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Panchkula News: जीएमसीएच की लिफ्ट में डॉक्टर समेत पांच लोग 30 मिनट तक फंसे
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चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 की लिफ्ट में शनिवार रात करीब 8:30 बजे पांच लोग 30 मिनट तक फंसे रहे। इस दौरान लोगों की सांस फूलने लगी और उन्हें बीपी की समस्या भी हो गई। डॉक्टर संगीता ने बताया कि चौथे और पांचवें फ्लोर के बीच अचानक लिफ्ट रुक गई है।
उन्होंने बताया कि करीब 30 से 35 मिनट के बीच लिफ्ट ठहर गई थी। इसमें उनका 8 साल का बेटा और तीन अन्य लोग शामिल थे। डॉंक्टर संगीता निजी प्रैक्टिस करती हैं और अस्पताल की 5वीं मंजिल पर उनके पिता दाखिल हैं। वह उनको देखने के लिए अपने बेटे के साथ गई थीं। चार फ्लोर तक लिफ्ट सही चल रही थी, लेकिन पांचवीं से पहले वह रुक गई।
लिफ्ट के सामने दीवार होने से आई समस्या
उन्होंने बताया कि इसकी सूचना लिफ्ट में लगे इमरजेंसी स्विच के माध्यम से अस्पताल प्रशासन को दी गई। कंरीब 15 मिनट वहां पर लोगों को आने में लगे। 15 से 20 लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन लिफ्ट जहां फंसी थी वहां सामने दीवार होने की वजह से समस्या आ रही थी।
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मोबाइल की रोशनी में समस्या गुजारा
उन्होंने बताया कि एक समय के बाद लिफ्ट की लाइट भी बंद हो गई। इसके बाद उसमें मौजूद लोगों ने मोबाइल की रोशनी में समय गुजारा। हालांकि अस्पताल प्रशासन के लोग लगातार बात कर रहे थे और सभी लोगों को थोड़ी दूरी बनाकर बैठने की सलाह दी गई। संगीता ने बताया कि उनके साथ 8 साल का बेटा था और उसको लेकर वह काफी डर गई थीं। उनका बीपी भी हाई हो गया था।
इस दौरान लिफ्ट में फंसे सभी लोग घबराए हुए थे, लेकिन राहत की बात रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। सभी लोग इतने डरे थे कि लिफ्ट से बाहर निकलते ही तेज सांस लेने लगे। हालांकि अस्पताल में अचानक लिफ्ट खराब होने के मामले में वहां का प्रशासन अभी शांति बनाए हुए है।
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उन्होंने बताया कि करीब 30 से 35 मिनट के बीच लिफ्ट ठहर गई थी। इसमें उनका 8 साल का बेटा और तीन अन्य लोग शामिल थे। डॉंक्टर संगीता निजी प्रैक्टिस करती हैं और अस्पताल की 5वीं मंजिल पर उनके पिता दाखिल हैं। वह उनको देखने के लिए अपने बेटे के साथ गई थीं। चार फ्लोर तक लिफ्ट सही चल रही थी, लेकिन पांचवीं से पहले वह रुक गई।
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लिफ्ट के सामने दीवार होने से आई समस्या
उन्होंने बताया कि इसकी सूचना लिफ्ट में लगे इमरजेंसी स्विच के माध्यम से अस्पताल प्रशासन को दी गई। कंरीब 15 मिनट वहां पर लोगों को आने में लगे। 15 से 20 लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन लिफ्ट जहां फंसी थी वहां सामने दीवार होने की वजह से समस्या आ रही थी।
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मोबाइल की रोशनी में समस्या गुजारा
उन्होंने बताया कि एक समय के बाद लिफ्ट की लाइट भी बंद हो गई। इसके बाद उसमें मौजूद लोगों ने मोबाइल की रोशनी में समय गुजारा। हालांकि अस्पताल प्रशासन के लोग लगातार बात कर रहे थे और सभी लोगों को थोड़ी दूरी बनाकर बैठने की सलाह दी गई। संगीता ने बताया कि उनके साथ 8 साल का बेटा था और उसको लेकर वह काफी डर गई थीं। उनका बीपी भी हाई हो गया था।
इस दौरान लिफ्ट में फंसे सभी लोग घबराए हुए थे, लेकिन राहत की बात रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। सभी लोग इतने डरे थे कि लिफ्ट से बाहर निकलते ही तेज सांस लेने लगे। हालांकि अस्पताल में अचानक लिफ्ट खराब होने के मामले में वहां का प्रशासन अभी शांति बनाए हुए है।