फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Four-way waste segregation to save Alipur dumping ground; waste burden to drop by 40%

Panchkula News: कूड़े के चार तरह के सेग्रीगेशन से बचेगा अलीपुर डंपिंग ग्राउंड, 40% कचरे का बोझ होगा कम

Mon, 12 Oct 2026 02:18 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 02:18 AM IST
विज्ञापन
Four-way waste segregation to save Alipur dumping ground; waste burden to drop by 40%
पंचकूला। अलीपुर डंपिंग ग्राउंड में कूड़े का पहाड़ बनने से रोकने के लिए अब नगर निगम चार तरह के कूड़े के सेग्रीगेशन की तैयारी में है। अभी तक सिर्फ गीला-सूखा कचरा अलग किया जा रहा था, लेकिन नए सिस्टम में कचरे को चार श्रेणियों में बांटा जाएगा। इससे आने वाले समय में अलीपुर में कूड़े की क्षमता पर सीधा असर पड़ेगा। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, नए नियमों के तहत हर घर से चार तरह का कचरा अलग-अलग लिया जाएगा।
विज्ञापन

अभी पंचकूला शहर से 200 टन कचरा रोज एकत्रित किया जाता है। नया सिस्टम लागू होने के बाद अलीपुर पर रोज का बोझ 200 टन से घटकर 40-50 टन रह जाएगा। यानी अलिपुर में डंपिंग ग्राउंड पर पड़ रहे 40 प्रतिशत कचरे का बोझ कम हो जाएगा। इससे डंपिंग ग्राउंड की लाइफ 3-4 साल से बढ़कर 12-15 साल हो जाएगी और कूड़े से उठने वाली बदबू और आग की घटनाएं भी 80% तक कम होंगी। उधर, सरकार की वेस्ट से बिजली बनाने की प्लानिंग है। दो साल में अंबाला कलस्टर के अंतर्गत आते पंचकूला सहित अन्य क्षेत्रों से रोज निकलने वाले वेस्ट के लिए एनर्जी प्लांट लगाया जाएगा। इससे कहीं भी डंप होने वाले कूड़े की समस्या से पूरी तरह छुटकारा मिल सकेगा।
विज्ञापन


ऐसे हो रही 200 टन कचरे की प्लानिंग

गीला कचरा - 55%: सब्जी-फलों के छिलके, बचा हुआ खाना। यह सबसे ज्यादा है। इससे खाद बनेगी।

सूखा कचरा - 30%: प्लास्टिक, कागज, गत्ता, कांच, धातु। यह रीसाइकिल होकर एमआरएफ सेंटर में जाएगा।

सेनेटरी वेस्ट - 10%: डायपर, सेनेटरी नैपकिन, पट्टियां, मास्क। इसे अलग पीले बैग में लेना होगा।

घरेलू हानिकारक कचरा - 5%: पेंट, कीटनाशक, ट्यूबलाइट, बैटरी, दवाइयां, केमिकल।



यदि चार तरह का सेग्रीगेशन 100% लागू हो गया तो -

- गीला कचरा (55%) सीधे कंपोस्ट प्लांट में जाएगा, लैंडफिल में नहीं।

- सूखा कचरा (30%) रीसाइकिल हो जाएगा।

- सिर्फ 15% सेनेटरी और हानिकारक कचरा ही प्रोसेस होगा।



निगम की तैयारी

- घर-घर में चार डस्टबिन: अभी दो डस्टबिन दिए गए हैं, अब चार रंग के डस्टबिन - हरा (गीला), नीला (सूखा), पीला (सेनेटरी), लाल/काला (हानिकारक) देने होंगे।

- कलेक्शन गाड़ियों में चार चैंबर: मौजूदा गाड़ियों में दो ही खाने हैं, उन्हें चार चैंबर वाली बनाना होगा या चार बार कलेक्शन करना होगा।

- एमआरएफ और कंपोस्ट प्लांट का विस्तार किया जाएगा। अभी अलिपुर में मैनुअल तरीके से वेस्ट को सेग्रिगेट किया जाता है। इन्सिनरेटर और हानिकारक के लिए होगी अलग स्टोरेज शेड।
विज्ञापन
विज्ञापन


- सफाई कर्मचारियों की ट्रेनिंग: कर्मचारियों को चार तरह के कचरे की पहचान और हैंडलिंग की ट्रेनिंग देनी होगी, खासकर सेनेटरी और हानिकारक कचरे के लिए ग्लव्स-किट।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed