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Panchkula News: 10वीं और 12वीं की नकली डीएमसी पकड़ाकर पांच लाख ठगे
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संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। 10वीं और 12वीं के दो विद्यार्थियों को ओपन बोर्ड की नकली डीएमसी देकर पांच लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। दोनों छात्रों को दिए डीएमसी के फर्जी होने का पता चला तो उन्होंने पैसे मांगे। आरोपियों ने दोनों छात्रों को जान से मारने की धमकी दी। चंडीमंदिर पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अंकुश, प्रवेश, संदीप और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, तूरो गांव निवासी प्रदीप कुमार ने शिकायत में बताया कि 2021 में वह दसवीं में फेल हो गया था। उसी दौरान उसकी मुलाकात बालदवाला गांव के अंकुश से हुई। अंकुश से उसने फेल होने की बात कही तो उसने भूपेंद्र सिंह की मदद से ओपन बोर्ड से दसवीं पास करवाने की बात कही। इसके बाद उसको अंकुश ने बिल्ला गांव के भूपेंद्र सिंह से मुलाकात करवाई। भूपेंद्र ने शिकायतकर्ता को 10वीं की परीक्षा ओपन बोर्ड से पास करवाकर डीएमसी मुहैया करवाने की बात कही। उसके बाद शिकायतकर्ता ने अपने चचेरे भाई विक्रम सिंह को भी 12वीं पास करवाने की बात कही। आरोपी द्वारा दोनों को 10वीं और 12वीं पास करवाने के बदले में चार लाख रुपये देने को कहा। इसके बाद अलग-अलग किश्तों में आरोपी को शिकायतकर्ता ने चार लाख रुपये दिए। 2021 अंत में आरोपियों ने शिकायतकर्ता से कहा कि अगर वह ओपन बोर्ड की परीक्षा नहीं देना चाहते हैं तो उसकी भी सेटिंग हो सकती है, लेकिन उसके बदले में एक लाख रुपये और देने होंगे। आरोपियों ने शिकायतकर्ता व उसके भाई को 10वीं और 12वीं की परीक्षा बिना परीक्षा दिए पास करवाने के नाम पर 2.40 लाख रुपये ले लिए। करीब दो माह बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर शिकायतकर्ता ने आरोपी को मोबाइल से कॉल कर सर्टिफिकेट देने को कहा। 25 मार्च 2022 को आरोपी ने शिकायतकर्ता व उसके चचेरे भाई को कॉल कर उसे डीएमसी दी और बकाया 2.60 लाख रुपये भी लिए। 28 मार्च को शिकायतकर्ता ने डीएमसी वेरिफाई करवाई तो वह फर्जी निकला। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी को कॉल कर पैसा वापस करने को कहा तो आरोपियों ने शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में शिकायतकर्ता ने पुलिस को शिकायत दी है।
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पुलिस के अनुसार, तूरो गांव निवासी प्रदीप कुमार ने शिकायत में बताया कि 2021 में वह दसवीं में फेल हो गया था। उसी दौरान उसकी मुलाकात बालदवाला गांव के अंकुश से हुई। अंकुश से उसने फेल होने की बात कही तो उसने भूपेंद्र सिंह की मदद से ओपन बोर्ड से दसवीं पास करवाने की बात कही। इसके बाद उसको अंकुश ने बिल्ला गांव के भूपेंद्र सिंह से मुलाकात करवाई। भूपेंद्र ने शिकायतकर्ता को 10वीं की परीक्षा ओपन बोर्ड से पास करवाकर डीएमसी मुहैया करवाने की बात कही। उसके बाद शिकायतकर्ता ने अपने चचेरे भाई विक्रम सिंह को भी 12वीं पास करवाने की बात कही। आरोपी द्वारा दोनों को 10वीं और 12वीं पास करवाने के बदले में चार लाख रुपये देने को कहा। इसके बाद अलग-अलग किश्तों में आरोपी को शिकायतकर्ता ने चार लाख रुपये दिए। 2021 अंत में आरोपियों ने शिकायतकर्ता से कहा कि अगर वह ओपन बोर्ड की परीक्षा नहीं देना चाहते हैं तो उसकी भी सेटिंग हो सकती है, लेकिन उसके बदले में एक लाख रुपये और देने होंगे। आरोपियों ने शिकायतकर्ता व उसके भाई को 10वीं और 12वीं की परीक्षा बिना परीक्षा दिए पास करवाने के नाम पर 2.40 लाख रुपये ले लिए। करीब दो माह बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर शिकायतकर्ता ने आरोपी को मोबाइल से कॉल कर सर्टिफिकेट देने को कहा। 25 मार्च 2022 को आरोपी ने शिकायतकर्ता व उसके चचेरे भाई को कॉल कर उसे डीएमसी दी और बकाया 2.60 लाख रुपये भी लिए। 28 मार्च को शिकायतकर्ता ने डीएमसी वेरिफाई करवाई तो वह फर्जी निकला। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी को कॉल कर पैसा वापस करने को कहा तो आरोपियों ने शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में शिकायतकर्ता ने पुलिस को शिकायत दी है।
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