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क्राइम : रिश्वत केस में बर्खास्त तहसीलदार ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगे 60 लाख रुपये
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पंचकूला। हरियाणा सरकार के राजस्व विभाग से बर्खास्त तहसीलदार मोहिंदर सांगवान के खिलाफ ठगी का एक और केस सामने आया है। मोहिंदर और उसके बेटे सिकंदर सांगवान ने मिलकर सेक्टर-2 पंचकूला के रहने वाले आदित्य दत्त के साथ सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 60 लाख रुपये की ठगी की। बाप-बेटों ने आदित्य से 60 लाख रुपये नायब तहसीलदार लगवाने के नाम पर लिए थे। बाद में आदित्य की नौकरी भी नहीं लगवाई और रुपये भी नहीं लौटाए। आदित्य की शिकायत पर सेक्टर-5 पुलिस स्टेशन ने बाप-बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। दोनों बाप-बेटे फिलहाल फरार हैं।
मोहिंदर सांगवान के खिलाफ चार साल पहले भी विजिलेंस ने 80 करोड़ रुपये की ठगी का केस दर्ज किया था। इसके बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। आदित्य ने शिकायत में बताया कि उनके पिता और मोहिंदर सांगवान साथ में सरकारी नौकरी करते थे। उनके पिता शिक्षा विभाग में थे। सांगवान राजस्व विभाग में थे। आदित्य की सरकारी नौकरी नहीं लग रही थी जिस वजह से उनके पिता काफी परेशान रहते थे। इस पर मोहिंदर सांगवान ने उनके पिता से बात की और कहा कि वह उनके बेटे को नायब तहसीलदार लगवा देगा। उसने कहा कि उसकी हरियाणा सरकार में ऊपर तक पहचान है।
वह आदित्य को राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार की नौकरी लगवा देगा। आदित्य के पिता ने सांगवान का बायोडाटा और सर्टिफिकेट दे दिए। कुछ दिनों बाद मोहिंदर सांगवान उनसे मिला और कहा कि उसकी राजस्व मंत्री से बात हो गई है। उनका कहना है कि नौकरी लगवाने के लिए 60 लाख रुपये लगेंगे। आदित्य ने कहा कि उनके पिता सांगवान के अच्छे दोस्त थे। उन्होंने उसकी बात पर विश्वास कर 60 लाख रुपये दे दिए। आदित्य ने बताया कि हालांकि उसके पिता ने कई बार कहा था कि काम होने के बाद पैसे ले लेना लेकिन मोहिंदर सांगवान इसी बात पर अड़ा रहा कि ये रकम मंत्री से लेकर अफसरों तक देनी है तभी काम होगा।
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चेक से रकम लेने से किया इनकार
इतना ही नहीं मोहिंदर सांगवान ने ये रकम चेक या ड्राफ्ट के जरिए लेने से भी इनकार कर दिया। इस कारण उन्होंने 60 लाख रुपये कैश दे दिए। इसके लिए उन्हें अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी उधार लेना पड़ा। ये रकम लेने के लिए मोहिंदर का बेटा सिकंदर सांगवान उनके घर आता था। तीन महीने इसी तरह बीत गए लेकिन आदित्य की नौकरी नहीं लगी। पूछने पर मोहिंदर सांगवान बहाने बनाता रहा और फिर उसने फोन भी उठाने बंद कर दिए। कुछ दिनों बाद उन्हें पता चला कि मोहिंदर सांगवान के खिलाफ सरकार के साथ 80 करोड़ रुपये की ठगी करने पर हरियाणा विजिलेंस विभाग ने केस दर्ज किया है और वह फरार है। इतना सुनने पर आदित्य के पिता को बड़ा सदमा लगा और 20 अगस्त 2017 को उनकी मौत हो गई।
