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होलिका दहन : दिनभर की पूजा, शाम को 12 जगह जली होली
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में दिनभर की पूजा के बाद शाम को होलिका दहन किया गया। मंदिरों और चौराहों पर होलिका दहन के बाद लोगों ने एक दूसरे को होली की बधाई दी। शहर में रविवार को 12 जगह होलिका दहन किया गया। सभी मंदिरों में आरती के बाद यह आयोजन किया गया। फाल्गुन मास की पूर्णिमा के प्रदोष काल में होलिका दहन किया गया। शहर के सेक्टर-2 श्रीराम मंदिर, सेक्टर-15 रघुनाथ मंदिर, सेक्टर-16 सनातन धर्म मंंदिर, सेक्टर-17 गौरी शंकर मंदिर, सेक्टर-10 प्राचीन सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-8 शिव मंदिर, सेक्टर-9 के प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर-20 के श्रीकाली माता मंदिर, सेक्टर-19 शिव मंदिर, सेक्टर-19 काली माता मंदिर, सेक्टर-21 के प्राचीन श्री शिव मंदिर, श्रीमाता मनसा देवी गोधाम में होलिका दहन का कार्यक्रम उल्लास से आयोजित किया गया।
होलिका दहन की तैयारियां कई दिनों से की जा रही थी। कई चौराहों पर क्षेत्र के लोगों ने लकड़ियां, उपले एकत्रित कर होलिका तैयार की हुई थी। इसके अलावा अनेक जगह रविवार सुबह ही होलिका तैयार की गई। इसके बाद दिनभर पूजा का दौर चला। महिलाओं ने कच्चा सूत, अनाज की बालियां, हल्दी, रोली, मिठाई, फल और अन्य सामग्री से पूजा की। सेक्टर-17 के गौरी शंकर मंदिर के मुख्य पुजारी पंकज मिश्रा और सेक्टर-16 सनातन धर्म मंदिर के मुख्य पुजारी ललित मोहन ने बताया कि होली हिंदू धर्म का मुख्य त्योहार है। होलिका दहन का अर्थ बुराइयों का विनाश से है।
इससे हमें यह सीख मिलती है कि हमेशा सत्य और धर्म का मार्ग पर चलना चाहिए। सेक्टर-2 के श्रीराम मंदिर के मुख्य पुजारी चंडी प्रसाद और सेक्टर-15 के रघुनाथ मंदिर के मुख्य मंदिर के पुजारी शिव कुमार पाण्डेय ने बताया कि हर साल की तरह मंदिर में होलिका दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ श्रीमाता मनसा देवी गोधाम मंदिर में होलिका की पूजा के बाद होलिका दहन किया गया। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
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पंचकूला। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में दिनभर की पूजा के बाद शाम को होलिका दहन किया गया। मंदिरों और चौराहों पर होलिका दहन के बाद लोगों ने एक दूसरे को होली की बधाई दी। शहर में रविवार को 12 जगह होलिका दहन किया गया। सभी मंदिरों में आरती के बाद यह आयोजन किया गया। फाल्गुन मास की पूर्णिमा के प्रदोष काल में होलिका दहन किया गया। शहर के सेक्टर-2 श्रीराम मंदिर, सेक्टर-15 रघुनाथ मंदिर, सेक्टर-16 सनातन धर्म मंंदिर, सेक्टर-17 गौरी शंकर मंदिर, सेक्टर-10 प्राचीन सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-8 शिव मंदिर, सेक्टर-9 के प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर-20 के श्रीकाली माता मंदिर, सेक्टर-19 शिव मंदिर, सेक्टर-19 काली माता मंदिर, सेक्टर-21 के प्राचीन श्री शिव मंदिर, श्रीमाता मनसा देवी गोधाम में होलिका दहन का कार्यक्रम उल्लास से आयोजित किया गया।
होलिका दहन की तैयारियां कई दिनों से की जा रही थी। कई चौराहों पर क्षेत्र के लोगों ने लकड़ियां, उपले एकत्रित कर होलिका तैयार की हुई थी। इसके अलावा अनेक जगह रविवार सुबह ही होलिका तैयार की गई। इसके बाद दिनभर पूजा का दौर चला। महिलाओं ने कच्चा सूत, अनाज की बालियां, हल्दी, रोली, मिठाई, फल और अन्य सामग्री से पूजा की। सेक्टर-17 के गौरी शंकर मंदिर के मुख्य पुजारी पंकज मिश्रा और सेक्टर-16 सनातन धर्म मंदिर के मुख्य पुजारी ललित मोहन ने बताया कि होली हिंदू धर्म का मुख्य त्योहार है। होलिका दहन का अर्थ बुराइयों का विनाश से है।
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इससे हमें यह सीख मिलती है कि हमेशा सत्य और धर्म का मार्ग पर चलना चाहिए। सेक्टर-2 के श्रीराम मंदिर के मुख्य पुजारी चंडी प्रसाद और सेक्टर-15 के रघुनाथ मंदिर के मुख्य मंदिर के पुजारी शिव कुमार पाण्डेय ने बताया कि हर साल की तरह मंदिर में होलिका दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ श्रीमाता मनसा देवी गोधाम मंदिर में होलिका की पूजा के बाद होलिका दहन किया गया। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
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