग्रुप के हाथ लगी हैं। बाकी पांच सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी व छोटे ग्रुपों के सदस्य जीतकर आए हैं।
चुनाव परिणाम आते ही असली खेल शुरू हो गया। सीनेट में दबदबा कायम करने के लिए कांग्रेसी व भाजपा खेमे ने पूरी ताकत लगा दी है। बैठकों का दौर जारी है। राजनीतिक पंडितों के मुताबिक अभी सीनेट में एकतरफा किसी भी खेमे का बहुमत सिद्ध होता नजर नहीं आ रहा है। इसके लिए छोटे ग्रुप व निर्दलीय प्रत्याशी निर्णायक साबित होंगे। यदि पिछली सीनेट के मुताबिक स्नातक वर्ग के प्रत्याशियों का गठबंधन हुआ तो भाजपाई खेमे को भी पांच से छह सीटें यहां से मिल सकती हैं।
सीनेट के स्नातक वर्ग चुनाव के लिए हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब में 262 बूथ बनाए गए थे। दो चरणों में हुए इस चुनाव में 43 प्रत्याशियों के लिए 3.61 लाख वोटर पंजीकृत थे। हालांकि, चुनाव प्रतिशत लगभग 15 ही पहुंचा। पीयू में इसकी मतगणना 17 अक्तूबर से शुरू हुई। 200 से अधिक कर्मचारियों को लगाया गया था। टुकड़ों में हुई मतगणना के आखिरी परिणाम मंगलवार को आ गए। कुल प्रत्याशियों में से 28 दौड़ से बाहर हो गए। उन्हें निर्धारित से कम वोट मिले। चुनाव में आठ प्रत्याशी दोबारा चुने गए हैं। सात प्रत्याशियों ने पहली बार भाग्य आजमाया है। दो हजार से कम वोट पाने वाले प्रत्याशी दौड़ से बाहर हुए हैं।
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इनके हाथ लगी जीत
प्रत्याशी वोट
-------------------------
संदीप सिंह 3667
मनीष वय्यर 3022
सिमरनजीत सिंह ढिल्लों 2902
मुकेश कुमार अरोड़ा 2859
वरिंदर सिंह 2676
रविंदर सिंह 2418
डीपीएस रंधावा 2386
प्रभजीत सिंह 2305
बलबीर चंद जोसन 2289
हरजोध सिंह 2217
लाजवंत सिंह विरक 2128
जगवंत सिंह 2127
नरेश गौड़ 2122
संजीव कुमार बंदलिश 2079
कपिल शर्मा 2027
ये है चुनाव का गणित
पीयू सीनेट की 92 सीटें हैं, जिसमें विभिन्न छह वर्गों से 34 सीटें, स्नातक वर्ग से 15 सीटें, पदेन पदाधिकारी सात, मनोनीत सदस्यों की 36 सीटें होती हैं। इन सीटों के मुताबिक कांग्रेसी खेमा अपने पास अब तक 32 सीटें मान रहा है। वहीं, भाजपाई खेमे के पाले में भी इतनी ही सीटें हैं। यानी बहुमत का मामला लगभग बराबर है। जानकारों का कहना है कि इस बार सीनेट में किसी एक ग्रुप का बहुमत सिद्ध करना आसान नहीं होगा। क्योंकि निर्दलीय उम्मीदवारों के अलावा अधिकारी, पुटा अध्यक्ष, कर्मचारी एसोसिएशन अध्यक्ष किसके साथ जाएंगे, यह अभी तय नहीं है। जानकारों का कहना है कि 40 से अधिक सीटें जिस पाले में होंगी उसी ग्रुप का दबदबा हो सकता है। हालांकि, यह स्थिति अभी साफ नहीं है।
वर्जन-----
फोटो-
सभी जीते प्रत्याशियों को बधाई। सभी लोग मिलकर पीयू की बेहतरी के लिए काम करेंगे। पीयू एक बड़ा शिक्षण संस्थान है। मिलकर काम करके ही इसे आगे ले जाया जा सकता है। सीनेट में किसी भी राजनीतिक दल का विशेष समावेश नहीं है।
- सत्यपाल जैन, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया एवं पूर्व सांसद
वर्जन---
फोटो--
पीयू सीनेट स्नातक वर्ग चुनाव में हमारे पास 11 सीटें आई हैं। सीनेट में हमारा बहुमत होगा। कुछ नए लोग भी हमसे जुड़ेंगे। उम्मीद है कि हमारे ग्रुप की सीटों की संख्या 41 पार होगी। नॉमिनेशन लिस्ट से भी कुछ लोग नाराज हुए हैं। वह लोग भी हमारे साथ आने की तैयारी में हैं।
- प्रो. नवदीप गोयल, कांग्रेस समर्थित एवं गोयल ग्रुप के संचालक
