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आरोपी डेरा प्रेमियों ने भूल बख्साने के लिए हाथ जोड़ निकाली लेलडिय़ां
Updated Wed, 31 Oct 2018 10:01 PM IST
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आरोपी डेरा प्रेमियों ने हाथ जोड़ ग्रामीणों से मांगी क्षमा
कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच आरोपियों ने बेअदबी घटनाओं की निशानदेही की
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। सूबे में पिछले तीन वर्ष के दौरान धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी घटनाओं की पड़ताल कर रहे डीआईजी रणबीर सिंह खटड़ा की निगरानी में विशेष जांच टीम ने बुधवार को गांव मल्लके पहुंची। टीम ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हुई बेअदबी केस में गिरफ्तार डेरा प्रेमियों से कड़े सुरक्षा प्रबंधों में वारदात की निशानदेही करवाई। आरोपियों ने गांव वासियों के आगे भूल बक्शाने के लिए हाथ जोड़कर क्षमा याचना की।
बुधवार सुबह आरोपियों समेत विशेष जांच टीम के आने से पहले गांव मल्लके पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। एसपी (जांच) वजीर सिंह खैहरा ओर डीएसपी बाघापुराना रणजोध सिंह की अगुवाई में बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात किए गए। गिरफ्तार आरोपी डेरा प्रेमी अमरदीप सिंह उर्फ दीपा और मिट्ठू सिंह की निशानदेही की विशेष जांच टीम ने वीडियोग्राफी भी की। टीम ने गांव मल्लके गुरुद्वारा साहिब के सचखंड में बेअदबी बाद सील करके रखे गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अंगों की भी वीडियोग्राफी की। मौके पर मौजूद पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के पूर्व चेयरमैन हरिंदर सिंह और अन्य ग्रामीणों के सामने आरोपी डेरा प्रेमियों ने हाथ जोड़ कर अपनी गलती के लिए क्षमा मांगी।
विशेष जांच टीम सबसे पहले आरोपी अमरदीप सिंह दीपा के खेत में लगे ट्यूबवेल पर गई। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने माना कि 4 नवंबर 2015 को घटना वाली रात दोनों आरोपी इस ट्यूबवेल पर ठहरे और उसी रात को ही डेरा सिरसा की 45 सदस्य राज्य स्तरीय समिति का मेंबर पिरथी सिंह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र अंग देकर गया था। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ट्यूबवेल पर पन्ने फाड़े। बाद में मिट्ठू सिंह ने मोटर साइकिल चलाई और उन्होंने पहला समालसर वाले मोड़, लद्धे की दुकान आगे, गांव के बड़े खूह पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अंग बिखारते हुए बरगाड़ी वाले कच्चे रास्ते जाकर जिल्द खेत में फेंक दी थी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया मोटर साइकिल भी बरामद कर लिया है।
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उल्लेखनीय है कि विशेष जांच टीम ने आरोपियों से पूछताछ के लिए अदालत ने आरोपियों का 2 नवंबर तक पुलिस रिमांड मंजूर किया है। गांव मल्लके में 4 नवंबर 2015 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की बड़ी घटना होने पर सिख संगत में भारी रोष फैल गया था। थाना समालसर में गुरसेवक सिंह फौजी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
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कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच आरोपियों ने बेअदबी घटनाओं की निशानदेही की
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। सूबे में पिछले तीन वर्ष के दौरान धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी घटनाओं की पड़ताल कर रहे डीआईजी रणबीर सिंह खटड़ा की निगरानी में विशेष जांच टीम ने बुधवार को गांव मल्लके पहुंची। टीम ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हुई बेअदबी केस में गिरफ्तार डेरा प्रेमियों से कड़े सुरक्षा प्रबंधों में वारदात की निशानदेही करवाई। आरोपियों ने गांव वासियों के आगे भूल बक्शाने के लिए हाथ जोड़कर क्षमा याचना की।
बुधवार सुबह आरोपियों समेत विशेष जांच टीम के आने से पहले गांव मल्लके पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। एसपी (जांच) वजीर सिंह खैहरा ओर डीएसपी बाघापुराना रणजोध सिंह की अगुवाई में बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात किए गए। गिरफ्तार आरोपी डेरा प्रेमी अमरदीप सिंह उर्फ दीपा और मिट्ठू सिंह की निशानदेही की विशेष जांच टीम ने वीडियोग्राफी भी की। टीम ने गांव मल्लके गुरुद्वारा साहिब के सचखंड में बेअदबी बाद सील करके रखे गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अंगों की भी वीडियोग्राफी की। मौके पर मौजूद पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के पूर्व चेयरमैन हरिंदर सिंह और अन्य ग्रामीणों के सामने आरोपी डेरा प्रेमियों ने हाथ जोड़ कर अपनी गलती के लिए क्षमा मांगी।
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विशेष जांच टीम सबसे पहले आरोपी अमरदीप सिंह दीपा के खेत में लगे ट्यूबवेल पर गई। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने माना कि 4 नवंबर 2015 को घटना वाली रात दोनों आरोपी इस ट्यूबवेल पर ठहरे और उसी रात को ही डेरा सिरसा की 45 सदस्य राज्य स्तरीय समिति का मेंबर पिरथी सिंह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र अंग देकर गया था। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ट्यूबवेल पर पन्ने फाड़े। बाद में मिट्ठू सिंह ने मोटर साइकिल चलाई और उन्होंने पहला समालसर वाले मोड़, लद्धे की दुकान आगे, गांव के बड़े खूह पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अंग बिखारते हुए बरगाड़ी वाले कच्चे रास्ते जाकर जिल्द खेत में फेंक दी थी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया मोटर साइकिल भी बरामद कर लिया है।
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उल्लेखनीय है कि विशेष जांच टीम ने आरोपियों से पूछताछ के लिए अदालत ने आरोपियों का 2 नवंबर तक पुलिस रिमांड मंजूर किया है। गांव मल्लके में 4 नवंबर 2015 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की बड़ी घटना होने पर सिख संगत में भारी रोष फैल गया था। थाना समालसर में गुरसेवक सिंह फौजी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों खिलाफ केस दर्ज किया गया था।