{"_id":"5c8ab142bdec2213f52b73a6","slug":"15525933092-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल से वापिस आते हुए मासूम बच्चा आया रेता अनलोड करती ट्रैक्टर ट्राली की चपेट में,मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
स्कूल से वापिस आते हुए मासूम बच्चा आया रेता अनलोड करती ट्रैक्टर ट्राली की चपेट में,मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेत अनलोड करती ट्रैक्टर ट्राली की चपेट में आया मासूम, मौत
मां के साथ स्कूल से वापस लौट रहा था सात साल का युवराज
अमर उजाला ब्यूरो
पिंजौर। वार्ड नंबर 5 की विश्वकर्मा कालोनी की एक गली में रेत अनलोड करने के दौरान एक सात साल का मासूम बच्चा ट्रैक्टर ट्राली की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो गया। बच्चे को अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बालक के पिता शिकायतकर्ता ऋषिपाल निवासी गांव छाता जिला मथुरा उत्तरप्रदेश ने पुलिस को बताया कि वह कालोनी में खिलौने की दुकान करता है। उसका 7 वर्षीय बेटा युवराज पिंजौर स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ रहा था। वीरवार को करीब साढ़े 10 बजे वह पेपर देने के बाद अपनी मां सोनिया देवी के साथ हनुमान मंदिर के समीप स्थित अपनी दुकान पर आ रहा था। मंदिर के समीप एक ट्रैक्टर ट्राली चालक ट्राली से रेत अनलोड कर रहा था। जब उसकी पत्नी और उसका बेटा युवराज गली में रेत उतार रही ट्रैक्टर ट्राली के पास से गुजरने लगे तो ट्रैक्टर चालक ने ट्रैक्टर को लापरवाही से चलाते हुए बिना पीछे देखे बैक कर दिया। इससे उसका बेटा दीवार और ट्रैक्टर के टायर के बीच बुरी तरह से फंस गया और उसके सिर और छाती पर गंभीर चोटें आईं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि जब चालक ने ट्रैक्टर को आगे किया तो उसका बेटा नीचे गिरकर बेहोश हो गया। घटना के बाद उसकी पत्नी बेटे को लेकर प्राइमरी हेल्थ सेंटर गई जहां डाक्टरों ने बेटे को प्राथमिक उपचार देकर पंचकूला सेक्टर 6 के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डाक्टरों ने बेटे को मृत घोषित कर दिया।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा कि उसके बच्चे की मौत ट्रैक्टर ट्राली चालक हरप्रीत सिंह की लापरवाही से हुई है इसलिए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मृतक के परिजनों ने आरोप लगते हुए कहा कि अगर समय पर एंबुलेंस आ जाती तो शायद उसका बेटा बच सकता था क्योंकि उसके बेटे को गंभीर चोटें लगीं थी। एंबुलेंस लेट आने की वजह से बेटे को पंचकूला अस्पताल ले जाने में देरी हुई।
विज्ञापन
बॉक्स
एंबुलेंस लेट आने के आरोप बेबुनियाद : डाक्टर
प्राइमरी हेल्थ सेंटर प्रभारी डाक्टर धीरज कपूर ने बताया कि जब घायल युवराज को पीएचसी लाया गया तो उसकी हालत गंभीर थी। उसके नाक, मुंह, कान से खून बह रहा था। हमने बच्चे को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की और प्राथमिक उपचार देने के बाद रेफर किया। बच्चे की मौत के पीछे एंबुलेंस लेट आने का जो कारण बताया जा रहा है वह बेबुनियाद है। बच्चा चोट लगने की वजह से बहुत सीरियस था।
कोट
ट्रैक्टर चालक आरोपी हरप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- गुरमेज सिंह, पुलिस जांच अधिकारी
विज्ञापन
मां के साथ स्कूल से वापस लौट रहा था सात साल का युवराज
अमर उजाला ब्यूरो
पिंजौर। वार्ड नंबर 5 की विश्वकर्मा कालोनी की एक गली में रेत अनलोड करने के दौरान एक सात साल का मासूम बच्चा ट्रैक्टर ट्राली की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो गया। बच्चे को अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बालक के पिता शिकायतकर्ता ऋषिपाल निवासी गांव छाता जिला मथुरा उत्तरप्रदेश ने पुलिस को बताया कि वह कालोनी में खिलौने की दुकान करता है। उसका 7 वर्षीय बेटा युवराज पिंजौर स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ रहा था। वीरवार को करीब साढ़े 10 बजे वह पेपर देने के बाद अपनी मां सोनिया देवी के साथ हनुमान मंदिर के समीप स्थित अपनी दुकान पर आ रहा था। मंदिर के समीप एक ट्रैक्टर ट्राली चालक ट्राली से रेत अनलोड कर रहा था। जब उसकी पत्नी और उसका बेटा युवराज गली में रेत उतार रही ट्रैक्टर ट्राली के पास से गुजरने लगे तो ट्रैक्टर चालक ने ट्रैक्टर को लापरवाही से चलाते हुए बिना पीछे देखे बैक कर दिया। इससे उसका बेटा दीवार और ट्रैक्टर के टायर के बीच बुरी तरह से फंस गया और उसके सिर और छाती पर गंभीर चोटें आईं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि जब चालक ने ट्रैक्टर को आगे किया तो उसका बेटा नीचे गिरकर बेहोश हो गया। घटना के बाद उसकी पत्नी बेटे को लेकर प्राइमरी हेल्थ सेंटर गई जहां डाक्टरों ने बेटे को प्राथमिक उपचार देकर पंचकूला सेक्टर 6 के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डाक्टरों ने बेटे को मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता ने पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा कि उसके बच्चे की मौत ट्रैक्टर ट्राली चालक हरप्रीत सिंह की लापरवाही से हुई है इसलिए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मृतक के परिजनों ने आरोप लगते हुए कहा कि अगर समय पर एंबुलेंस आ जाती तो शायद उसका बेटा बच सकता था क्योंकि उसके बेटे को गंभीर चोटें लगीं थी। एंबुलेंस लेट आने की वजह से बेटे को पंचकूला अस्पताल ले जाने में देरी हुई।
विज्ञापन
बॉक्स
एंबुलेंस लेट आने के आरोप बेबुनियाद : डाक्टर
प्राइमरी हेल्थ सेंटर प्रभारी डाक्टर धीरज कपूर ने बताया कि जब घायल युवराज को पीएचसी लाया गया तो उसकी हालत गंभीर थी। उसके नाक, मुंह, कान से खून बह रहा था। हमने बच्चे को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की और प्राथमिक उपचार देने के बाद रेफर किया। बच्चे की मौत के पीछे एंबुलेंस लेट आने का जो कारण बताया जा रहा है वह बेबुनियाद है। बच्चा चोट लगने की वजह से बहुत सीरियस था।
कोट
ट्रैक्टर चालक आरोपी हरप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- गुरमेज सिंह, पुलिस जांच अधिकारी