फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Doctors' strike: Patients wandering throughout the day, no operation

डॉक्टरों की हड़ताल: दिनभर भटकते रहे मरीज, नहीं हुए ऑपरेशन

Wed, 12 Jan 2022 01:51 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 12 Jan 2022 01:51 AM IST
विज्ञापन
Doctors' strike: Patients wandering throughout the day, no operation
पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगे लोग। - फोटो : PKL OFFICE
पंचकूला। सेक्टर 6 नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से पूरा दिन मरीज उपचार के लिए भटकते रहे। वहीं, नागरिक अस्पताल में लंबी वेटिंग लिस्ट के बाद ऑपरेशन के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को मंगलवार को ऑपरेशन नहीं होने की वजह से उन्हें ऑपरेशन के लिए दूसरी डेट लेनी पड़ी। इसके चलते मरीज और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

वहीं, अधिकतर ओपीडी में डॉक्टर नहीं होने की वजह से इमरजेंसी में भी मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई। कुछ लोगों को उपचार मिला, लेकिन अधिकतर मरीज ओपीडी कार्ड बनवाने के बाद काफी देर इंतजार करने के बाद बिना उपचार घर लौट गए। वहीं, दूसरी ओर डॉक्टरों की ओर से मांग की गई है कि सीधे एसएमओ पद पर डॉक्टर की भर्ती न की जाए। यह पद प्रमोशन से भरे जाएं। वहीं, विशेष डॉक्टरों की ओर से अलग से कैडर तैयार किया जाए। पीजी पॉलिसी को खत्म न किया जाए। इसमें मिलने वाली डॉक्टरों को 40 फीसदी छूट दी जाए। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने कहा कि यदि दो दिन में मांगें नहीं मानी गईं तो चिकित्सक 14 जनवरी शुक्रवार को इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर पूर्णकालिक हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन

यहां नहीं मिला उपचार
डॉक्टरों की ओर से हड़ताल के बाद किसी भी ओपीडी में मरीज नहीं देखे गए। अस्पताल में हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेष डॉक्टरों की ओपीडी के अलावा बच्चों की ओपीडी, इएनटी, मेडिसिन ओपीडी सहित सभी ओपीडी बंद रहीं। लोग कार्ड बनवाकर घंटों इंतजार करने के बाद वापस लौट गए। लोगों को इलाज की सुविधाएं नहीं मिली। वहीं, इमरजेंसी में भी काफी भीड़ होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों के नहीं मिलने पर कई बार ओपीडी के बाहर तैनात गार्ड और मरीजों से बहस भी हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

परेशान मरीजों बोले नहीं मिला इलाज
मेरे पैर की हड्डी में फ्रैक्चर है। फ्रैक्चर होने के बाद भी अभी तक कोई इलाज नहीं मिला है। इलाज कराने के लिए सुबह 7.30 बजे आए। पर्ची बनवाने के लिए एक घंटे लाइन में लगे। इसके बाद डॉक्टरों की हड़ताल के कारण किसी ने नहीं देखा। इमरजेंसी जाने के बाद डॉक्टरों ने ओपीडी जाने की सलाह दी। मरीजों को नहीं देखे जाने के कारण परेशानी हुई है।
-कुलवंत सिंह, मरीज, भानू
रिपोर्ट ही नहीं देखी गई
मेरी तबीयत ठीक नहीं है। पूरी जांच करवाने के बाद रिपोर्ट लेकर डॉक्टर को दिखाने आया। इसके बाद डॉक्टर ओपीडी में नहीं मिले। इससे परेशानी बढ़ गई है। अब दोबारा इलाज कराने के लिए रिपोर्ट दिखाने आना पड़ेगा
संजीव कुमार, मरीज, रेलवे कॉलोनी
डॉक्टर नहीं बैठने से दोबारा आना पड़ेगा
पैर में चोट लगने के बाद अब दोबारा इलाज के लिए आना पड़ेगा। इमरजेंसी में जाने के बाद एक्सरे करवा आए। डॉक्टर नहीं बैठने के कारण किसी ने नहीं देखा है। इस कारण परेशानी हुई है।

अजय कुमार, मरीज, मनीमाजरा
कोट ---
डॉक्टरों ने अपनी मांग को लेकर हड़ताल की है। हड़ताल के बाद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। डॉक्टर बुधवार से लोगों का इलाज करेंगेे।
-मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल सर्जन, सेक्टर-6
प्रदेश में आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून लागू
डॉक्टरों की हड़ताल के मद्देनजर राज्य में आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून लागू कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि यह कदम कोरोना की रोकथाम में बाधा डालने के लिए डॉक्टरों के एक समूह के हड़ताल पर जाने के कारण उठाया गया है। अब अब स्वास्थ्य कर्मी 6 महीने तक हड़ताल नहीं कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed