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कैबिनेट मीटिंग के दूसरे दिन भी आबकारी नीति पर नहीं हुआ फैसला

Sat, 09 May 2020 08:06 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 09 May 2020 08:06 PM IST
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Excise policy not decided on second day of cabinet meeting
पंजाब में शराब के ठेके बंद होने के चलते दो दिन तक लगातार कैबिनेट की मीटिंग की गई। बावजूद इसके मंत्रिमंडल में नीति में संभव बदलाव पर सहमति नहीं बन सकी। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में इस संबंध में शुक्रवार को मंथन किया गया लेकिन पुन: विचार के लिए आबकारी विभाग को नीति जांचने के आदेश देने के बाद शनिवार को दोबारा विचार विमर्श किया गया। इससे पूर्व माना जा रहा था कि पंजाब के अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपुर्ण बने इस फैसले पर कैबिनेट द्वारा जल्द ही संतुलित फैसला कर दिया जाएगा। ऐसा न होकर मामले को सोमवार तक टाल दिया गया। अब सोमवार को कैबिनेट की मीटिंग तीसरी बार होगी और विशेषकर आबकारी नीति पर फैसला होगा।
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इसके अलावा कैबिनेट के बीच श्रम नीति में बदलवा पर भी मंथन किया जाएगा। राज्य की अर्थव्यवस्था और उद्योग को फिर से पांव पर खड़ा करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा कोविड-19 के प्रभाव के मद्देनजर आबकारी नीति और श्रम कानून में बदलाव करने पर विचार कर रही है। आबकारी नीति के संबंध में कैबिनेट ने नीति और उसे लागू करने के लिए कोविड व लॉकडाउन के प्रभाव के संबंध में विस्तृत विवरण मांगे थे। आबकारी विभाग को इस संदर्भ में नीति को जांचने के आदेश दिए गए थे। मौजूदा स्थिति को असाधारण बताते हुए कैबिनेट ने महसूस किया है कि राज्य के आबकारी उद्योग को फिर पांव पर खड़ा करने, विशेषकर राजस्व के मॉडल को महत्ता देने के लिए सभी संभव संभावनाएं तलाशी जानी आवश्यक हैं। दरअसल, मोहाली व खरड़ के कुछ शराब के ठेकों के अलावा राज्य में ठेकेदारों द्वारा ठेके बंद रखे गए हैं। इसका कारण सरकार द्वारा ठेके खोलने के लिए महज चार घंटे का समय दिया जाना है। जबकि सरकार द्वारा ठेकेेदारों से लाइसेंस फीस पूरे वर्ष की ली गई हैं। इससे रोष व्याप्त ठेकेदार राज्य में शराब के ठेके बंद कर सरकार से फीस कम करने की मांग उठा चुके हैं। बहरहाल, मामले में अब सोमवार को कैबिनेट की मीटिंग के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसके बाद ही पता लग सकेगा कि पंजाब में शराब के ठेके खुलने कोई वैकल्पिक रास्ता निकलेगा या फिर कोई नया पेंच फंस सकता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उद्योग मंत्री को कामगारों के कल्याण और देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। औद्योगिक क्षेत्र द्वारा कामगारों को अपने साथ जोड़कर रखा जाए और कामगारों को पंजाब में रोकने पर ही ध्यान देने को भी कहा।
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