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Chandigarh: केंद्रीय सेवा नियम अपनाने के बाद भी पुराने ढर्रे पर भर्तियां, केंद्र व चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस
Thu, 01 Jun 2023 05:15 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jun 2023 05:15 PM IST
सार
एएसआई की भर्ती को लेकर पत्र, एनएचएम के तहत विभिन्न पदों के लिए जारी विज्ञापन, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षकों के विभिन्न पदों का विज्ञापन, समग्र शिक्षा के तहत टीजीटी के 90 पद, बिजली विभाग में असिस्टेंट लाइनमैन के 53 पद और जूनियर ऑडिटर के विज्ञापित 29 पदों में नए सेवा नियमों की अनदेखी का याचिका में आरोप है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कर्मचारियों के लिए सेवा नियम 2022 लाकर पंजाब के स्थान पर केंद्रीय पैटर्न अपनाने के बावजूद नियुक्तियों के लिए जारी विज्ञापन में इसे लागू न करने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याची ने कहा कि नियमों की अनदेखी के चलते शहर में अनुसूचित जनजाति के लोगों को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है। हाईकोर्ट ने याचिका पर केंद्र सरकार व यूटी प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए मीणा ट्राइबल वेलफेयर एसोसिएशन ने एडवोकेट शालिनी सिंह व पवन के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के कर्मचारियों के लिए 29 मार्च 2022 को सर्विस नियम अधिसूचित किए थे। इन नियमों को चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से गजट में नोटिफाई भी किया गया और 1 अप्रैल 2022 से प्रभावी भी किया गया। इन नियमों के अनुसार चंडीगढ़ के कर्मचारियों की सेवाओं को पंजाब के स्थान पर केंद्रीय पैटर्न पर रखने का निर्णय लिया गया था।
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नियमों को अपनाने के बावजूद जो भी नियुक्तियां की जा रही हैं उनमें 2022 के सेवा नियमों का पालन नहींं किया जा रहा है। केंद्रीय नियमों को अपनाने से शहर में जो भी नियुक्तियां होती उसमें अनुसूचित जनजाति के लोगों को स्थान मिलता और उनका प्रतिनिधित्व होता जो पंजाब पैटर्न अपनाने के कारण नहीं हो पा रहा है।
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याचिका में 5 अगस्त 2022 के उस पत्र को खारिज करने की मांग की गई है जिसमें कार्मिक विभाग के सचिव ने प्रशासक के सलाहकार की मंजूरी का हवाला देते हुए 1 अप्रैल 2022 के नियमों को रोक दिया। इसमें कहा गया था कि सेंट्रल पैटर्न के साथ नए सेवा नियमों को लागू करना लंबी प्रक्रिया है ऐसे में नियमों के अंतिम रूप लेने तक 1 अप्रैल 2022 से पहले अपनाए जाने वाले पंजाब पैटर्न के अनुसार नियुक्तियां की जा सकती हैं।
इन भर्तियों का दिया गया हवाला
डीजीपी की ओर से एएसआई की भर्ती को लेकर पत्र, एनएचएम के तहत विभिन्न पदों के लिए जारी विज्ञापन, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षकों के विभिन्न पदों का विज्ञापन, समग्र शिक्षा के तहत टीजीटी के 90 पद, बिजली विभाग में असिस्टेंट लाइनमैन के 53 पद और जूनियर ऑडिटर के विज्ञापित 29 पदों में नए सेवा नियमों की अनदेखी का याचिका में आरोप है।