{"_id":"6a14b508250ff057a703e9b0","slug":"forest-guard-from-morni-pinjore-suspended-in-khair-smuggling-case-panchkula-news-c-87-1-pan1001-136831-2026-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: खैर की तस्करी मामले में मोरनी पिंजौर के वन दरोगा निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: खैर की तस्करी मामले में मोरनी पिंजौर के वन दरोगा निलंबित
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोरनी-पिंजौर संभाग के वन दरोगा अजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों के अवैध कटान को रोकने में विफल रहने, ड्यूटी में लापरवाही बरतने और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप हैं। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उप वन संरक्षक कार्यालय, कुरुक्षेत्र निर्धारित किया गया है। अवैध कटान के इस मामले को 19 मई के माई सिटी संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसके बाद हरियाणा के मुख्य वन संरक्षक केसी मीना ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। जांच के आधार पर वन संरक्षक (उत्तरी परिमंडल, अंबाला) जितेंद्र अहलावत ने निलंबन आदेश जारी किए।
जानकारी के अनुसार 17 मई 2026 को भवाना बीट के अंतर्गत गांव जैथल के पास सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों के अवैध कटान और छिलाई का मामला सामने आया था। वन राजिक अधिकारी (आरओ) पिंजौर के मौके पर पहुंचने पर बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान पहुंचा हुआ मिला।
जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वन दरोगा अजीत सिंह को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचे। साथ ही तस्करों की घेराबंदी या कार्रवाई के लिए भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। हरियाणा वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोरनी-पिंजौर संभाग के वन दरोगा अजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों के अवैध कटान को रोकने में विफल रहने, ड्यूटी में लापरवाही बरतने और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप हैं। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उप वन संरक्षक कार्यालय, कुरुक्षेत्र निर्धारित किया गया है। अवैध कटान के इस मामले को 19 मई के माई सिटी संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसके बाद हरियाणा के मुख्य वन संरक्षक केसी मीना ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। जांच के आधार पर वन संरक्षक (उत्तरी परिमंडल, अंबाला) जितेंद्र अहलावत ने निलंबन आदेश जारी किए।
जानकारी के अनुसार 17 मई 2026 को भवाना बीट के अंतर्गत गांव जैथल के पास सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों के अवैध कटान और छिलाई का मामला सामने आया था। वन राजिक अधिकारी (आरओ) पिंजौर के मौके पर पहुंचने पर बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान पहुंचा हुआ मिला।
विज्ञापन
जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वन दरोगा अजीत सिंह को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचे। साथ ही तस्करों की घेराबंदी या कार्रवाई के लिए भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन