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कैदी के फरार होने में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Tue, 20 Jun 2017 01:33 AM IST
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Panchkula Firing
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दो दिन पहले सिविल अस्पताल से कैदी दीपक को फरार कराने के पीछे पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुट का हाथ है। पुलिस ने भी इस बात को पुख्ता किया है कि कैदी को छुड़ाने वाले आरोपी इसी गुट से जुड़े हैं। पिछले कुछ महीनों से लगातार गैंगस्टर्स का पंचकूला सहित हरियाणा के शहरों में दहशत है।
डकैती के मामले में अंबाला सेंट्रल जेल में बंद दीपक को शनिवार को फिल्मी अंदाज में बदमाश छुड़वा ले गए थे। सीसीटीवी फुटेज में कैदी दीपक को छुड़ाने आए युवक की पहचान संपत नेहरा के तौर पर हुई है, जो लॉरेंस गैंग से बताया जा रहा है। वारदात को अंजाम देने के लिए योजना भी संपत नेहरा ने बनाई थी। मोबाइल के जरिये आरोपियों ने एक दूसरे से दीपक को छुड़ाने की साजिश रची। इसके बाद पहले जेल के डॉक्टरों ने दीपक को चंडीगढ़ के एक अस्पताल में इलाज के लिए रेफर किया। लेकिन वहां की पुलिस की चौकसी और मुस्तैदी को देखते हुए आरोपियों ने पंचकूला के सिविल अस्पताल को वारदात के लिए चुना। इसी साजिश के तहत अपराधियों ने शनिवार को पंचकूला में वारदात को अंजाम दिया। नतीजतन, एक पुलिस कांस्टेबल की तमाम कोशिशों के बावजूद पेशेवर अपराधियों के मंसूबे को नाकाम नहीं किया जा सका।
नाभा जेल ब्रेक से भी जुड़े हैं तार
नाभा जेल ब्रेक के बाद वहां बंद गैंगस्टर्स ने कैदियों को भगाने के लिए नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। सकेतड़ी के मीत मर्डर के आरोपियों के तार नाभा जेल ब्रेक में शामिल अपराधियों से जुड़े पाए गए हैं।
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लॉरेंस के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले
लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ न केवल पंजाब के शहरों में आपराधिक मामले दर्ज हैं बल्कि राजस्थान के जोधपुर में भी मामला दर्ज है।
एक ही कॉलेज में की पढ़ाई
संपत नेहरा और लॉरेंस बिश्नोई ने चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से पढ़ाई की है। कॉलेज के वक्त से ही दोनों में अच्छी दोस्ती रही है और क्राइम की दुनिया में कदम रखने के बाद भी पुलिस कर्मी का बेटा संपत नेहरा उनके साथ ही काम करता रहा।
गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है पुलिस
कैदी को फरार कराने में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। चूंकि अलग अलग शहरों में अपराधियों के ठिकाने हैं, जिन्होंने साजिश को पंचकूला के सिविल अस्पताल की वारदात के तौर पर अंजाम दिया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को अगले एक-दो दिन में गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एडीजीपी आज करेंगे अंबाला जेल का दौरा
कैदी के फरार होने के मामले की जांच के सिलसिले में एडीजीपी, जेल मंगलवार को अंबाला सेंट्रल जेल का दौरा करेंगे। कैदी दीपक को छुड़वाने के पीछे जेल कर्मियों का भी हाथ होने की आशंका जताई जा रही है, नतीजतन कैदी के फरार होने से पहले जेल में किसके साथ सांठगांठ हुई है। किस आधार पर पंचकूला में इलाज की इजाजत मिली, सहित तमाम पहलुओं पर ब्योरा लेेंगे।
कैदी फरार होने के मामले की जांच एडीजीपी को
सिविल अस्पताल से कैदी के फरार होने में बरती गई लापरवाही के मामले मेंडीजीपी ने एडीजीपी आयुक्त आरसी मिश्रा को जांच के आदेश दिए हैं। दो दिन पहले स्प्रे करके और गोलियां चलाकर बदमाश अंबाला सेंट्रल जेल से लाए गए कैदी दीपक को छुड़ा ले गए थे। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
सूत्रों का कहना है कि अंबाला जेल में हुई सांठगांठ के कारण ही इस घटना को अंजाम दिया गया। सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार कैदी को जब अस्पताल लाया गया तो सुरक्षा के पूरे इंतजाम क्यों नहीं थे। एडीजीपी इस मामले से जुड़े तमाम पहलुओं की बारीकी से छानबीन कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस मामले में कार्रवाई करेगी। उधर, जेल प्रशासन को भी एडीजीपी की रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
