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दो माह से अटकी 17.90 लाख बुजुर्गों की पेंशन
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चंडीगढ़। हरियाणा में 17.90 लाख बुजुर्गों को दो माह से सम्मान भत्ता राशि (बुढ़ापा पेंशन) का इंतजार है। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से आय की जांच और बैंकों के विलय के कारण बुजुर्गों को दिसंबर और जनवरी माह की राशि नहीं मिल पाई है। वहीं, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री का दावा है कि आगामी एक दो दिन में पेंशन खातों में आ जाएगी।
हरियाणा सरकार प्रति माह बुजुर्गों को 2500 रुपये सम्मान भत्ता देती है। पिछले दो माह से बुजुर्गों की पेंशन अटकी हुई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बैंकों को विलय के कारण बैंकों के आईएफएससी कोड बदलने के कारण समय पर पेंशन नहीं दी जा सकी। इसके अलावा, सालाना अधिक आय वालों की भी जांच की गई है, इसके चलते पेंशन देने में देरी हुई है। अब लगभग सभी के खाते अपडेट कर लिए गए हैं और जल्द राशि जारी की जाएगी।
गौरतलब है कि साढ़े तीन लाख सालाना आय वाले 26 हजार बुजुर्गों की पेंशन काटी जा चुकी है। ये 26 हजार वे लोग हैं, जिन्होंने पीपीपी में खुद अपनी आय साढ़े तीन लाख से ऊपर दर्शाई है। विभाग की ओर से संबंधित केवल बुजुर्ग और उसके स्पाउस की आय देखी है, पूरे परिवार की नहीं।
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कुछ बैंकों के मर्ज होने के कारण खातों में पेंशन डालने को लेकर दिक्कतें आई हैं। अब पीपीपी से पूरा रिकार्ड और खाते अपडेट कर लिए लिए गए हैं। आगामी एक से दो दिन में पेंशन बुजुर्गों के खाते में डाली जाएगी। - ओमप्रकाश यादव, मंत्री, सामाजिक कल्याण विभाग।
कांग्रेस शासित प्रदेशों से अधिक पेंशन दे रहा हरियाणा
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार द्वारा बुढ़ापा पेंशन समय पर दी जा रही है और पेंशन को खत्म नहीं किया जा रहा। हरियाणा की अपेक्षा कांग्रेस शासित पंजाब में बुजुर्गों को केवल 1500 रुपये पेंशन मिलती है। दिल्ली में बुजुर्गों को करीब 2000 रुपये बतौर पेंशन मिलते हैं। वहीं राजस्थान में यह पेंशन 750 से 1000 रुपये तक है, जबकि हरियाणा में 2500 रुपये दिए जा रहे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा में पिछले सात साल में ना केवल सामाजिक पेंशन में ढाई गुना बढ़ोतरी की है, बल्कि पेंशन भोगियों की संख्या भी 2015 के मुकाबले दोगुनी हो गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विजन है कि प्रदेश में 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर वृद्धावस्था पेंशन खुद ब खुद लग जाएगी। जिन लोगों के पास जन्मतिथि का कोई साक्ष्य नहीं है, उनकी जन्मतिथि को सत्यापित किया जाएगा। इसके लिए अपनाई जाने वाली प्रणाली पर सरकार जल्द विचार करेगी।
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हरियाणा सरकार प्रति माह बुजुर्गों को 2500 रुपये सम्मान भत्ता देती है। पिछले दो माह से बुजुर्गों की पेंशन अटकी हुई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बैंकों को विलय के कारण बैंकों के आईएफएससी कोड बदलने के कारण समय पर पेंशन नहीं दी जा सकी। इसके अलावा, सालाना अधिक आय वालों की भी जांच की गई है, इसके चलते पेंशन देने में देरी हुई है। अब लगभग सभी के खाते अपडेट कर लिए गए हैं और जल्द राशि जारी की जाएगी।
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गौरतलब है कि साढ़े तीन लाख सालाना आय वाले 26 हजार बुजुर्गों की पेंशन काटी जा चुकी है। ये 26 हजार वे लोग हैं, जिन्होंने पीपीपी में खुद अपनी आय साढ़े तीन लाख से ऊपर दर्शाई है। विभाग की ओर से संबंधित केवल बुजुर्ग और उसके स्पाउस की आय देखी है, पूरे परिवार की नहीं।
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कुछ बैंकों के मर्ज होने के कारण खातों में पेंशन डालने को लेकर दिक्कतें आई हैं। अब पीपीपी से पूरा रिकार्ड और खाते अपडेट कर लिए लिए गए हैं। आगामी एक से दो दिन में पेंशन बुजुर्गों के खाते में डाली जाएगी। - ओमप्रकाश यादव, मंत्री, सामाजिक कल्याण विभाग।
कांग्रेस शासित प्रदेशों से अधिक पेंशन दे रहा हरियाणा
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार द्वारा बुढ़ापा पेंशन समय पर दी जा रही है और पेंशन को खत्म नहीं किया जा रहा। हरियाणा की अपेक्षा कांग्रेस शासित पंजाब में बुजुर्गों को केवल 1500 रुपये पेंशन मिलती है। दिल्ली में बुजुर्गों को करीब 2000 रुपये बतौर पेंशन मिलते हैं। वहीं राजस्थान में यह पेंशन 750 से 1000 रुपये तक है, जबकि हरियाणा में 2500 रुपये दिए जा रहे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा में पिछले सात साल में ना केवल सामाजिक पेंशन में ढाई गुना बढ़ोतरी की है, बल्कि पेंशन भोगियों की संख्या भी 2015 के मुकाबले दोगुनी हो गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विजन है कि प्रदेश में 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर वृद्धावस्था पेंशन खुद ब खुद लग जाएगी। जिन लोगों के पास जन्मतिथि का कोई साक्ष्य नहीं है, उनकी जन्मतिथि को सत्यापित किया जाएगा। इसके लिए अपनाई जाने वाली प्रणाली पर सरकार जल्द विचार करेगी।