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Panchkula News: फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बना पाई नौकरी, सेवानिवृति के बाद जांच में हुआ खुलासा

Thu, 21 Dec 2023 01:46 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Dec 2023 01:46 AM IST
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Fake caste certificate was used to get job, investigation revealed after retirement
संवाद न्यूज एजेंसी
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पंचकूला। सरकारी विभाग में फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बनवाकर नौकरी पाने का मामला सामने आया है। महिला साल 2022 में उप अधीक्षक के पद से सेवानिवृत भी हो चुकी है। विभाग की जांच के बाद इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सेक्टर-5 पुलिस ने सहायक निदेशक कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सहायक निदेशक ने पुलिस को बताया कि बिमला बेगम निवासी अंबाला ने विभाग में 8 मार्च 1994 को आशु टंकण के पद पर कार्यग्रहण किया था। वे 31 जुलाई 2022 को उप-अधीक्षक के पद से स्वेच्छा से सेवानिवृत हो चुकी हैं। महिला के विरुद्ध गलत दस्तावेज तैयार करके गलत व गैर कानूनी तरीके से विभाग में स्टेनो के पद पर नौकरी प्राप्त करने और गलत व फर्जी दस्तावेज जाति प्रमाण-पत्र जमा करवाने के बारे में शिकायत दी गई थी। शिकायत की जांच करने पर सुरेंद्र कुमार, संयुक्त निदेशक (तकनीकी) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। उसमें बिमला बेगम जिला अंबाला के खिलाफ की गई शिकायत को सही बताया है। जांच रिपोर्ट में निदेशक ने अनुसूचित जाति एवं पिछड़ी जाति कल्याण विभाग द्वारा 28 अक्टूबर 1988 को जारी हिदायतों की प्रति भेजी है।
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निदेशक अनुसूचित जाति एवं पिछड़ी जाति कल्याण विभाग द्वारा 1988 को जारी हिदायतों के अनुसार अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र केवल उन्हीं को दिया जाना है जो हिंदू या सिख धर्म से संबंध रखता है, जबकि पिछड़े वर्ग के प्रमाण-पत्र जारी करने में धर्म की किसी प्रकार की बाधा नहीं है। बिमला बेगम द्वारा अनुसूचित जाति का गलत प्रमाण-पत्र बनवाकर अनुसूचित जाति के कोटे के पद के प्रति इस विभाग में 8 मार्च 1994 को आशु टंकण के पद पर कार्यग्रहण किया था।
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बिमला बेगम का मुस्लिम धर्म है और जुलाहा जाति है। महिला कर्मचारी का धर्म मुस्लिम होने के कारण उनके द्वारा अनुसूचित जाति का बनवाया प्रमाण-पत्र उचित नहीं है। जांच के बाद पुलिस में शिकायत दी गई है। पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है। सेक्टर-5 थाना एसएचओ रुपेश चौधरी ने बताया कि विभाग द्वारा शिकायत दी गई है। धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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