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हलवारा
Updated Thu, 29 Nov 2018 10:11 PM IST
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स्टेट हाईवे पर नियम तोड़कर बनाए बेरतरतीब स्पीड ब्रेकर
हादसों के शिकार हा रहे वाहन चालक, एयरफोर्स स्टेशन हलवारा प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)। एयरफोर्स स्टेशन हलवारा प्रशासन द्वारा कस्बा सुधार बाजार से लेकर स्टेशन के मेन गार्ड रूम तक स्टेट हाईवे पर बनाए गए गैर कानूनी स्पीड ब्रेकर के कारण रोजाना वाहन चालक हादसों के शिकार हो रहे हैं। सूचनात्मक बोर्ड लगाए बिना अचानक दस दिन पहले करीब पांच किलोमीटर एरिया में चार जगह यह स्पीड ब्रेकर बना दिए गए। बेतरतीब बनाए इन स्पीडब्रेकर से टकरा कर रोजाना दो पहिया वाहन चालक घायल हो अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्पीड ब्रेकर बनाए जाने से अचानक चारपहिया वाहन ब्रेक लगा देते हैं और पीछे से आने वाले वाहन आपस में टकरा जाते हैं। निजी और सरकारी अस्पतालों में रोजाना दर्जनों घायल इलाज के लिए पहुंच रहे है। किसी की
टांग पर चोट लगी है तो किसी की बाजू पर। चोपड़ा नर्सिंग होम के डॉ. संजीव चोपड़ा ने बताया कि स्पीड ब्रेकर बनने के पहले ही दिन आधा दर्जन से अधिक लोग इलाज के लिए पहुंचे और यह सिलसिला लगातार जारी है। यही हालात इलाके के निजी और सरकारी अस्पतालों के हैं। लेकिन किसी भी सिविल और वायुसेना अधिकारी ने इस तरफ गौर नहीं किया। बिना किसी जांच कानून को ताक पर रख कर जिला प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी विभाग को कार्रवाई के आदेश दिए। एक्सईएन पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण ठेका कंपनी रोहन राजदीप के जरिये वायुसेना अधिकारियों की उपस्थिति में यह स्पीड ब्रेकर बना दिए। उसी दिन से सड़क हादसों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई। जो सुधार पुलिस के लिए भी सिरदर्द बन गई है। रोज वाहन आपस में टकराते हैं दोपहिया वाहन चालक घायल होते है और रिपोर्ट थाने पहुंच जाती है। पुलिसकर्मी समझौते कराकर थक गए हैं। सड़क निर्माण कंपनी रोहन राजदीप के एरिया प्रोजेक्टर मैनेजर नरेश कुमार ने इन गैर कानूनी स्पीड ब्रेकर बनाए जाने के सवाल पर पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्होंने तो डीसी लुधियाना, पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से और स्टेशन अधिकारियों की हिदायत पर यह काम किया है। अगर उन्हें स्पीड ब्रेकर हटाने के आदेश मिले तो हटा देंगे। हालांकि उन्होंने माना कि यह सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी सर्कुलर का उल्लंघन है। क्योंकि हाईवे पर ऐसे स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जा सकते। जिसमें दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है।
क्या कहता है कानून
सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी सभी राज्यों, एनएचएआई, पीडबल्यूडी विभाग और बीआरओ को बाकायदा आदेश जारी किए गए हैं कि नेशनल और स्टेट हाईवे पर बनाए गए स्पीड ब्रेकर एंव हंप को हटाया जाए। जो सड़क यातायात में रुकावट पैदा करे। मंत्रालय द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि राज्यों में स्थानीय प्रशासन द्वारा वाहनों की रफ्तार कम करने के लिए गैरकानूनी तरीके से यह हंप बनाए जाते है। जबकि हाईवे यातायात निर्विघ्न चलना चाहिए। मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार हर वर्ष पांच हजार से ज्यादा लोग हाईवे पर बनाए अवैध रूप से बने हंप से टकरा कर मरते हैं और सात हजार से ज्यादा लोग आपस में वाहन टकराने की वजह से। अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन के चेयरमैन केके कपिला कहते हैं कि हाईवे पर कोई भी स्पीड ब्रेकर नहीं बन सकते। लेकिन हलवारा एयरफोर्स स्टेशन में तुगलती फरमान से ये हंप लोगों के जी का जंजाल बने हैं। इस बारे में एयरफोर्स प्रशासन ने किसी भी तरह की टिप्पणी से इंकार कर दिया।
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स्टेट हाईवे पर नियम तोड़कर बनाए बेरतरतीब स्पीड ब्रेकर
हादसों के शिकार हा रहे वाहन चालक, एयरफोर्स स्टेशन हलवारा प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)। एयरफोर्स स्टेशन हलवारा प्रशासन द्वारा कस्बा सुधार बाजार से लेकर स्टेशन के मेन गार्ड रूम तक स्टेट हाईवे पर बनाए गए गैर कानूनी स्पीड ब्रेकर के कारण रोजाना वाहन चालक हादसों के शिकार हो रहे हैं। सूचनात्मक बोर्ड लगाए बिना अचानक दस दिन पहले करीब पांच किलोमीटर एरिया में चार जगह यह स्पीड ब्रेकर बना दिए गए। बेतरतीब बनाए इन स्पीडब्रेकर से टकरा कर रोजाना दो पहिया वाहन चालक घायल हो अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्पीड ब्रेकर बनाए जाने से अचानक चारपहिया वाहन ब्रेक लगा देते हैं और पीछे से आने वाले वाहन आपस में टकरा जाते हैं। निजी और सरकारी अस्पतालों में रोजाना दर्जनों घायल इलाज के लिए पहुंच रहे है। किसी की
टांग पर चोट लगी है तो किसी की बाजू पर। चोपड़ा नर्सिंग होम के डॉ. संजीव चोपड़ा ने बताया कि स्पीड ब्रेकर बनने के पहले ही दिन आधा दर्जन से अधिक लोग इलाज के लिए पहुंचे और यह सिलसिला लगातार जारी है। यही हालात इलाके के निजी और सरकारी अस्पतालों के हैं। लेकिन किसी भी सिविल और वायुसेना अधिकारी ने इस तरफ गौर नहीं किया। बिना किसी जांच कानून को ताक पर रख कर जिला प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी विभाग को कार्रवाई के आदेश दिए। एक्सईएन पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण ठेका कंपनी रोहन राजदीप के जरिये वायुसेना अधिकारियों की उपस्थिति में यह स्पीड ब्रेकर बना दिए। उसी दिन से सड़क हादसों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई। जो सुधार पुलिस के लिए भी सिरदर्द बन गई है। रोज वाहन आपस में टकराते हैं दोपहिया वाहन चालक घायल होते है और रिपोर्ट थाने पहुंच जाती है। पुलिसकर्मी समझौते कराकर थक गए हैं। सड़क निर्माण कंपनी रोहन राजदीप के एरिया प्रोजेक्टर मैनेजर नरेश कुमार ने इन गैर कानूनी स्पीड ब्रेकर बनाए जाने के सवाल पर पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्होंने तो डीसी लुधियाना, पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से और स्टेशन अधिकारियों की हिदायत पर यह काम किया है। अगर उन्हें स्पीड ब्रेकर हटाने के आदेश मिले तो हटा देंगे। हालांकि उन्होंने माना कि यह सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी सर्कुलर का उल्लंघन है। क्योंकि हाईवे पर ऐसे स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जा सकते। जिसमें दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है।
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क्या कहता है कानून
सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी सभी राज्यों, एनएचएआई, पीडबल्यूडी विभाग और बीआरओ को बाकायदा आदेश जारी किए गए हैं कि नेशनल और स्टेट हाईवे पर बनाए गए स्पीड ब्रेकर एंव हंप को हटाया जाए। जो सड़क यातायात में रुकावट पैदा करे। मंत्रालय द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि राज्यों में स्थानीय प्रशासन द्वारा वाहनों की रफ्तार कम करने के लिए गैरकानूनी तरीके से यह हंप बनाए जाते है। जबकि हाईवे यातायात निर्विघ्न चलना चाहिए। मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार हर वर्ष पांच हजार से ज्यादा लोग हाईवे पर बनाए अवैध रूप से बने हंप से टकरा कर मरते हैं और सात हजार से ज्यादा लोग आपस में वाहन टकराने की वजह से। अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन के चेयरमैन केके कपिला कहते हैं कि हाईवे पर कोई भी स्पीड ब्रेकर नहीं बन सकते। लेकिन हलवारा एयरफोर्स स्टेशन में तुगलती फरमान से ये हंप लोगों के जी का जंजाल बने हैं। इस बारे में एयरफोर्स प्रशासन ने किसी भी तरह की टिप्पणी से इंकार कर दिया।
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