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नाबालिग बेटी को तीन माह से घर में बनाया बंधक
Updated Tue, 28 Aug 2018 10:29 PM IST
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पिता बच्ची को घर में बंद कर चला जाता था काम पर
तीन माह से घर में ही भूखी प्यासी तड़पती रहती थी, कुपोषण जैसी कई बीमारियों ने घेरा
पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने छुड़वाया, अस्पताल में दाखिल
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। नई आबादी निवासी एक निर्दयी पिता ने अपनी मासूम बेटी को करीब तीन माह से घर में ही बंधक बनाकर रखने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मोहल्लावासियों की ओर से सूचना मिलने पर समाज सेवी संस्था नर सेवा नारायण सेवा समिति ने पुलिस के सहयोग से बच्ची को बाप के चंगुल से मुक्त करवाकर उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। मामले की सूचना बाल सुरक्षा विभाग के सदस्यों को दी गई है।
समिति के मुख्य सेवादार राजू चराया को सूचना मिली कि नई आबादी गली नंबर 1 बडी पौडी निवासी चमन लाल नामक व्यक्ति ने अपनी 12 वर्षीय बेटी कोतीन महीने से घर में ही बंधक बनाकर रखा है। चमन लाल डीएवी संस्थान की किसी कैंटीन में कार्य करता है। जबकि उसकी पत्नी करीब 3 वर्ष पहले उसे छोड़कर चली गई। सूचना के अनुसार चमन लाल बेटी को एक कमरे में बंद करके काम पर चला जाता था, जिससे बच्ची दिन भर भूखी प्यासी रहती थी। जिससे वह मरणासन्न अवस्था में पहुंच गई। पुलिस को साथ लेकर जब संस्था के सेवादार उसके घर पहुंचे तो बच्ची की हालत देखकर दंग रह गए। आंखें बंद किए चारपाई पर पड़ी बच्ची बार-बार मुंह खोल कर कुछ खाने को मांगती थी। उन्होंने तुरंत उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। बाल रोग विशेषज्ञ डा. साहब राम ने उसका उपचार शुरू किया। उन्होंने बताया कि पर्याप्त भोजन न मिलने के कारण इसके शरीर में विटामिन की कमी हो गई, जिससे वह कुपोषण की शिकार हो चुकी है। वहीं नेत्ररोग विशेषज्ञ डा. श्याम धूडिया ने बताया कि बच्ची की आंखें पिछले डेढ़ दो माह से बंद हैं, जिससे उसका कोर्नियां खराब हो चुका है। जिसे देखते हुए डा. धूडिय़ा ने उसका उपचार शुरू कर दिया।
इस समाचार की फोटो बएीआर 4 भेजी जा रही है।
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तीन माह से घर में ही भूखी प्यासी तड़पती रहती थी, कुपोषण जैसी कई बीमारियों ने घेरा
पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने छुड़वाया, अस्पताल में दाखिल
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। नई आबादी निवासी एक निर्दयी पिता ने अपनी मासूम बेटी को करीब तीन माह से घर में ही बंधक बनाकर रखने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मोहल्लावासियों की ओर से सूचना मिलने पर समाज सेवी संस्था नर सेवा नारायण सेवा समिति ने पुलिस के सहयोग से बच्ची को बाप के चंगुल से मुक्त करवाकर उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। मामले की सूचना बाल सुरक्षा विभाग के सदस्यों को दी गई है।
समिति के मुख्य सेवादार राजू चराया को सूचना मिली कि नई आबादी गली नंबर 1 बडी पौडी निवासी चमन लाल नामक व्यक्ति ने अपनी 12 वर्षीय बेटी कोतीन महीने से घर में ही बंधक बनाकर रखा है। चमन लाल डीएवी संस्थान की किसी कैंटीन में कार्य करता है। जबकि उसकी पत्नी करीब 3 वर्ष पहले उसे छोड़कर चली गई। सूचना के अनुसार चमन लाल बेटी को एक कमरे में बंद करके काम पर चला जाता था, जिससे बच्ची दिन भर भूखी प्यासी रहती थी। जिससे वह मरणासन्न अवस्था में पहुंच गई। पुलिस को साथ लेकर जब संस्था के सेवादार उसके घर पहुंचे तो बच्ची की हालत देखकर दंग रह गए। आंखें बंद किए चारपाई पर पड़ी बच्ची बार-बार मुंह खोल कर कुछ खाने को मांगती थी। उन्होंने तुरंत उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। बाल रोग विशेषज्ञ डा. साहब राम ने उसका उपचार शुरू किया। उन्होंने बताया कि पर्याप्त भोजन न मिलने के कारण इसके शरीर में विटामिन की कमी हो गई, जिससे वह कुपोषण की शिकार हो चुकी है। वहीं नेत्ररोग विशेषज्ञ डा. श्याम धूडिया ने बताया कि बच्ची की आंखें पिछले डेढ़ दो माह से बंद हैं, जिससे उसका कोर्नियां खराब हो चुका है। जिसे देखते हुए डा. धूडिय़ा ने उसका उपचार शुरू कर दिया।
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