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एनकाउंटर मामले में राजस्थान पुलिस ने लिया अबोहर अस्पताल का रिकार्ड

Thu, 01 Feb 2018 10:25 PM IST
Updated Thu, 01 Feb 2018 10:25 PM IST
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एनकाउंटर मामले में राजस्थान पुलिस ने लिया अबोहर अस्पताल का रिकार्ड
विक्की गौंडर के अबोहर निवासी गुर्गे की तलाश जारी
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अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
अबोहर निवासी जिस गौंडर के गुर्गे के कहने पर लखविंद्र सिंह लक्खा ने गैंगस्टरों को पनाह दी थी उसके बारे में पड़ताल की जा रही है। श्रीगंगानगर व अबोहर की पुलिस उसकी तलाश में अभियान चला रही है। इस बारे में फाजिल्का के एसएसपी केतन बलिराम पाटिल ने चुप्पी साधी हुई है। जबकि डीएसपी गुरविंद्र सिंह संघा ने कहा कि वह इस मामले में राजस्थान पुलिस की पूरी मदद कर रहे हैं। उनसे जो भी रिकार्ड मांगा जा रहा है वह उन्हें मुहैया करा रहे हैं। बता दें कि विक्की गौंडर एनकाउंटर के साथ मारे गए उनके तीसरे साथी शिवेंद्र सिंह गिल के खिलाफ पुलिस रिकार्ड में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। जिस पर मानवाधिकार आयोग ने सख्ती दिखाते हुए उससे संबंधित पूरी रिपोर्ट मांगी है।
श्रीगंगानगर पुलिस ने तीन घंटे की छानबीन
कुख्यात गैंगस्टर विक्की गौंडर और प्रेमा लाहौरिया के साथ एनकाउंटर में मारे गए उनके तीसरे साथी शिवेंद्र का डाक्टरी रिकार्ड हासिल करने के लिए वीरवार को श्रीगंगानगर पुलिस अबोहर पहुंची और करीब तीन घंटे तक सरकारी अस्पताल में संबंधित डाक्टरों और सहयोगी स्टॉफ के बयान दर्ज कर दस्तावेज हासिल किए। इस मौके पर थाना हिंदूमलकोट से भूपेंद्र सोनी, जिला फाजिल्का के पुलिस प्रमुख केतन बलिराम पाटिल, एसपी अबोहर अमरजीत सिंह मटवानी, डीएसपी गुरविंद्र सिंह संघा और थाना खुइयां सरवर के पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।
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एसएमओ कार्यालय में करीब तीन घंटे तक शिवेंद्र के मेडिकल रिकार्ड की गहन जांच पड़ताल के बाद श्रीगंगानगर के एएसपी सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि एनकाउंटर में घायल हुए शिवेंद्र सिंह गिल को पुलिस उपचार के लिए तुरंत सरकारी अस्पताल अबोहर में लाई थी। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। लेकिन उसे अबोहर अस्पताल में दाखिल कराने से लेकर उसकी मौत तक किन-किन डाक्टरों ने उसका उपचार किया, कौन-कौन सी दवाएं प्रयोग की गई और कितने बजे उसकी मौत हुई, इसका पुलिस रिकार्ड में जरूरी है।
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इस समाचार की फोटो एबीआर 2 और 3 भेजी जा रही है।
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