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Panchkula News: कालका-शिमला रेलमार्ग पर डीएचएमयू का ट्रायल सफल
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कालका। इंजन की कूलिंग केपेसिटी बढ़ाने के बाद विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलमार्ग पर सोमवार को डीजल हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट (डीएचएमयू) का पहला ट्रायल किया गया जोकि सफल रहा। डीएचएमयू कालका रेलवे स्टेशन से सुबह करीब 10:30 बजे शिमला के लिए रवाना हुआ और शाम करीब 4:22 बजे शिमला पहुंचा।
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी कुछ दिन इसी प्रकार ट्रायल जारी रहेंगे। डीएचएमयू में चेन्नई से आई टीम के सदस्यों सहित कैरिज एवं वैगन वर्कशॉप की टीम भी मौजूद रही। ट्रेन के शिमला पहुंचने पर पिछले लंबे समय से ट्रेन सेट की मॉडिफिकेशन का काम कर रही टीम के चेहरे खिले नजर आए। खबर लिखे जाने तक ट्रेन को शिमला से वापस कालका भेजने की तैयारियां की जा रही थी।
इंजन की कूलिंग केपेसिटी बढ़ाने पर चल रहा था काम
इस डीजल हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट (डीएचएमयू) में तीन कोच शामिल हैं। इनकीखास बात यह है कि कोच में खिड़कियां बड़े आकार की है। इसी के साथ कोच में ही इंजन लगा हुआ है। चेन्नई से आई टीम पिछले कई दिनों से डीएचएमयू में रेडिएटर के माध्यम से इंजन की कूलिंग कैपेसिटी बढ़ाने का काम कर रही थी ताकि सफर के दौरान इंजन गर्म न हो सके।
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फरवरी 2023 में शुरू किए गए थे ट्रायल
डीएचएमयू को फरवरी 2023 में कालका-शिमला रेलमार्ग पर ट्रायल के लिए उतारा गया था। 16 फरवरी 2023 को पहला ट्रायल किया गया था। उस दौरान सुबह करीब 10:50 बजे डीएचएमयू को कालका से शिमला के लिए रवाना किया था। करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर तकनीकी खराबी आने के कारण डीएचएमयू आगे न बढ़ सका।
दूसरा ट्रायल 19 फरवरी 2023 को किया गया था। इस दौरान कालका से करीब 9:40 बजे इसे कोटि के लिए रवाना किया गया, लेकिन इंजन गर्म होने के चलते ट्रेन को टकसाल से वापस कालका भेज दिया गया। तीसरे ट्रायल के दौरान डीएचएमयू दस किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद ही हांफ गया था। इसके बाद भी डीएचएमयू के कई ट्रायल किए गए थे लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी।
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रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी कुछ दिन इसी प्रकार ट्रायल जारी रहेंगे। डीएचएमयू में चेन्नई से आई टीम के सदस्यों सहित कैरिज एवं वैगन वर्कशॉप की टीम भी मौजूद रही। ट्रेन के शिमला पहुंचने पर पिछले लंबे समय से ट्रेन सेट की मॉडिफिकेशन का काम कर रही टीम के चेहरे खिले नजर आए। खबर लिखे जाने तक ट्रेन को शिमला से वापस कालका भेजने की तैयारियां की जा रही थी।
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इंजन की कूलिंग केपेसिटी बढ़ाने पर चल रहा था काम
इस डीजल हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट (डीएचएमयू) में तीन कोच शामिल हैं। इनकीखास बात यह है कि कोच में खिड़कियां बड़े आकार की है। इसी के साथ कोच में ही इंजन लगा हुआ है। चेन्नई से आई टीम पिछले कई दिनों से डीएचएमयू में रेडिएटर के माध्यम से इंजन की कूलिंग कैपेसिटी बढ़ाने का काम कर रही थी ताकि सफर के दौरान इंजन गर्म न हो सके।
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फरवरी 2023 में शुरू किए गए थे ट्रायल
डीएचएमयू को फरवरी 2023 में कालका-शिमला रेलमार्ग पर ट्रायल के लिए उतारा गया था। 16 फरवरी 2023 को पहला ट्रायल किया गया था। उस दौरान सुबह करीब 10:50 बजे डीएचएमयू को कालका से शिमला के लिए रवाना किया था। करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर तकनीकी खराबी आने के कारण डीएचएमयू आगे न बढ़ सका।
दूसरा ट्रायल 19 फरवरी 2023 को किया गया था। इस दौरान कालका से करीब 9:40 बजे इसे कोटि के लिए रवाना किया गया, लेकिन इंजन गर्म होने के चलते ट्रेन को टकसाल से वापस कालका भेज दिया गया। तीसरे ट्रायल के दौरान डीएचएमयू दस किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद ही हांफ गया था। इसके बाद भी डीएचएमयू के कई ट्रायल किए गए थे लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी।