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नेताओं के बच्चों को नहीं, बहिबल कलां के पीड़ितों को दें नौकरी : सिद्धू
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चंडीगढ़। पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने 14 अक्तूबर, 2015 को बहिबल कलां और कोटकपूरा फायरिंग के पीड़ित परिवारों को नौकरी देने की मांग की है। इसके लिए सिद्धू ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को एक पत्र लिखा है।
मुख्यमंत्री के नाम पत्र में सिद्धू ने कहा है कि हमारी सरकार को इन पीड़ितों और उनके परिवारों को पुलिस की बर्बरता के लिए मुआवजा देना चाहिए क्योंकि उन्होंने हमारे गुरु साहिब के सम्मान को बचाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने लिखा कि अच्छी आर्थिक पृष्ठभूमि वाले राजनीतिक नेताओं/विधायकों के बेटों को अनुकंपा के आधार पर नौकरियों में वरीयता देने के बजाय, सरकार को बहिबल कलां व कोटकपूरा के पीड़ितों की दुर्दशा पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और उन्हें नौकरी देनी चाहिए।
इस पत्र को ट्वीटर हैंडल पर सार्वजनिक करते हुए सिद्धू ने लिखा- यह अत्यंत असंतोष का विषय है कि 6 वर्ष बीतने के बावजूद हमारी सरकार कोटकपूरा और बहिबल कलां में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल पीड़ितों के लिए रोजगार प्राप्त करने में विफल रही है। पंजाब पुलिस द्वारा दो प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल लोग एक वर्ष से अधिक समय से बिस्तर पर रहे। इन पीड़ितों और पुलिस की बर्बरता के लिए उनके परिवारों को मुआवजा देना हमारी सरकार का कर्तव्य है, क्योंकि उन्होंने हमारे गुरु साहिब के सम्मान को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
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मुख्यमंत्री के नाम पत्र में सिद्धू ने कहा है कि हमारी सरकार को इन पीड़ितों और उनके परिवारों को पुलिस की बर्बरता के लिए मुआवजा देना चाहिए क्योंकि उन्होंने हमारे गुरु साहिब के सम्मान को बचाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने लिखा कि अच्छी आर्थिक पृष्ठभूमि वाले राजनीतिक नेताओं/विधायकों के बेटों को अनुकंपा के आधार पर नौकरियों में वरीयता देने के बजाय, सरकार को बहिबल कलां व कोटकपूरा के पीड़ितों की दुर्दशा पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और उन्हें नौकरी देनी चाहिए।
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इस पत्र को ट्वीटर हैंडल पर सार्वजनिक करते हुए सिद्धू ने लिखा- यह अत्यंत असंतोष का विषय है कि 6 वर्ष बीतने के बावजूद हमारी सरकार कोटकपूरा और बहिबल कलां में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल पीड़ितों के लिए रोजगार प्राप्त करने में विफल रही है। पंजाब पुलिस द्वारा दो प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल लोग एक वर्ष से अधिक समय से बिस्तर पर रहे। इन पीड़ितों और पुलिस की बर्बरता के लिए उनके परिवारों को मुआवजा देना हमारी सरकार का कर्तव्य है, क्योंकि उन्होंने हमारे गुरु साहिब के सम्मान को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
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