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डेराबस्सी की महिला ने पिंजौर में फंदा लगाकर जान दी
पिंजौर।
Updated Sun, 03 Apr 2016 01:37 AM IST
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फांसी
- फोटो : अमर उजाला
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पिंजौर ब्लॉक के गांव शाहपुर में एक महिला ने पंखे से फंदा लगा कर जीवन लीला समाप्त कर ली। महिला अपने पति से अलग एक किराये के मकान में रह रही थी। एसएचओ थाना पिंजौर ने बताया कि महिला का नाम मीनाक्षी (23) था। वह मूल रूप से मोहाली के डेराबस्सी की रहने वाली थी।
उसका विवाह शाहपुर गांव में हुआ था। उसके तीन बच्चे हैं । पति के साथ विवाद के बाद वह शाहपुर में ही किराए के मकान में रह रही थी। थाना प्रभारी के अनुसार गत माह पंचायती तौर पर उसका तलाक भी हो गया था, जिसमें तय हुआ कि बड़ा बेटा पति के पास रहेगा जबकि दो छोटे जुड़वां बच्चे मीनाक्षी के साथ रहेंगे।
पुलिस के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 11 बजे कमरे से लगातार बच्चे की रोने की अवाज सुनकर पड़ोस मे रहने वाली एक महिला ने दरवाजा खटखटाया। लेकिन भीतर से दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद महिला ने खिड़की से झांककर देखा तो मीनाक्षी का शव पंखे से लटका हुआ था।
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महिला के शोर पर दूसरे पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने सूचना पुलिस को दी। मौके पर सीन आफ क्राइम की टीम ने पहुंच कर घटनास्थल का दौरा किया। पुलिस के अनुसार जब मृतका ने फांसी लगाई तो उसके करीब दो वर्षीय 2 छोटे बच्चे भी कमरे में मौजूद थे।
जिन्हें पुलिस ने कमरे की कुंडी तोड़कर बाहर निकाला। घटना की सूचना मृतका के परिवार को दे दी गई है लेकिन खबर लिखे जाने तक वे लोग मढ़ावाला चौकी नहीं पहुंचे थे। फिलहाल पुलिस ने जुड़वां बच्चों को उनके दादा दादी के सुपुर्द कर दिया है और शव के पोस्मार्टम के लिए मोर्चरी कालका में रखवा दिया है।
रजिस्टर में लिखा मिला नोट
जांच के दौरान पुलिस को एक रजिस्टर मिला जिस पर 30 मार्च 2016 की तारीख लिखा हुआ है। रजिस्टर में लिखा है कि ‘मैंने अपने माता-पिता की बात न मानकर और आपके ऊपर विश्वास करके आपके साथ रहने की गलती कर ली है। अगर मुझे कुछ हो जाता है तो दोनों बच्चों को इनके असली दादा दादी के पास भेज देना।’ इस नोट के नीचे अंग्रेजी में ""i am realy sorry"" लिखा हुआ है। पुलिस का कहना है कि नोट के नीचे मीनाक्षी के हस्ताक्षर नहीं है इसलिए वह फिलहाल इसे सुसाइड नोट नहीं मान रहे। इसके अलावा वे हैंडराइंटिंग की जांच करवाने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचेंगे।
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उसका विवाह शाहपुर गांव में हुआ था। उसके तीन बच्चे हैं । पति के साथ विवाद के बाद वह शाहपुर में ही किराए के मकान में रह रही थी। थाना प्रभारी के अनुसार गत माह पंचायती तौर पर उसका तलाक भी हो गया था, जिसमें तय हुआ कि बड़ा बेटा पति के पास रहेगा जबकि दो छोटे जुड़वां बच्चे मीनाक्षी के साथ रहेंगे।
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पुलिस के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 11 बजे कमरे से लगातार बच्चे की रोने की अवाज सुनकर पड़ोस मे रहने वाली एक महिला ने दरवाजा खटखटाया। लेकिन भीतर से दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद महिला ने खिड़की से झांककर देखा तो मीनाक्षी का शव पंखे से लटका हुआ था।
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महिला के शोर पर दूसरे पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने सूचना पुलिस को दी। मौके पर सीन आफ क्राइम की टीम ने पहुंच कर घटनास्थल का दौरा किया। पुलिस के अनुसार जब मृतका ने फांसी लगाई तो उसके करीब दो वर्षीय 2 छोटे बच्चे भी कमरे में मौजूद थे।
जिन्हें पुलिस ने कमरे की कुंडी तोड़कर बाहर निकाला। घटना की सूचना मृतका के परिवार को दे दी गई है लेकिन खबर लिखे जाने तक वे लोग मढ़ावाला चौकी नहीं पहुंचे थे। फिलहाल पुलिस ने जुड़वां बच्चों को उनके दादा दादी के सुपुर्द कर दिया है और शव के पोस्मार्टम के लिए मोर्चरी कालका में रखवा दिया है।
रजिस्टर में लिखा मिला नोट
जांच के दौरान पुलिस को एक रजिस्टर मिला जिस पर 30 मार्च 2016 की तारीख लिखा हुआ है। रजिस्टर में लिखा है कि ‘मैंने अपने माता-पिता की बात न मानकर और आपके ऊपर विश्वास करके आपके साथ रहने की गलती कर ली है। अगर मुझे कुछ हो जाता है तो दोनों बच्चों को इनके असली दादा दादी के पास भेज देना।’ इस नोट के नीचे अंग्रेजी में ""i am realy sorry"" लिखा हुआ है। पुलिस का कहना है कि नोट के नीचे मीनाक्षी के हस्ताक्षर नहीं है इसलिए वह फिलहाल इसे सुसाइड नोट नहीं मान रहे। इसके अलावा वे हैंडराइंटिंग की जांच करवाने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचेंगे।