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Panchkula News: डीसीपी की अध्यक्षता में हुई बैठक, 2026 के लिए पंचकूला पुलिस का रोडमैप तैयार
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पंचकूला। वर्ष 2026 में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी, पुलिस को संवेदनशील व तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से पंचकूला पुलिस ने अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली है। शुक्रवार देर शाम सेक्टर-1 स्थित जिला सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में डीसीपी सृष्टि गुप्ता की अध्यक्षता में करीब चार घंटे तक क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी एसीपी, थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज शामिल हुए।
बैठक में चोरी, लूट, स्नैचिंग और महिला अपराधों की समीक्षा करते हुए डीसीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित मामलों की जांच में तेजी लाने और गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर दिया गया, ताकि पीडि़तों को समय पर न्याय मिल सके। महिला अपराधों को लेकर डीसीपी ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मेरा थाना, मेरी जिम्मेदारी पहल धरातल पर हो लागू
डीसीपी ने पुलिसकर्मियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की हिदायत दी और “मेरा थाना, मेरी जिम्मेदारी” पहल को धरातल पर लागू करने पर जोर दिया। वर्ष 2026 में पुलिस को तकनीकी रूप से और सशक्त बनाने के लिए टेक्नोलॉजी बेस्ड ट्रेनिंग, एआई आधारित एप्स, आधुनिक सॉफ्टवेयर और नए तकनीकी टूल्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए विशेष लैब भी निर्धारित की गई हैं। डीसीपी ने बताया कि 2025 के अंतिम चरण में सभी थानों, चौकियों और प्रमुख पुलिस संपर्क बिंदुओं पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से नागरिक रियल-टाइम फीडबैक दे रहे हैं। इससे पुलिसिंग अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनने में मदद मिल रही है।
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बैठक में चोरी, लूट, स्नैचिंग और महिला अपराधों की समीक्षा करते हुए डीसीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित मामलों की जांच में तेजी लाने और गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर दिया गया, ताकि पीडि़तों को समय पर न्याय मिल सके। महिला अपराधों को लेकर डीसीपी ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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मेरा थाना, मेरी जिम्मेदारी पहल धरातल पर हो लागू
डीसीपी ने पुलिसकर्मियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की हिदायत दी और “मेरा थाना, मेरी जिम्मेदारी” पहल को धरातल पर लागू करने पर जोर दिया। वर्ष 2026 में पुलिस को तकनीकी रूप से और सशक्त बनाने के लिए टेक्नोलॉजी बेस्ड ट्रेनिंग, एआई आधारित एप्स, आधुनिक सॉफ्टवेयर और नए तकनीकी टूल्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए विशेष लैब भी निर्धारित की गई हैं। डीसीपी ने बताया कि 2025 के अंतिम चरण में सभी थानों, चौकियों और प्रमुख पुलिस संपर्क बिंदुओं पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से नागरिक रियल-टाइम फीडबैक दे रहे हैं। इससे पुलिसिंग अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनने में मदद मिल रही है।
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