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चुनाव परिणाम आते ही असली खेल शुरू हो गया। सीनेट में दबदबा कायम करने के लिए कांग्रेसी व भाजपा खेमे ने पूरी ताकत लगा दी है। बैठकों का दौर जारी है। राजनीतिक पंडितों के मुताबिक अभी सीनेट में एकतरफा किसी भी खेमे का बहुमत सिद्ध होता नजर नहीं आ रहा है। इसके लिए छोटे ग्रुप व निर्दलीय प्रत्याशी निर्णायक साबित होंगे। यदि पिछली सीनेट के मुताबिक स्नातक वर्ग के प्रत्याशियों का गठबंधन हुआ तो भाजपाई खेमे को भी पांच से छह सीटें यहां से मिल सकती हैं।
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सीनेट के स्नातक वर्ग चुनाव के लिए हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब में 262 बूथ बनाए गए थे। दो चरणों में हुए इस चुनाव में 43 प्रत्याशियों के लिए 3.61 लाख वोटर पंजीकृत थे। हालांकि, चुनाव प्रतिशत लगभग 15 ही पहुंचा। पीयू में इसकी मतगणना 17 अक्तूबर से शुरू हुई। 200 से अधिक कर्मचारियों को लगाया गया था। टुकड़ों में हुई मतगणना के आखिरी परिणाम मंगलवार को आ गए। कुल प्रत्याशियों में से 28 दौड़ से बाहर हो गए। उन्हें निर्धारित से कम वोट मिले। चुनाव में आठ प्रत्याशी दोबारा चुने गए हैं। सात प्रत्याशियों ने पहली बार भाग्य आजमाया है। दो हजार से कम वोट पाने वाले प्रत्याशी दौड़ से बाहर हुए हैं।
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इनके हाथ लगी जीत
प्रत्याशी वोट
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संदीप सिंह 3667
मनीष वय्यर 3022
सिमरनजीत सिंह ढिल्लों 2902
मुकेश कुमार अरोड़ा 2859
वरिंदर सिंह 2676
रविंदर सिंह 2418
डीपीएस रंधावा 2386
प्रभजीत सिंह 2305
बलबीर चंद जोसन 2289
हरजोध सिंह 2217
लाजवंत सिंह विरक 2128
जगवंत सिंह 2127
नरेश गौड़ 2122
संजीव कुमार बंदलिश 2079
कपिल शर्मा 2027
ये है चुनाव का गणित
पीयू सीनेट की 92 सीटें हैं, जिसमें विभिन्न छह वर्गों से 34 सीटें, स्नातक वर्ग से 15 सीटें, पदेन पदाधिकारी सात, मनोनीत सदस्यों की 36 सीटें होती हैं। इन सीटों के मुताबिक कांग्रेसी खेमा अपने पास अब तक 32 सीटें मान रहा है। वहीं, भाजपाई खेमे के पाले में भी इतनी ही सीटें हैं। यानी बहुमत का मामला लगभग बराबर है। जानकारों का कहना है कि इस बार सीनेट में किसी एक ग्रुप का बहुमत सिद्ध करना आसान नहीं होगा। क्योंकि निर्दलीय उम्मीदवारों के अलावा अधिकारी, पुटा अध्यक्ष, कर्मचारी एसोसिएशन अध्यक्ष किसके साथ जाएंगे, यह अभी तय नहीं है। जानकारों का कहना है कि 40 से अधिक सीटें जिस पाले में होंगी उसी ग्रुप का दबदबा हो सकता है। हालांकि, यह स्थिति अभी साफ नहीं है।
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फोटो-
सभी जीते प्रत्याशियों को बधाई। सभी लोग मिलकर पीयू की बेहतरी के लिए काम करेंगे। पीयू एक बड़ा शिक्षण संस्थान है। मिलकर काम करके ही इसे आगे ले जाया जा सकता है। सीनेट में किसी भी राजनीतिक दल का विशेष समावेश नहीं है।
- सत्यपाल जैन, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया एवं पूर्व सांसद
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पीयू सीनेट स्नातक वर्ग चुनाव में हमारे पास 11 सीटें आई हैं। सीनेट में हमारा बहुमत होगा। कुछ नए लोग भी हमसे जुड़ेंगे। उम्मीद है कि हमारे ग्रुप की सीटों की संख्या 41 पार होगी। नॉमिनेशन लिस्ट से भी कुछ लोग नाराज हुए हैं। वह लोग भी हमारे साथ आने की तैयारी में हैं।
- प्रो. नवदीप गोयल, कांग्रेस समर्थित एवं गोयल ग्रुप के संचालक