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जिला अदालत छावनी में रहा तब्दील, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही शहर में
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जिला अदालत छावनी में रहा तब्दील, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही शहर में
प्रशासन और पुलिस के आलाधिकारियों ने दिनभर लिया शहर का जायजा
- प्रशासन ने करवाई वीडियोग्राफी, ड्रोन से शहर पर रखी नजर
- डीसी और डीसीपी खुद शहर में भ्रमण कर लेते रहे जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। डेरा प्रमुख राम रहीम और तीन अन्य दोषियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेेेशी के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए। इस दौरान जिला अदालत छावनी में तब्दील रहा। यहां पर हरियाणा पुलिस के जवानों की कंपनी और रैपिड एक्शन फोर्स आरएएफ के जवान तैनात रहे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने दिनभर शहर की सुरक्षा का जायजा लिया। वहीं, प्रशासन की ओर से वीडियोग्राफी के अलावा शहर पर ड्रोन से भी नजर रखी गई।
सुबह से ही कोर्ट के अंदर आने वाली मुख्य सड़क पर नाका लगाया गया। यहां से प्राइवेट वाहनों को एंट्री नहीं दी गई। इसके अलावा सूरज थिएटर के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। यहां से एडवोकेट और सभी लोग पैदल आ रहे थे। जिला अदालत के अंदर और बाहर पुलिस की तैनाती रही। इस दौरान कोर्ट में आने वाले सरकारी कर्मचारियों के भी आई कार्ड और बैग चेक किए गए। सुबह नौ बजे से लेकर फैसला आने तक रात सात बजे तक पुलिस तैनात रही। पुलिस की ओर से सिटी सील नाका भी लगाया गया। कोर्ट परिसर में डीसीपी कमलदीप गोयल और अन्य पुलिस अधिकारी भी तैनात नजर आए। उनके अलावा इस दौरान सभी पुलिस अधिकारी कोर्ट में मौजूद रहे। जिला अदालत में 400 पुलिस कर्मचारियों के अलावा पुलिस की नौ कंपनी और आरएएफ भी तैनात रही।
शहर में दिखा धारा-144 का असर
चारों दोषियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होने के बाद भी शहर में धारा-144 लगी रही। इस दौरान शहर की रोड और मार्केट में शांति बनी रही। वाहनों का संचालन सभी रोड पर जारी रहा। इसके बाद कहीं पर भीड़ इकट्ठा न हो। इसके लिए पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि कहीं पर किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई। कोर्ट परिसर सहित पूरे शहर में सन्नाटा पसरा रहा। चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस जवान किसी को भी ठहरने की इजाजत नहीं दे रहे थे। वहीं, बड़ी संख्या में शहरवासी भी पुलिस की मदद करते दिखाई दिए। शहर में कहीं पर किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई है।
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शहर की सभी मार्केट में तैनात रही पीसीआर
शहर की मार्केट और जीरकपुर - शिमला हाईवे पर सभी जगह पीसीआर की गश्त रही। पीसीआर की गश्त मुख्य रूप से सेक्टर -2, 3, 4 पर चल रही थी। इसके अलावा शहर के सेक्टर -11, 12, 14, 15 सहित अन्य जगहों पर पीसीआर तैनात रही। चार एंट्री प्वाइंट समेत कुल 17 नाके लगाए गए थे। कोर्ट परिसर समेत शहर में 1320 जवान सुरक्षा में तैनात रहे।
दोबारा हिंसा न हो इसलिए रहा हाई अलर्ट
25 अगस्त 2017 को डेरामुखी ने दो साध्वियों से दुष्कर्म मामले में दोषी करार दिया था। दोषी करार देने के बाद पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान 40 लोग मारे गए थे। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस ने तगड़ी गश्त की। इसके बाद शहर में शांति का माहौल बना रहा। डीसीपी कमलदीप गोयल ने बताया कि पेशी के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर रहीं। शहर में होने वाली हलचल को जानने के लिए सिविल वर्दी में बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गई थी। घुड़सवारी और अन्य वाहनों पर सवार होकर जवान गश्त करते नजर आए। मीडियापर्सन को भी अदालत से 200 मीटर दूर रखा गया।
राम रहीम की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई है। शहर में शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। किसी प्रकार की कोई दुर्घटना नहीं हुई है। शहर में सभी जगह हालात सामान्य रहे। - कमलदीप गोयल, डीसीपी, पंचकूला।