आदित्य ने बताया कि मोहिंदर सांगवान आठ-नौ महीने जेल में रहा और अपनी पेमेंट की बात की तो सिंकदर सांगवान यह कहता रहा कि जैसे ही मेरे पिता बाहर आएंगे तो बात करेंगे। मोहिंदर सांगवान के जेल से बाहर आने के बाद भी उन्होंने रुपये नहीं लौटाए। उनके घर के काफी चक्कर लगाने के बाद बाप-बेटे ने 60 लाख रुपये का चेक दिया लेकिन वह भी बाउंस हो गया। उन्होंने फिर मोहिंदर से बात की तो उसने जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी। इसके बाद फिर आदित्य ने अब पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने जांच के बाद बाप-बेटे पर केस दर्ज कर लिया। सेक्टर-5 थाना प्रभारी दलीप कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
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मोहिंदर सांगवान के खिलाफ चार साल पहले भी विजिलेंस ने 80 करोड़ रुपये की ठगी का केस दर्ज किया था। इसके बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। आदित्य ने शिकायत में बताया कि उनके पिता और मोहिंदर सांगवान साथ में सरकारी नौकरी करते थे। उनके पिता शिक्षा विभाग में थे। सांगवान राजस्व विभाग में थे। आदित्य की सरकारी नौकरी नहीं लग रही थी जिस वजह से उनके पिता काफी परेशान रहते थे। इस पर मोहिंदर सांगवान ने उनके पिता से बात की और कहा कि वह उनके बेटे को नायब तहसीलदार लगवा देगा। उसने कहा कि उसकी हरियाणा सरकार में ऊपर तक पहचान है।
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वह आदित्य को राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार की नौकरी लगवा देगा। आदित्य के पिता ने सांगवान का बायोडाटा और सर्टिफिकेट दे दिए। कुछ दिनों बाद मोहिंदर सांगवान उनसे मिला और कहा कि उसकी राजस्व मंत्री से बात हो गई है। उनका कहना है कि नौकरी लगवाने के लिए 60 लाख रुपये लगेंगे। आदित्य ने कहा कि उनके पिता सांगवान के अच्छे दोस्त थे। उन्होंने उसकी बात पर विश्वास कर 60 लाख रुपये दे दिए। आदित्य ने बताया कि हालांकि उसके पिता ने कई बार कहा था कि काम होने के बाद पैसे ले लेना लेकिन मोहिंदर सांगवान इसी बात पर अड़ा रहा कि ये रकम मंत्री से लेकर अफसरों तक देनी है तभी काम होगा।
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चेक से रकम लेने से किया इनकार
इतना ही नहीं मोहिंदर सांगवान ने ये रकम चेक या ड्राफ्ट के जरिए लेने से भी इनकार कर दिया। इस कारण उन्होंने 60 लाख रुपये कैश दे दिए। इसके लिए उन्हें अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी उधार लेना पड़ा। ये रकम लेने के लिए मोहिंदर का बेटा सिकंदर सांगवान उनके घर आता था। तीन महीने इसी तरह बीत गए लेकिन आदित्य की नौकरी नहीं लगी। पूछने पर मोहिंदर सांगवान बहाने बनाता रहा और फिर उसने फोन भी उठाने बंद कर दिए। कुछ दिनों बाद उन्हें पता चला कि मोहिंदर सांगवान के खिलाफ सरकार के साथ 80 करोड़ रुपये की ठगी करने पर हरियाणा विजिलेंस विभाग ने केस दर्ज किया है और वह फरार है। इतना सुनने पर आदित्य के पिता को बड़ा सदमा लगा और 20 अगस्त 2017 को उनकी मौत हो गई।
आदित्य ने बताया कि मोहिंदर सांगवान आठ-नौ महीने जेल में रहा और अपनी पेमेंट की बात की तो सिंकदर सांगवान यह कहता रहा कि जैसे ही मेरे पिता बाहर आएंगे तो बात करेंगे। मोहिंदर सांगवान के जेल से बाहर आने के बाद भी उन्होंने रुपये नहीं लौटाए। उनके घर के काफी चक्कर लगाने के बाद बाप-बेटे ने 60 लाख रुपये का चेक दिया लेकिन वह भी बाउंस हो गया। उन्होंने फिर मोहिंदर से बात की तो उसने जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी। इसके बाद फिर आदित्य ने अब पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने जांच के बाद बाप-बेटे पर केस दर्ज कर लिया। सेक्टर-5 थाना प्रभारी दलीप कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है।