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पंचकूला: पश्चिमी कमान में तैनात नायब सूबेदार ने किया सुसाइड
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 02 Feb 2017 01:03 AM IST
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मौत
- फोटो : File photo
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भारतीय सेना के पश्चिमी कमान में तैनात एक नायब सूबेदार ने बुधवार को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान नायब सूबेदार दलीप सिंह (45) के रूप में हुई है। जो वेस्टर्न कमांड हॉस्पिटल में तैनात था।
बता दें कि दो दिन बाद ही ये दूसरी बड़ी घटना है, जब किसी सेना के जवान की मौत हुई है। 29 जनवरी को सेक्टर-26 स्थित आईटीबीपी की 50वीं बटालियन में तैनात कर्मी जुगराज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। अब तक पुलिस जुगराज की मौत का कारणों का पता नहीं लगा सकी है। बताया जा रहा है कि जवान जुगराज ने अपनी राइफल से खुदको छह गोलियां मारी थीं। लेकिन फोरेंसिक रिपोर्ट आने पर ही सही कारणों का पता चल सकेगा।
कर्मठ और ईमानदार था
सेना के अधिकारियों ने बताया कि दलीप बहुत कर्मठ और ईमानदार था और हमेशा लगन के साथ ड्यूटी करता था। बुधवार को दोपहर उन्हें सेना मुख्यालय से उसके सुसाइड की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल पर देखा तो नायब सूबेदार दलीप का शव फंदे से लटका था। इसके बाद पुलिस ने दलीप के शव को फंदे से उतारा। शव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शव का पोस्टमार्टम वीरवार को होगा। पुलिस व सेना के अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है।
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बता दें कि दो दिन बाद ही ये दूसरी बड़ी घटना है, जब किसी सेना के जवान की मौत हुई है। 29 जनवरी को सेक्टर-26 स्थित आईटीबीपी की 50वीं बटालियन में तैनात कर्मी जुगराज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। अब तक पुलिस जुगराज की मौत का कारणों का पता नहीं लगा सकी है। बताया जा रहा है कि जवान जुगराज ने अपनी राइफल से खुदको छह गोलियां मारी थीं। लेकिन फोरेंसिक रिपोर्ट आने पर ही सही कारणों का पता चल सकेगा।
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कर्मठ और ईमानदार था
सेना के अधिकारियों ने बताया कि दलीप बहुत कर्मठ और ईमानदार था और हमेशा लगन के साथ ड्यूटी करता था। बुधवार को दोपहर उन्हें सेना मुख्यालय से उसके सुसाइड की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल पर देखा तो नायब सूबेदार दलीप का शव फंदे से लटका था। इसके बाद पुलिस ने दलीप के शव को फंदे से उतारा। शव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शव का पोस्टमार्टम वीरवार को होगा। पुलिस व सेना के अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है।
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जानकारी देने से बची पुलिस, मामला संदिग्ध
ड्यूटी पर नहीं पहुंचा तो गए कमरे में
जानकारी के अनुसार पश्चिमी कमान के अस्पताल में तैनात नायब सूबेदार दलीप सिंह की दोपहर के समय ड्यूटी शुरू होती है। बुधवार दोपहर को जब नायब सूबेदार दलीप ड्यूटी पर नहीं पहुंचा, तो उसके अन्य साथियों ने उसके कमरे पर जानकारी लेनी चाही। जब दलीप के अन्य साथी उसके कमरे पर पहुंचे तो दरवाजा खोलते ही उसका शव फंदे से लटका था। मृतक सूबेदार के साथियों ने फौरन इसकी सूचना सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
जानकारी देने से बची पुलिस, मामला संदिग्ध
बुधवार को पश्चिमी कमान में तैनात नायब सूबेदार द्वारा की गई आत्महत्या के बाद सेना के वरिष्ठ अधिकारियों में चिंता का माहौल है। नायब सूबेदार दलीप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जिला उन्नाव का रहने वाला था। सेना के अधिकारियों ने बताया कि दलीप सिंह पश्चिमी कमान में पिछले 27 साल से कार्यरत था। मामले के जांच अधिकारी एसआई पवन मामले कुछ भी बताने से बचते नजर आए। यहां तक कि उन्होंने यह भी नहीं बताया कि वह उन्नाव के किस इलाके का रहने वाला था। अंदेशा है कि पुलिस कुछ छिपा रही है। क्योंकि वह खुलकर बात नहीं कर रही है। बताया जा रहा है कि सेना के कर्मियों की लगातार दो मौतों पर कोई गहरा राज है जो पुलिस नहीं बताना चाहती है।
जानकारी के अनुसार पश्चिमी कमान के अस्पताल में तैनात नायब सूबेदार दलीप सिंह की दोपहर के समय ड्यूटी शुरू होती है। बुधवार दोपहर को जब नायब सूबेदार दलीप ड्यूटी पर नहीं पहुंचा, तो उसके अन्य साथियों ने उसके कमरे पर जानकारी लेनी चाही। जब दलीप के अन्य साथी उसके कमरे पर पहुंचे तो दरवाजा खोलते ही उसका शव फंदे से लटका था। मृतक सूबेदार के साथियों ने फौरन इसकी सूचना सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
जानकारी देने से बची पुलिस, मामला संदिग्ध
बुधवार को पश्चिमी कमान में तैनात नायब सूबेदार द्वारा की गई आत्महत्या के बाद सेना के वरिष्ठ अधिकारियों में चिंता का माहौल है। नायब सूबेदार दलीप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जिला उन्नाव का रहने वाला था। सेना के अधिकारियों ने बताया कि दलीप सिंह पश्चिमी कमान में पिछले 27 साल से कार्यरत था। मामले के जांच अधिकारी एसआई पवन मामले कुछ भी बताने से बचते नजर आए। यहां तक कि उन्होंने यह भी नहीं बताया कि वह उन्नाव के किस इलाके का रहने वाला था। अंदेशा है कि पुलिस कुछ छिपा रही है। क्योंकि वह खुलकर बात नहीं कर रही है। बताया जा रहा है कि सेना के कर्मियों की लगातार दो मौतों पर कोई गहरा राज है जो पुलिस नहीं बताना चाहती है।