सुरक्षा में कहां हुई चूक, चल रही है जांच
डीजीपी बीएस संधू ने कहा कि मामले में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जांच एडीजीपी को सौंपी गई है, रिपोर्ट का इंतजार है।
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डकैती के मामले में अंबाला सेंट्रल जेल में बंद दीपक को शनिवार को फिल्मी अंदाज में बदमाश छुड़वा ले गए थे। सीसीटीवी फुटेज में कैदी दीपक को छुड़ाने आए युवक की पहचान संपत नेहरा के तौर पर हुई है, जो लॉरेंस गैंग से बताया जा रहा है। वारदात को अंजाम देने के लिए योजना भी संपत नेहरा ने बनाई थी। मोबाइल के जरिये आरोपियों ने एक दूसरे से दीपक को छुड़ाने की साजिश रची। इसके बाद पहले जेल के डॉक्टरों ने दीपक को चंडीगढ़ के एक अस्पताल में इलाज के लिए रेफर किया। लेकिन वहां की पुलिस की चौकसी और मुस्तैदी को देखते हुए आरोपियों ने पंचकूला के सिविल अस्पताल को वारदात के लिए चुना। इसी साजिश के तहत अपराधियों ने शनिवार को पंचकूला में वारदात को अंजाम दिया। नतीजतन, एक पुलिस कांस्टेबल की तमाम कोशिशों के बावजूद पेशेवर अपराधियों के मंसूबे को नाकाम नहीं किया जा सका।
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नाभा जेल ब्रेक से भी जुड़े हैं तार
नाभा जेल ब्रेक के बाद वहां बंद गैंगस्टर्स ने कैदियों को भगाने के लिए नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। सकेतड़ी के मीत मर्डर के आरोपियों के तार नाभा जेल ब्रेक में शामिल अपराधियों से जुड़े पाए गए हैं।
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लॉरेंस के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले
लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ न केवल पंजाब के शहरों में आपराधिक मामले दर्ज हैं बल्कि राजस्थान के जोधपुर में भी मामला दर्ज है।
एक ही कॉलेज में की पढ़ाई
संपत नेहरा और लॉरेंस बिश्नोई ने चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से पढ़ाई की है। कॉलेज के वक्त से ही दोनों में अच्छी दोस्ती रही है और क्राइम की दुनिया में कदम रखने के बाद भी पुलिस कर्मी का बेटा संपत नेहरा उनके साथ ही काम करता रहा।
गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है पुलिस
कैदी को फरार कराने में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। चूंकि अलग अलग शहरों में अपराधियों के ठिकाने हैं, जिन्होंने साजिश को पंचकूला के सिविल अस्पताल की वारदात के तौर पर अंजाम दिया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को अगले एक-दो दिन में गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एडीजीपी आज करेंगे अंबाला जेल का दौरा
कैदी के फरार होने के मामले की जांच के सिलसिले में एडीजीपी, जेल मंगलवार को अंबाला सेंट्रल जेल का दौरा करेंगे। कैदी दीपक को छुड़वाने के पीछे जेल कर्मियों का भी हाथ होने की आशंका जताई जा रही है, नतीजतन कैदी के फरार होने से पहले जेल में किसके साथ सांठगांठ हुई है। किस आधार पर पंचकूला में इलाज की इजाजत मिली, सहित तमाम पहलुओं पर ब्योरा लेेंगे।
कैदी फरार होने के मामले की जांच एडीजीपी को
सिविल अस्पताल से कैदी के फरार होने में बरती गई लापरवाही के मामले मेंडीजीपी ने एडीजीपी आयुक्त आरसी मिश्रा को जांच के आदेश दिए हैं। दो दिन पहले स्प्रे करके और गोलियां चलाकर बदमाश अंबाला सेंट्रल जेल से लाए गए कैदी दीपक को छुड़ा ले गए थे। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
सूत्रों का कहना है कि अंबाला जेल में हुई सांठगांठ के कारण ही इस घटना को अंजाम दिया गया। सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार कैदी को जब अस्पताल लाया गया तो सुरक्षा के पूरे इंतजाम क्यों नहीं थे। एडीजीपी इस मामले से जुड़े तमाम पहलुओं की बारीकी से छानबीन कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस मामले में कार्रवाई करेगी। उधर, जेल प्रशासन को भी एडीजीपी की रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
सुरक्षा में कहां हुई चूक, चल रही है जांच
डीजीपी बीएस संधू ने कहा कि मामले में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जांच एडीजीपी को सौंपी गई है, रिपोर्ट का इंतजार है।