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Panchkula News: नहरी पानी के मुद्दे पर 5 को मोहाली में जुटेंगे किसान
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चंडीगढ़। किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल की अध्यक्षता में बुधवार को किसान भवन में पांच किसान संगठनों की अहम बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि नहरी पानी की समस्या को लेकर 5 अगस्त को अंब साहिब गुरुद्वारा मोहाली से एक विशाल रैली की जाएगी। वहीं, मणिपुर हिंसा के विरोध में भी प्रस्ताव पास किया गया। साथ ही वहां की सरकार को बर्खास्त करने की मांग उठाई गई। बैठक में बाढ़ प्रभावित उन लोगों के प्रति गंभीर चिंता और गहरी सहानुभूति व्यक्त की गई जिनकी फसलों, घरों और यहां तक कि जानमाल को भारी नुकसान हुआ है। बैठक में सरकार की आलोचना की गई जो प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के दौरान लोगों की मदद के लिए आगे नहीं आई।
किसान नेताओं ने कहा कि यह केवल प्रकृति की रचना नहीं है बल्कि मानव निर्मित भी है। अब तक बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कोई मुआवजे की घोषणा नहीं की गई है। 6000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने धान की क्षतिग्रस्त फसल के लिए प्रति एकड़ 50000 रुपये, नष्ट हुए घर के लिए 4 लाख रुपये, जान गंवाने वाले प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपये और श्रमिकों के प्रति परिवार 20000 रुपये की मांग की। उन्होंने मानसून के मौसम की शुरुआत से पहले नदियों और नालों की सफाई नहीं करने के लिए सरकार की आलोचना की।
बैठक में मांग की गई कि संकट के इस समय में किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए क्योंकि केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में कॉरपोरेट घरानों का 15 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज माफ कर दिया है। अब खाद की भारी कमी हो गई है और किसान इसका इंतजार कर रहे हैं क्योंकि बाढ़ के कारण खपत कई गुना बढ़ गई है।
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किसान नेताओं ने कहा कि यह केवल प्रकृति की रचना नहीं है बल्कि मानव निर्मित भी है। अब तक बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कोई मुआवजे की घोषणा नहीं की गई है। 6000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने धान की क्षतिग्रस्त फसल के लिए प्रति एकड़ 50000 रुपये, नष्ट हुए घर के लिए 4 लाख रुपये, जान गंवाने वाले प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपये और श्रमिकों के प्रति परिवार 20000 रुपये की मांग की। उन्होंने मानसून के मौसम की शुरुआत से पहले नदियों और नालों की सफाई नहीं करने के लिए सरकार की आलोचना की।
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बैठक में मांग की गई कि संकट के इस समय में किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए क्योंकि केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में कॉरपोरेट घरानों का 15 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज माफ कर दिया है। अब खाद की भारी कमी हो गई है और किसान इसका इंतजार कर रहे हैं क्योंकि बाढ़ के कारण खपत कई गुना बढ़ गई है।
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