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गोशाला : सरकार ने भूमि की आवंटित, जल्द बनेगा गो अनुसंधान केंद्र, हरियाणा गो सेवा आयोग के चेयरमैन ने दी जानकारी
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पंचकूला। हरियाणा गो सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग ने बताया कि सुखदर्शनपुर में राज्य सरकार द्वारा भूमि आवंटित कर दी गई है। शीघ्र ही यहां गो अनुसंधान केंद्र स्थापित कर दिया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश की 558 पंजीकृत गोशालाओं के गोवंश के चारे के लिए दूसरी किस्त के रूप में 13 करोड़ 6 लाख 75 हजार 500 रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। इसमें पंचकूला की 12 गोशालाओं के लिए 15 लाख 39 हजार 100 रुपये की राशि शामिल है।
उन्होंने बताया कि यह राशि सीधे गोशालाओं के खाते में जमा करवाई गई है। श्रवण गर्ग मंगलवार को पंचकूला के सेक्टर-22 स्थित हरियाणा गो सेवा आयोग के कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर हरियाणा गो सेवा आयोग के सचिव डॉ. चिरंतन कादियान भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गोपाष्टमी पर कामधेनु गोशाला पिंजौर में आयोजित कार्यक्रम में सुखदर्शनपुर में गो अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की घोषणा की थी। अब इसके लिए भूमि भी आवंटित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस अनुसंधान केंद्र में गोवंश नस्ल सुधार के साथ-साथ गाय के गोबर और मूत्र पर अनुसंधान करके विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाएंगे ताकि गोशालाओं को और स्वावलंबी बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि पिछले सरकार के कार्यकाल में गो सेवा आयोग का गठन तो हुआ परंतु गोवंश के संवर्धन और संरक्षण पर कोई कार्य नहीं किया गया। वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही राज्य सरकार द्वारा हरियाणा गौ वंश संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम 2015 लागू किया गया। इसके सकारात्मक परिणाम नजर आ रहे हैं। इसी अधिनियम के आधार पर राज्यस्तरीय और जिलास्तरीय ‘काउ टास्क फोर्स’ का गठन किया गया है, जिसने कार्य करना शुरू कर दिया है। इस मौके पर उन्होंने गाय के गोबर से निर्मित पेंट, गमले और होली के रंग को प्रदर्शित किया।
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उन्होंने बताया कि यह राशि सीधे गोशालाओं के खाते में जमा करवाई गई है। श्रवण गर्ग मंगलवार को पंचकूला के सेक्टर-22 स्थित हरियाणा गो सेवा आयोग के कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर हरियाणा गो सेवा आयोग के सचिव डॉ. चिरंतन कादियान भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गोपाष्टमी पर कामधेनु गोशाला पिंजौर में आयोजित कार्यक्रम में सुखदर्शनपुर में गो अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की घोषणा की थी। अब इसके लिए भूमि भी आवंटित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस अनुसंधान केंद्र में गोवंश नस्ल सुधार के साथ-साथ गाय के गोबर और मूत्र पर अनुसंधान करके विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाएंगे ताकि गोशालाओं को और स्वावलंबी बनाया जा सके।
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उन्होंने कहा कि पिछले सरकार के कार्यकाल में गो सेवा आयोग का गठन तो हुआ परंतु गोवंश के संवर्धन और संरक्षण पर कोई कार्य नहीं किया गया। वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही राज्य सरकार द्वारा हरियाणा गौ वंश संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम 2015 लागू किया गया। इसके सकारात्मक परिणाम नजर आ रहे हैं। इसी अधिनियम के आधार पर राज्यस्तरीय और जिलास्तरीय ‘काउ टास्क फोर्स’ का गठन किया गया है, जिसने कार्य करना शुरू कर दिया है। इस मौके पर उन्होंने गाय के गोबर से निर्मित पेंट, गमले और होली के रंग को प्रदर्शित किया।
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