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वाहन टैक्स की फर्जी रसीद काटने वाले गैंग का पर्दाफाश

Thu, 21 Jan 2021 02:20 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 21 Jan 2021 02:20 AM IST
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Gang busted who made  bogus tax recepets for vehicle
जानकारी लेते हुए आरटीए विभाग के अधिकारी। - फोटो : PKL OFFICE
पिंजौर। ऑनलाइन मोटर व्हीकल टैक्स की फर्जी रसीद काटकर सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले 5 सदस्यीय गैंग का आरटीए विभाग पंचकूला ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने आरोपी उधम सिंह, विकास, भरत सिंह, नीरज, राकेश निवासी महरोला जिला पलवल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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मामले में शिकायतकर्ता आरटीए कार्यालय के एमवीओआई निरीक्षक जोगिंदर सिंह ने बताया कि कई दिन से चेकिंग के दौरान सामने आ रहा था कि वाहन चालकों के पास टैक्स जमा करने की रसीद तो होती थी परंतु जब सरकारी साइट पर ऑनलाइन चेक किया जाता था तो टैक्स जमा नहीं होता था। उनके पास कई दिन से ऐसी शिकायतें आ रही थीं।
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शिकायतकर्ता जोगिंद्र सिंह ने बताया कि 8 जनवरी की रात आरोपियों के पिंजौर-बद्दी रोड पर गांव मढ़ावाला, नवानगर स्थित टैक्स कलेक्शन प्वाइंट पर पहुंच कर छानबीन की गई। मौके पर पांचों आरोपियों के अलावा एक अन्य लड़का आकाश निवासी गांव मलालपुर जिला पलवल भी था। जांच के दौरान आरोपी राकेश व नीरज तो वहां से खिसक गए जबकि उधम सिंह, विकास, भरत सिंह को पकड़ लिया गया। उनके पास से लैपटॉप, प्रिंटर व मोबाइल फोन बरामद किया गया। जोगिंद्र सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
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पुरानी रसीदों को एडिट कर करते थे जालसाजी
एक कर्मचारी ने बताया कि आरोपियों ने कुछ दिन पहले ही उसे नौकरी पर रखा है। आरोपियों का उसके गांव में भी ऑनलाइन टैक्स कलेक्शन का कार्यालय है। उसने बताया कि साइट पर जाकर वाहन नंबर की पहले से कटी हुई रसीद को मोजिला सॉफ्टवेयर की मदद से एडिट करके वाहन चालक को फर्जी मोटर व्हीकल टैक्स रसीद दे देते थे और वाहन चालक द्वारा दिए टैक्स, सर्विस चार्ज के पैसे अपने पास ही रख लेते थे। यह काम नीरज और राकेश करते थे।

आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान हो रहे थे वाहन चालक
पीड़ित वाहन चालक नरेश कुमार निवासी जिला मंडी हिमाचल प्रदेश ने बताया कि उन्होंने हरियाणा में आते ही व्हीकल टैक्स जमा करवा दिया परंतु जब वह चंडीमंदिर के समीप पहुंचा तो उसकी गाड़ी की चेकिंग की गई तो ऑनलाइन टैक्स जमा नहीं था। अधिकारी ने उसका टैक्स न जमा करवाने का 20 हजार का चालान कर दिया और उसकी गाड़ी भी कब्जे में ले ली। नरेश कुमार ने बताया कि इसमें उसकी क्या गलती है उसने तो नियमों के अनुसार टैक्स जमा करवाया था। अगर ऐसा फर्जीवाड़ा हो रहा है तो उस पर कार्रवाई करना प्रशासन का काम है। उसने कहा कि चालान के 20 हजार रुपये के अलावा दोबारा टैक्स जमा करने के बाद विभाग ने उसकी गाड़ी उसके सुपुर्द की। इससे उसे मानसिक परेशानी का सामना तो करना ही पड़ा साथ साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।
पुलिस बोली-जांच के बाद करेंगे गिरफ्तारी
मामले के जांच अधिकारी प्रताप सिंह ने बताया कि पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच के बाद इन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
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