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Panchkula News: भंग हो चुकी ट्रक यूनियनों ने बनाया संयुक्त मोर्चा

Sun, 04 Dec 2022 11:02 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 04 Dec 2022 11:02 PM IST
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Disbanded truck unions form united front
चंडीगढ़। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के समय भंग की गई ट्रक यूनियनों ने काफी समय तक शांत रहने के बाद अब नया संयुक्त मोर्चा बना लिया है। इस मोर्चे ने पिछली सरकार द्वारा ट्रक यूनियनें भंग करने के फैसले के खिलाफ प्रदेश की नई सरकार के मंत्रियों के घेराव का एलान किया है।
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शिरोमणि अकाली दल ट्रांसपोर्ट विंग के प्रधान और संयुक्त मोर्चे के नेता परमजीत सिंह फाजिल्का ने बताया कि उनके ट्रांसपोर्ट विंग के अलावा पंजाब ट्रक एकता, ऑल पंजाब ट्रक एकता, ऑल पंजाब ट्रक यूनियन और टेंपो थ्री-व्हीलर यूनियन ने ट्रक यूनियनें भंग करने के फैसले को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। परमजीत फाजिल्का ने बताया कि रविवार को पट्टी में ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के आवास का घेराव किया गया। पिछली कैप्टन सरकार ने ट्रक यूनियनें भंग करके प्रदेश के ट्रक ऑपरेटरों को तबाह कर दिया था और 5 वर्षों में 55,000 ट्रक कबाड़ के भाव बिक गए थे।
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उन्होंने कहा कि अब यही काम भगवंत मान सरकार कर रही है। अब हमने एकजुट होकर संयुक्त मोर्चा बना लिया है और मंत्रियों के घेराव का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका संयुक्त मोर्चा मुख्यमंत्री भगवंत मान का भी घेराव करेगा।
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134 ट्रक यूनियनों को किया था भंग
प्रदेश में माल की ढुलाई को लेकर बने कार्टल को खत्म करने के लिए पंजाब कैबिनेट ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में सूबे की सभी ट्रक यूनियनों को भंग करने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके लिए कैबिनेट ने पंजाब गुड्ज कैरियर्स (रेगुलेशन एंड प्रीवेंशन आफ कार्टलाइजेशन रूल्स) 2017 को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य राज्य में ढुलाई के काम में लगे लोगों को यूनियन बनाने या गुट बनाने पर पाबंदी लगाना था, जो सीधे तौर पर ट्रांसपोर्ट माफिया की कमर तोड़ने के लिए था। इस फैसले के साथ ही पंजाब में ट्रकों की 134 यूनियनें भंग हो गई थीं। इन यूनियनों के अधीन 93 हजार ट्रक थे।
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