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प्रशासन और पुलिस के आलाधिकारियों ने दिनभर लिया शहर का जायजा
- प्रशासन ने करवाई वीडियोग्राफी, ड्रोन से शहर पर रखी नजर
- डीसी और डीसीपी खुद शहर में भ्रमण कर लेते रहे जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। डेरा प्रमुख राम रहीम और तीन अन्य दोषियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेेेशी के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए। इस दौरान जिला अदालत छावनी में तब्दील रहा। यहां पर हरियाणा पुलिस के जवानों की कंपनी और रैपिड एक्शन फोर्स आरएएफ के जवान तैनात रहे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने दिनभर शहर की सुरक्षा का जायजा लिया। वहीं, प्रशासन की ओर से वीडियोग्राफी के अलावा शहर पर ड्रोन से भी नजर रखी गई।
सुबह से ही कोर्ट के अंदर आने वाली मुख्य सड़क पर नाका लगाया गया। यहां से प्राइवेट वाहनों को एंट्री नहीं दी गई। इसके अलावा सूरज थिएटर के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। यहां से एडवोकेट और सभी लोग पैदल आ रहे थे। जिला अदालत के अंदर और बाहर पुलिस की तैनाती रही। इस दौरान कोर्ट में आने वाले सरकारी कर्मचारियों के भी आई कार्ड और बैग चेक किए गए। सुबह नौ बजे से लेकर फैसला आने तक रात सात बजे तक पुलिस तैनात रही। पुलिस की ओर से सिटी सील नाका भी लगाया गया। कोर्ट परिसर में डीसीपी कमलदीप गोयल और अन्य पुलिस अधिकारी भी तैनात नजर आए। उनके अलावा इस दौरान सभी पुलिस अधिकारी कोर्ट में मौजूद रहे। जिला अदालत में 400 पुलिस कर्मचारियों के अलावा पुलिस की नौ कंपनी और आरएएफ भी तैनात रही।
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शहर में दिखा धारा-144 का असर
चारों दोषियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होने के बाद भी शहर में धारा-144 लगी रही। इस दौरान शहर की रोड और मार्केट में शांति बनी रही। वाहनों का संचालन सभी रोड पर जारी रहा। इसके बाद कहीं पर भीड़ इकट्ठा न हो। इसके लिए पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि कहीं पर किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई। कोर्ट परिसर सहित पूरे शहर में सन्नाटा पसरा रहा। चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस जवान किसी को भी ठहरने की इजाजत नहीं दे रहे थे। वहीं, बड़ी संख्या में शहरवासी भी पुलिस की मदद करते दिखाई दिए। शहर में कहीं पर किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई है।
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शहर की सभी मार्केट में तैनात रही पीसीआर
शहर की मार्केट और जीरकपुर - शिमला हाईवे पर सभी जगह पीसीआर की गश्त रही। पीसीआर की गश्त मुख्य रूप से सेक्टर -2, 3, 4 पर चल रही थी। इसके अलावा शहर के सेक्टर -11, 12, 14, 15 सहित अन्य जगहों पर पीसीआर तैनात रही। चार एंट्री प्वाइंट समेत कुल 17 नाके लगाए गए थे। कोर्ट परिसर समेत शहर में 1320 जवान सुरक्षा में तैनात रहे।
दोबारा हिंसा न हो इसलिए रहा हाई अलर्ट
25 अगस्त 2017 को डेरामुखी ने दो साध्वियों से दुष्कर्म मामले में दोषी करार दिया था। दोषी करार देने के बाद पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान 40 लोग मारे गए थे। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस ने तगड़ी गश्त की। इसके बाद शहर में शांति का माहौल बना रहा। डीसीपी कमलदीप गोयल ने बताया कि पेशी के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर रहीं। शहर में होने वाली हलचल को जानने के लिए सिविल वर्दी में बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गई थी। घुड़सवारी और अन्य वाहनों पर सवार होकर जवान गश्त करते नजर आए। मीडियापर्सन को भी अदालत से 200 मीटर दूर रखा गया।
राम रहीम की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई है। शहर में शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। किसी प्रकार की कोई दुर्घटना नहीं हुई है। शहर में सभी जगह हालात सामान्य रहे। - कमलदीप गोयल, डीसीपी, पंचकूला।