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Panchkula News: मिट्टी हटाई लेकिन दलदल से मोरनी-रायपुररानी मार्ग पर आवाजाही मुश्किल

Sat, 05 Sep 2026 01:29 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 01:29 AM IST
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Debris removed, but movement on the Morni-Raipur Rani road remains difficult due to the slush.
पलासरा के पास भूस्खलन के बाद पीडब्ल्यूडी ने चार जेसीबी से हटाया मलबा, बारिश होते ही सड़क फिर बन रही कीचड़ और दलदल
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रायपुररानी पहुंचने के लिए लोगों को टिक्कर ताल होकर तय करनी पड़ रही करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। मोरनी-रायपुररानी मार्ग पर पलासरा गांव के पास भूस्खलन से बंद हुए रास्ते से लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी की मदद से मिट्टी और मलबा तो हटा दिया है, लेकिन दलदल अब भी लोगों और वाहन चालकों के लिए परेशानी बनी हुई है। करीब नौ किलोमीटर दूर इस हिस्से में बारिश होते ही सड़क दोबारा कीचड़ और दलदल में तब्दील हो रही है, जिससे वाहनों की आवाजाही मुश्किल बनी हुई है।
रायपुररानी पहुंचने के लिए 15 किलोमीटर अतिरिक्त सफर
रायपुररानी मुख्य बाजार पहुंचने के लिए मोरनी क्षेत्र के लोगों को कई बार टिक्कर ताल होकर करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण वैकल्पिक मार्ग से आवागमन करना भी लोगों के लिए आसान नहीं है।
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चार जेसीबी से हटाया जा रहा मलबा
लोक निर्माण विभाग ने रास्ता साफ करने के लिए चार जेसीबी मशीनें लगाई हुई हैं। विभाग की ओर से लगातार मलबा और मिट्टी हटाने का काम किया जा रहा है, लेकिन दिन में एक बार होने वाली तेज बारिश भी सड़क की स्थिति को फिर खराब कर देती है। मिट्टी हटने के बावजूद दलदल के कारण वाहन चालकों को इस मार्ग से गुजरने में परेशानी हो रही है।
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स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय ग्रामीण विजय कुमार, महेश कुमार, वीरेंद्र सिंह और अन्य ने बताया कि मार्ग के बार-बार बंद होने से लोगों को मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। मोरनी क्षेत्र पहले ही दुर्गम पहाड़ी इलाका है। मार्ग पर खड़ी चढ़ाई होने के कारण हर वाहन चालक वैकल्पिक रास्ते से आसानी से आवाजाही नहीं कर सकता।

ग्रामीणों के अनुसार, यदि एक-दो दिन धूप निकलती है तो सड़क पर बनी दलदल और मिट्टी सूखने के बाद वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सकती है। हालांकि, बारिश होने पर समस्या फिर खड़ी हो जाती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क को केवल जेसीबी से अस्थायी तौर पर खोलने के बजाय जल निकासी और सड़क को मजबूत करने के स्थायी इंतजाम किए जाएं, ताकि बारिश के दौरान मार्ग बार-बार दलदल में तब्दील न हो और मोरनी-रायपुररानी के बीच यातायात सुचारु बना रहे।
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