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डेढ़ करोड़ घोटाले के मामले में ईओ पर गिरी गाज, तबादला

Fri, 05 Feb 2021 02:11 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 05 Feb 2021 02:11 AM IST
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EO fell in the scam case of 1.5 crore, transferred
पंचकूला। नगर निगम के खाते से नियमों को दरकिनार कर निकाले करीब डेढ़ करोड़ रुपये के मामले में ईओ जरनैल सिंह पर गाज गिरी है। उनका तबादला तत्काल प्रभाव से पंचकूला से अंबाला कर दिया गया है, जबकि उनके स्थान पर कालका के ईओ अशोक कुमार को पंचकूला की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पंचकूला विकास मंच के सदस्य देवराज शर्मा ने बीते दिन ही ट्वीट कर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और निकाय मंत्री अनिल विज से कार्रवाई की मांग की थी।
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इतना ही नहीं इस मामले की जांच करके नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर संयम गर्ग ने भी रिपोर्ट निकाय मंत्रालय को भेजी थी। उधर, सेक्टर-5 थाना पुलिस डेढ़ करोड़ गबन मामले में जांच कर रही है। पुलिस ने अभी तक कई लोगों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
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नगर निगम के खाते से एक कांट्रेक्ट कर्मचारी ने जाली हस्ताक्षर कर सेक्टर-2 स्थित पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारियों के साथ मिलकर राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (नेशनल अर्बन लाइवलीहुड मिशन) की ग्रांट के तहत आई रकम में से करीब डेढ़ करोड़ रुपये अलग-अलग निजी खातों में डालकर घोटाले को अंजाम दिया था।
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बैंक को जो कागज आरटीजीएस करने के लिए दिए गए उसमें एक ही अधिकारी के हस्ताक्षर थे, जबकि नियमानुसार कम से कम दो अधिकारियों के हस्ताक्षर होने अनिवार्य हैं। पैसा ट्रांसफर करने के लिए सीनियर सरकारी अकाउंट ऑफिसर के हस्ताक्षर होने चाहिए थे। हैरानी की बात तो यह है कि आरटीजीएस के लिए दिए डॉक्यूमेंट पर किसी तरह की कटिंग नहीं होनी चाहिए लेकिन जो आरटीजीएस बैंक को दी गई उसमें कई जगह कटिंग की गई थी।
20 से 25 लोगों के खाते में पैसे हुए थे ट्रांसफर
बैंक द्वारा निगम को दी गई आरटीजीएस की डिटेल में खुलासा हुआ कि करीब एक करोड़ रुपये केवल एक ही हस्ताक्षर पर बैंक द्वारा करीब 20 से 25 लोगों के निजी अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं। जानकारी ये भी मिली कि जाली हस्ताक्षर करके पैसे ट्रांसफर करने का सिलसिला अक्तूबर 2019 में ही शुरू हो गया था। एक आरटीजीएस 5 से 6 लाख रुपये हुई थी।
पंचकूला विकास मंच ने की थी कार्रवाई की मांग
पंचकूला विकास मंच के सदस्य देवराज शर्मा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल, स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर और नगर निगम आयुक्त को इस मामले में 20 जनवरी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन जब अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया तो मंच के ही सदस्य राकेश अग्रवाल ने उच्चाधिकारियों को ट्वीट किया था। पत्र में देवराज शर्मा ने पूरे प्रकरण में नगर निगम के ईओ जरनैल सिंह पर आरोप लगाए थे। क्योंकि सभी आरटीजीएस पर ईओ के ही हस्ताक्षर थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि शिकायत के बाद पुलिस को हस्ताक्षर जांच करवाने के लिए लैब भेजना चाहिए था, जोकि आज तक नहीं भेजा गया।

इस मामले की जांच करके विस्तृत रिपोर्ट निकाय विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। पुलिस भी अपने स्तर पर पूरे प्रकरण की जांच गंभीरता से कर रही है। पुलिस ने केस दर्ज कर कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है, पैसों की रिकवरी भी की है। - संयम गर्ग, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम पंचकूला।
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