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Panchkula News: भोला ड्रग सिंडिकेट मामले में बर्खास्त पुलिसकर्मी को हाईकोर्ट से जमानत नहीं
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ड्यूटी की वर्दी पहनकर नशे की खेप ले जाने वाले वाहनों को नाके से निकलवाने का आरोप
हाईकोर्ट ने कहा- मामला बेहद गंभीर, अभी नहीं दी जा सकती जमानत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चर्चित जगदीश सिंह उर्फ भोला ड्रग सिंडिकेट मामले में बर्खास्त पुलिस सब इंस्पेक्टर सरबजीत सिंह को जमानत देने से इन्कार कर दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निचली अदालत को मुकदमे की सुनवाई सर्वोच्च प्राथमिकता पर जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है।
यह मामला पंजाब में बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा है। राज्य सरकार के जवाब के अनुसार, सरबजीत सिंह पंजाब पुलिस में सब इंस्पेक्टर था। उसे बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। जांच में उस पर भोला के नशा तस्करी गिरोह से सक्रिय रूप से जुड़े होने का आरोप है।
आरोप है कि वह पुलिस वर्दी का उपयोग कर नशीले पदार्थ ले जाने वाले वाहनों को नाकों से निकलवाने में मदद करता था। वह गिरोह के सदस्यों और नशे की खेप को पुलिस कार्रवाई से सुरक्षा देता था।
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सरबजीत सिंह को 9 फरवरी 2022 को गिरफ्तार किया गया था। उसने लंबे समय से जेल में रहने और मुकदमे में देरी को जमानत का आधार बनाया। अदालत ने माना कि यह अवधि लंबी है लेकिन अपराध गंभीर है। नशीले पदार्थों की भारी मात्रा और आरोपी की भूमिका को देखते हुए जमानत उचित नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है पर इस मामले में अपराध की गंभीरता के कारण जमानत नहीं दी जा सकती।
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हाईकोर्ट ने कहा- मामला बेहद गंभीर, अभी नहीं दी जा सकती जमानत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चर्चित जगदीश सिंह उर्फ भोला ड्रग सिंडिकेट मामले में बर्खास्त पुलिस सब इंस्पेक्टर सरबजीत सिंह को जमानत देने से इन्कार कर दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निचली अदालत को मुकदमे की सुनवाई सर्वोच्च प्राथमिकता पर जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है।
यह मामला पंजाब में बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा है। राज्य सरकार के जवाब के अनुसार, सरबजीत सिंह पंजाब पुलिस में सब इंस्पेक्टर था। उसे बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। जांच में उस पर भोला के नशा तस्करी गिरोह से सक्रिय रूप से जुड़े होने का आरोप है।
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आरोप है कि वह पुलिस वर्दी का उपयोग कर नशीले पदार्थ ले जाने वाले वाहनों को नाकों से निकलवाने में मदद करता था। वह गिरोह के सदस्यों और नशे की खेप को पुलिस कार्रवाई से सुरक्षा देता था।
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सरबजीत सिंह को 9 फरवरी 2022 को गिरफ्तार किया गया था। उसने लंबे समय से जेल में रहने और मुकदमे में देरी को जमानत का आधार बनाया। अदालत ने माना कि यह अवधि लंबी है लेकिन अपराध गंभीर है। नशीले पदार्थों की भारी मात्रा और आरोपी की भूमिका को देखते हुए जमानत उचित नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है पर इस मामले में अपराध की गंभीरता के कारण जमानत नहीं दी जा सकती।