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पंचकूलाः कंबोपुरा सरपंच खुदखुशी मामले की हुई सुनवाई, दर्ज किए गए गवाहों के बयान
Sat, 07 Dec 2019 01:09 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला
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Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2019 01:09 PM IST
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बहुचर्चित कंबोपुरा सरपंच खुदकुशी मामले की शुक्रवार को विशेष सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में हरियाणा के पूर्व परिवहन मंत्री ओपी जैन व पूर्व सीपीएस जिले राम शर्मा और पूर्व मंत्री के पीए राजिंदर शर्मा पेश हुए। सुनवाई के दौरान दो गवाहों के बयान दर्ज हुए। अगली सुनवाई में इन्हीं दोनों गवाहों के बयान दर्ज किए जाने की प्रक्रिया रहेगी जारी।
मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी। बता दें कि हरियाणा के पूर्व परिवहन मंत्री ओपी जैन व पूर्व सीपीएस जिले राम शर्मा व मंत्री के पूर्व पीए राजिंदर शर्मा पर है आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। 7 जून 2011 को कंबोपुरा के सरपंच करम सिंह करनाल के असंध से विधायक व मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा के घर से अपने पैसे लेने गए थे, जिसके बाद उनका शव करनाल एनडीआरई के सामने मिला था।
इस मामले में मृतक के परिजनों ने तत्कालीन परिवहन मंत्री ओपी जैन और संसदीय सचिव जिलेराम शर्मा पर हत्या के आरोप लगाए थे। आरोपों में कहा गया था कि उक्त नेताओं ने कर्म सिंह के परिवार के लोगों को नौकरी पर लगवाने के लिए लाखों की राशि ली थी। जिसके बाद इस मामले मे सीबीआई ने जांच के करीब 1 साल तक दोनों जेल में रहे। जिसके बाद दोनों जमानत मिल गई थी।
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मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी। बता दें कि हरियाणा के पूर्व परिवहन मंत्री ओपी जैन व पूर्व सीपीएस जिले राम शर्मा व मंत्री के पूर्व पीए राजिंदर शर्मा पर है आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। 7 जून 2011 को कंबोपुरा के सरपंच करम सिंह करनाल के असंध से विधायक व मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा के घर से अपने पैसे लेने गए थे, जिसके बाद उनका शव करनाल एनडीआरई के सामने मिला था।
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इस मामले में मृतक के परिजनों ने तत्कालीन परिवहन मंत्री ओपी जैन और संसदीय सचिव जिलेराम शर्मा पर हत्या के आरोप लगाए थे। आरोपों में कहा गया था कि उक्त नेताओं ने कर्म सिंह के परिवार के लोगों को नौकरी पर लगवाने के लिए लाखों की राशि ली थी। जिसके बाद इस मामले मे सीबीआई ने जांच के करीब 1 साल तक दोनों जेल में रहे। जिसके बाद दोनों जमानत मिल गई थी।
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