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हवारा मामला : समय मांगने पर पंजाब सरकार पर पांच हजार जुर्माना, देशद्रोह मामले में अग्रिम जमानत के लिए दाखिल की है याचिका

Sun, 01 May 2022 01:39 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 01 May 2022 01:39 AM IST
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Five thousand fine on Punjab government for repeatedly asking for time
चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे जगतार सिंह हवारा द्वारा सोहाना में देशद्रोह और अन्य धाराओं में दर्ज मामले में अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर बार-बार जवाब के लिए समय मांगना पंजाब सरकार को भारी पड़ गया। बार-बार समय मांगने के चलते हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। यह राशि पीजीआई पुअर पेशेंट फंड में जमा करवानी होगी।
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 1995 में बम धमाके के जरिए हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जगतार सिंह हवारा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हवारा इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में सजा काट रहा है। इसके बाद जगतार सिंह हवारा के खिलाफ मोहाली के सोहाना पुलिस थाने में 13 जून 1998 को देशद्रोह और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। हवारा ने बताया है कि सोहाना में दर्ज इस एफआईआर की उसे जानकारी ही नहीं थी। तिहाड़ जेल में उसे यह सूचना मिली जिसके बाद 2019 में मोहाली जिला अदालत में अर्जी दायर कर उसने इस केस के स्टेटस की जानकारी मांगी थी, यह अर्जी अभी तक लंबित है। इस एफआईआर के अन्य छह आरोपी बरी हो चुके हैं।
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जिला अदालत में मांग कर दी थी खारिज
इस केस में याचिकाकर्ता से कोई रिकवरी भी नहीं की जा जानी है। हवारा ने पहले इस मामले में मोहाली की जिला अदालत से अग्रिम जमानत मांगी थी। मार्च 2021 में जिला अदालत ने उनकी मांग को खारिज कर दिया गया था। जिला अदालत से याचिका खारिज होने के बाद याची को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। इस मामले में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा था। इस बार भी जवाब के लिए पंजाब सरकार ने मोहलत मांगी। हाईकोर्ट ने कहा पहले दो बार सरकार ने समय मांगा और अब एक एसआई को मोहाली से भेजा गया सिर्फ यह बताने के लिए कि जवाब तैयार नहीं है। इस रवैये को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। लिहाजा हाईकोर्ट ने सरकार को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने के आदेश देते हुए 50 हजार रुपये जुर्माना लगा दिया है।
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