फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Encroached areas and slum settlements have become hotspots for dengue and malaria.

Panchkula News: अतिक्रमण वाले इलाके और झुग्गी बस्तियां बनीं डेंगू-मलेरिया का गढ़

Wed, 12 Aug 2026 02:02 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 02:02 AM IST
विज्ञापन
Encroached areas and slum settlements have become hotspots for dengue and malaria.
डेंगू-मलेरिया पर सख्ती, हाईरिस्क इलाकों में नोटिस और चालान की तैयारी
विज्ञापन

हाईरिस्क इलाकों में 1735 घरों की जांच, लारवा मिलने पर नोटिस; दोबारा लापरवाही पर होगा चालान
कालका, पिंजौर, सूरजपुर और घग्गर हट्स क्षेत्र स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले में डेंगू और मलेरिया के बढ़ते खतरे के बीच अतिक्रमण और झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाके सबसे बड़े हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में हाईरिस्क क्षेत्रों के 1735 घरों की जांच की गई है, जहां लारवा मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि दोबारा निरीक्षण में भी लापरवाही मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी।
जिला मलेरिया विभाग के अनुसार कालका के खेड़ा सीताराम, टिब्बी मोहल्ला, परेड मोहल्ला, खटीक मोहल्ला, पिंजौर की बिटना कॉलोनी, रथपुर कॉलोनी, विश्वकर्मा कॉलोनी, सूरजपुर का डीएलएफ और अमरावती क्षेत्र तथा ओल्ड पंचकूला के घग्गर हट्स डेंगू-मलेरिया के लिहाज से सबसे संवेदनशील क्षेत्र हैं।
विज्ञापन


नोटिस देखकर भाग रहे लोग

विभाग के अनुसार सूरजपुर, बसोला और घग्गर हट्स में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। यहां खुले कंटेनरों, कबाड़ के ढेर, स्टोरेज हाउस और कच्ची गलियों में जमा बरसाती पानी मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण बन रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान कई लोग नोटिस के डर से मौके से ही चले जाते हैं। ऐसे मामलों में दोबारा लारवा मिलने पर डिफाल्टरों की सूची नगर निगम को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


डेंगू के चार, मलेरिया के पांच मरीज मिले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक कालका में एक और सूरजपुर में तीन डेंगू पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। वहीं मलेरिया के पांच मामले भी सामने आए हैं। जुलाई माह में बुखार के मरीजों की 6300 स्लाइड जांच के लिए तैयार की गईं। मरीज मिलने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग और विशेष सर्वे अभियान तेज कर दिया गया है।

रोजाना 5 हजार घरों की जांच का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 1.50 लाख घरों की जांच का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए 32 बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता, 80 घरेलू ब्रीडर चेकर, आशा कार्यकर्ता और 12 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने, कूलर का पानी नियमित बदलने तथा साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई है।


नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई
जिला मलेरिया निरीक्षक जसबीर ने कहा कि डेंगू और मलेरिया के मामलों के पीछे साफ-सफाई में लापरवाही और खुले में पानी संग्रहित करना प्रमुख कारण है। विभाग की टीमें रोजाना करीब 5 हजार घरों का निरीक्षण कर रही हैं। नोटिस के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed