बढ़ रही साइबर ठगी: हरियाणा में रोजाना 600 लोग बन रहे शिकार, नए-नए तरीकों से लोगों को फंसाते हैं ठग
हरियाणा में बढ़ते साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक महीने के पहले बुधवार को साइबर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्कूल, कॉलेज, पंचायत और नगर पालिकाओं में 11-12 बजे जागरूकता बैठक करने को कहा है।
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हरियाणा में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रदेश में रोजाना औसतन 600 लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। इसके पीछे बड़ा कारण लोगों को साइबर अपराध की जानकारी कम होना और साइबर अपराधियों द्वारा लगातार ठगी के नए नए तरीके इजाद करना है। गिफ्ट का लालच और बिजली कनेक्शन काटने के चेतावनी भरे मैसेज भेजने के बाद अब अपराधी खुद दुकान मालिक बनकर दूसरे खातों में पैसे ट्रांसफर करा रहे हैं। साइबर अपराधियों के निशाने पर अधिकतर महिलाएं, बुजुर्ग, रिटायर्ड लोग और व्यापारी हैं।
पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि इन अपराधियों की ठगी का शिकार गैर शिक्षितों के साथ-साथ शिक्षित लोग भी हो रहे हैं। अधिकतर लोग लालच, डर या फिर किसी पर भी विश्वास कर लेने के चलते ठगी का शिकार होते हैं। पहले के मुकाबले अब डेबिट या क्रेडिट कार्ड बदलकर ठगी के मामले कम हुए हैं। लिंक भेजकर आनलाइन ठगी के बाद अब अपराधियों ने सीधे व्यापारियों के स्टाफ को फोन कर खुद को दुकान मालिक बता खातों में पैसे ट्रांसफर कराने का तरीका निकाला है। अंबाला जिले में ऐसा मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि हरियाणा में ठगी के अधिकतर मामले एनसीआर जिलों में हो रहे हैं। खासकर पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और मेवात में साइबर अपराध का प्रतिशत अधिक है। साइबर अपराधियों में मेवात के युवक अधिक शामिल हैं।
खुद को बताया ज्वेलरी शॉप मालिक, खाते में डलवाए 9.80 लाख
अंबाला जिले में अनजान व्यक्ति ने खुद को ज्वेलरी शॉप के मालिक ऋषि वर्मा बताते हुए उनके अकाउंटेंट से दुकान पर बात की और खाते में 9.80 लाख जमा करवाने को कहा। अकाउंटेंट ने पैसे खाते में जमा करवा दिए। जैसे ही इस बात की जानकारी ऋषि वर्मा को मिली तो उन्हें ठगने का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत 1930 पर संपर्क किया। राहत की बात ये है कि साइबर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रांजेक्शन को रोका और पैसे बच गए।
पुलिस मुख्यालय करेगा साइबर राहगीरी का आयोजन
हरियाणा में बढ़ते साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक महीने के पहले बुधवार को साइबर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्कूल, कॉलेज, पंचायत और नगर पालिकाओं में 11-12 बजे जागरूकता बैठक करने को कहा है। वहीं, पुलिस मुख्यालय ने जिला पुलिस को कहा है कि इस दिन विभागों और एनजीओ की मदद से साइबर राहगीरी का आयोजन कर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दें।
ये बरतें सावधानी
अपने बैंक खाते की जानकारी, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी को न दें। आपके फोन पर आने वाला ओटीपी किसी अनजान से शेयर न करें। किसी भी लिंक को क्लिक न करें और ना ही किसी कोड को स्कैन करें। अगर ठगी होती है तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें। हरियाणा में इस नंबर पर औसतन रोजाना 600 से अधिक कॉल आ रही हैं।
हरियाणा में राज्य अपराध शाखा बतौर साइबर नोडल एजेंसी काम कर रही है। 1930 नंबर पर शिकायत देते ही साइबर टीम तुरंत बैंक और भुगतान इंटरफेस से संपर्क साधती है और जिस भी खाते में अपराधी ने पैसे जमा करवाए है उन्हें तुरंत फ्रीज करवा दिया जाता है। इसके बाद मूल खाते में रुपये वापस करवा दिए जाते हैं। जनवरी से जुलाई तक 459 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दौरान 7 लाख रुपये रोजाना के हिसाब से करीब 11 करोड़ रुपये लोगों के बचाए हैं। - ओपी सिंह, एडीजीपी, राज्य अपराध शाखा।