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Panchkula News: राहुल की बस यात्रा के बहाने कांग्रेसियों को एकजुट करने की कवायद तेज
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10 सितंबर के बाद पंजाब आने का राहुल गांधी को भेजा प्रस्ताव
बघेल, वड़िंग व बाजवा की दिल्ली में बैठक से दूर रहे चन्नी, रंधावा और परगट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के बीच पार्टी हाईकमान ने नेताओं को एकजुट करने की कवायद तेज की है। यह कवायद राहुल गांधी के पंजाब दौरे के जरिये की जा रही है। हाल ही में नई दिल्ली के अशोका होटल में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।
बैठक की अध्यक्षता पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने की। इसमें प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा मौजूद थे। बैठक में राहुल गांधी की पंजाब में प्रस्तावित बस यात्रा की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। इस यात्रा का प्रस्ताव राहुल गांधी के दल को भेजा गया है।
राहुल गांधी से 10 सितंबर के बाद पंजाब दौरे के लिए समय देने का आग्रह किया गया है। चर्चा हुई कि राहुल गांधी बस के जरिये पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच जाएंगे। दिल्ली में तैयार कांग्रेस की प्रचार बस को ही पंजाब लाने की तैयारी है। कांग्रेस चाहती है कि बस यात्रा के दौरान सभी प्रमुख नेता राहुल गांधी के साथ दिखें। इससे विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की एकजुट तस्वीर जनता के सामने रखी जा सकेगी।
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बैठक से अनुपस्थित नेता :
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी मौजूद नहीं थे। सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक परगट सिंह भी अनुपस्थित रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं को बैठक में बुलाया ही नहीं गया था। हालांकि, कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी के पंजाब पहुंचने पर विभिन्न गुटों के नेताओं से अलग-अलग बातचीत हो सकती है।
गुटबाजी और हाईकमान का रुख :
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में चल रहे मतभेदों पर इस बैठक में कोई ठोस चर्चा नहीं हुई। प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के बीच खींचतान और बगावत की रिपोर्टें राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तक पहुंच चुकी हैं। फिलहाल हाईकमान ने नेतृत्व में बदलाव को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। पार्टी प्रभारी बघेल ने पहले भी संकेत दिए हैं कि पंजाब संगठन में बदलाव के बजाय विस्तार पर जोर दिया जाएगा।
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बघेल, वड़िंग व बाजवा की दिल्ली में बैठक से दूर रहे चन्नी, रंधावा और परगट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के बीच पार्टी हाईकमान ने नेताओं को एकजुट करने की कवायद तेज की है। यह कवायद राहुल गांधी के पंजाब दौरे के जरिये की जा रही है। हाल ही में नई दिल्ली के अशोका होटल में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।
बैठक की अध्यक्षता पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने की। इसमें प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा मौजूद थे। बैठक में राहुल गांधी की पंजाब में प्रस्तावित बस यात्रा की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। इस यात्रा का प्रस्ताव राहुल गांधी के दल को भेजा गया है।
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राहुल गांधी से 10 सितंबर के बाद पंजाब दौरे के लिए समय देने का आग्रह किया गया है। चर्चा हुई कि राहुल गांधी बस के जरिये पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच जाएंगे। दिल्ली में तैयार कांग्रेस की प्रचार बस को ही पंजाब लाने की तैयारी है। कांग्रेस चाहती है कि बस यात्रा के दौरान सभी प्रमुख नेता राहुल गांधी के साथ दिखें। इससे विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की एकजुट तस्वीर जनता के सामने रखी जा सकेगी।
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बैठक से अनुपस्थित नेता :
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी मौजूद नहीं थे। सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक परगट सिंह भी अनुपस्थित रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं को बैठक में बुलाया ही नहीं गया था। हालांकि, कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी के पंजाब पहुंचने पर विभिन्न गुटों के नेताओं से अलग-अलग बातचीत हो सकती है।
गुटबाजी और हाईकमान का रुख :
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में चल रहे मतभेदों पर इस बैठक में कोई ठोस चर्चा नहीं हुई। प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के बीच खींचतान और बगावत की रिपोर्टें राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तक पहुंच चुकी हैं। फिलहाल हाईकमान ने नेतृत्व में बदलाव को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। पार्टी प्रभारी बघेल ने पहले भी संकेत दिए हैं कि पंजाब संगठन में बदलाव के बजाय विस्तार पर जोर दिया जाएगा।