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मारपीट मामले के दो आरोपी बरी
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चंडीगढ़। रॉड से हमला कर मारपीट करने के मामले में जिला अदालत ने दो व्यक्तियों को शिकायतकर्ता के न पहचानने पर बरी कर दिया। शिकायतकर्ता सतनाम की शिकायत पर 2018 में पुलिस ने नेत्रपाल और उमेश नाम के दो व्यक्तियों पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। शिकायत चार लोगों के खिलाफ की गई थी, जिनमें से राजेश अभी भी फरार है। एक के खिलाफ पुलिस को सबूत नहीं मिले थे इसलिए उसे भी केस से डिस्चार्ज कर दिया गया था। केस के वकील एडवोकेट दीक्षित अरोड़ा ने बताया कि शिकायतकर्ता सतनाम अपने बयानों से मुकर गया, जिस कारण कोर्ट ने व्यक्तियों को बरी कर दिया।
मामला 12 नवंबर, 2018 का है। पुलिस ने सेक्टर-16 स्थित अस्पताल में मारपीट में घायल सतनाम सिंह के बयान दर्ज किए थे। सतनाम ने बताया कि वह सेक्टर-41 स्थित रेहड़ा स्टैंड पर काम करता है। पास में ही नेत्रपाल नाम का व्यक्ति ढाबा चलाता है। नेत्रपाल के साथ उसका उधार भी चलता था। 12 नवंबर को सतनाम और नेत्रपाल का उधार के पैसों को लेकर झगड़ा हो गया। आरोप के मुताबिक नेत्रपाल ने सतनाम को गाली दी। रात करीब साढ़े नौ बजे सतनाम सेक्टर-41 की कृष्णा मार्केट में खाना खाने जा रहा था। नेत्रपाल ने वहां आकर उसे धमकी दी। नेत्रपाल के साथ उसका भाई अमरपाल सिंह और ढाबे पर काम करने वाले राजेश और उमेश भी थे। नेत्रपाल और राजेश ने सतनाम को पकड़ लिया। अमर पाल ने उसके सिर पर डंडा मारा और उमेश ने उसकी आंख व माथे पर तंदुर वाली लोहे की रॉड मारी। सतनाम ने शोर मचाने पर चारों मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सतनाम को हॉस्पिटल पहुंचाया। उसके बयानों पर पुलिस ने नेत्रपाल और उमेश को गिरफ्तार कर लिया। राजेश पकड़ा नहीं गया और अमरपाल सिंह के खिलाफ पुलिस सबूत पेश नहीं कर पाई इसलिए उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।
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मामला 12 नवंबर, 2018 का है। पुलिस ने सेक्टर-16 स्थित अस्पताल में मारपीट में घायल सतनाम सिंह के बयान दर्ज किए थे। सतनाम ने बताया कि वह सेक्टर-41 स्थित रेहड़ा स्टैंड पर काम करता है। पास में ही नेत्रपाल नाम का व्यक्ति ढाबा चलाता है। नेत्रपाल के साथ उसका उधार भी चलता था। 12 नवंबर को सतनाम और नेत्रपाल का उधार के पैसों को लेकर झगड़ा हो गया। आरोप के मुताबिक नेत्रपाल ने सतनाम को गाली दी। रात करीब साढ़े नौ बजे सतनाम सेक्टर-41 की कृष्णा मार्केट में खाना खाने जा रहा था। नेत्रपाल ने वहां आकर उसे धमकी दी। नेत्रपाल के साथ उसका भाई अमरपाल सिंह और ढाबे पर काम करने वाले राजेश और उमेश भी थे। नेत्रपाल और राजेश ने सतनाम को पकड़ लिया। अमर पाल ने उसके सिर पर डंडा मारा और उमेश ने उसकी आंख व माथे पर तंदुर वाली लोहे की रॉड मारी। सतनाम ने शोर मचाने पर चारों मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सतनाम को हॉस्पिटल पहुंचाया। उसके बयानों पर पुलिस ने नेत्रपाल और उमेश को गिरफ्तार कर लिया। राजेश पकड़ा नहीं गया और अमरपाल सिंह के खिलाफ पुलिस सबूत पेश नहीं कर पाई इसलिए उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।
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