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धोखाधड़ी : प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की आईडी और कंप्यूटर को हैक कर 88 लोगों के खातों में डाले पांच-पांच हजार रुपये
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पंचकूला। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की आईडी हैक कर मोरनी ब्लाक के 88 फर्जी लाभार्थियों के खातों में एकमुश्त पांच-पांच हजार रुपये डालने का मामला सामने आया है। साइबर हैकर्स द्वारा कंप्यूटर और आईडी को हैक कर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। जांच में पता चला है कि इस मामले के फार्म भी संबंधित क्षेत्र के केंद्र से नहीं भरे गए थे। यह फार्म हैकर्स द्वारा साइट को हैक कर भरा गया। चंडीमंदिर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत में मोरनी की महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी डॉ. सविता ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत डाटा एंट्री ऑपरेटर को और डब्ल्यूसीडीपीओ को आईडी प्रदान की गई है। इसमें डाटा एंट्री ऑपरेटर की तरफ से जिसमें गर्भवती महिला को पहला बच्चा होने पर तीन किश्तों में पांच हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है। यह राशि डब्ल्यूसीडीपीओ से मंजूर होने के बाद लाभार्थी के खाते में आती है। हैकर्स ने यह आईडी हैक कर ली। इसके बाद 88 फर्जी लाभार्थियों के खातों में यह राशि मंजूर करके डाल दी गई है। जब इसे चेक किया गया तो इस मामले के फार्म जिया आंगनबाड़ी केंद्रों से भरे दिखाया गया।
जांच करने पर पता चला कि जिया आंगनबाड़ी केंद्र से इसे नहीं भरा गया है। यह रकम भी किसी सुपरवाइजर और डब्ल्यूसीडीपीओ द्वारा मंजूर नहीं की गई। इस स्कीम का फायदा एक बार में ही दे दिया गया, जबकि यह लोगों के खातों में तीन बार में भेजा जाता है। चंडीमंदिर थाना पुलिस ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विभाग से सभी कागजात मांगे गए हैं। इसमें जो भी आरोपी होगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस को दी गई शिकायत में मोरनी की महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी डॉ. सविता ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत डाटा एंट्री ऑपरेटर को और डब्ल्यूसीडीपीओ को आईडी प्रदान की गई है। इसमें डाटा एंट्री ऑपरेटर की तरफ से जिसमें गर्भवती महिला को पहला बच्चा होने पर तीन किश्तों में पांच हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है। यह राशि डब्ल्यूसीडीपीओ से मंजूर होने के बाद लाभार्थी के खाते में आती है। हैकर्स ने यह आईडी हैक कर ली। इसके बाद 88 फर्जी लाभार्थियों के खातों में यह राशि मंजूर करके डाल दी गई है। जब इसे चेक किया गया तो इस मामले के फार्म जिया आंगनबाड़ी केंद्रों से भरे दिखाया गया।
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जांच करने पर पता चला कि जिया आंगनबाड़ी केंद्र से इसे नहीं भरा गया है। यह रकम भी किसी सुपरवाइजर और डब्ल्यूसीडीपीओ द्वारा मंजूर नहीं की गई। इस स्कीम का फायदा एक बार में ही दे दिया गया, जबकि यह लोगों के खातों में तीन बार में भेजा जाता है। चंडीमंदिर थाना पुलिस ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विभाग से सभी कागजात मांगे गए हैं। इसमें जो भी आरोपी होगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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