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बरनाला के सिविल अस्पताल में दुष्कर्म

Sat, 02 Jun 2018 10:00 PM IST
Updated Sat, 02 Jun 2018 10:00 PM IST
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बरनाला के सिविल अस्पताल में दुष्कर्म
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सिविल अस्पताल में नशे का इंजेक्शन देकर नाबालिग से गैंगरेप
वारदात से पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
सिविल अस्पताल बरनाला में एक 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा से गैंगरेप की वारदात से पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने नाबालिग लड़की का मेडिकल कराने के बाद आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी देते हुए पीड़ित नाबालिग लड़की ने बताया कि उसकी मां करीब दस दिन से इलाज के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल थी। वह 28-29 मई की मध्यरात्रि वाटर कूलर से पानी भरने गई तो अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात 2 लड़के उसे खींचकर अस्पताल के एक कमरे में ले गए। जहां उन्होंने जबरदस्ती उसे नशीला इंजेक्शन देकर बेहोश कर दिया और दोनों उसके साथ रेप करते रहे। पीड़िता ने बताया कि 29 मई को उसकी माता को अस्पताल से छुट्टी मिलने बाद वह उनके साथ घर चली गई व बेसुध रही। इस पर उसे पारिवारिक सदस्य उसे सिविल अस्पताल ले आए। जांच के बाद नशीला इंजेक्शन लगाए जाने की बात सामने आई तो डॉक्टरों के कहने पर उसने अपनी मां को सारी बात बताई। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डाक्टर ने कहा कि इस संबंध में पुलिस को सूचना दी गई है। आगे की कार्रवाई पुलिस करेगी। मामले की जांच कर रहे थाना सिटी के इंस्पेक्टर परमिंदर कौर ने कहा कि उन्होंने लड़की का सिविल अस्पताल से मेडिकल करवाकर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि लड़की ने बयान दिया है कि उसके साथ दो लड़कों ने रेप किया। दोनों सिविल अस्पताल में काम करते थे और उन्होंने रेप की वारदात सिविल अस्पताल में की।
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एसएमओ बोले-रेप करने वाले अस्पताल के मुलाजिम नहीं
इंस्पेक्टर परमिंदर कौर ने कहा कि अभी आरोपी लड़कों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। जबकि संपर्क करने पर सिविल अस्पताल के एसएमओ डाक्टर जसवीर सिंह औलख ने कहा कि उन्होंने जांच कर ली है कि लड़की के साथ रेप करने वाले लड़के अस्पताल के पक्के या कच्चे मुलाजिम नहीं थे। अस्पताल व अस्पताल के मुलाजिमों पर आरोप जड़कर उन्हें बदनाम न किया जाए। उन्होंने कहा कि बेबुनियाद आरोप लगाने से अस्पताल की बदनामी होती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने लड़की का मेडिकल कर मामले की रिपोर्ट सिटी पुलिस को भेज दी है। जबकि जिला पुलिस मुखी हरजीत सिंह ने कहा कि मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है, आरोपी चाहे प्राइवेट हो या अस्पताल के मुलाजिम, दोषी पाए जाने पर बख्शे नही जाएंगें।
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