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पंचकूलाः कांउटर कैशियर ने बिजली निगम से ठगे 1.61 करोड़ रुपये, 3 महीने से ड्यूटी से गैरहाजिर है

Fri, 28 Feb 2020 01:48 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पंचकूला
अमर उजाला नेटवर्क, पंचकूला Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 28 Feb 2020 01:48 AM IST
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Counter Cashier cheated Rs 1.61 crore from Electricity Corporation
प्रतीकात्मक तस्वीर
पंचकूला में बरवाला स्थित उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन), सब-डिवीजन में बतौर काउंटर कैशियर कार्यरत रहे गौरव कुमार पर निगम से 1.61 करोड़ रुपये के गबन के आरोप में पुलिस ने धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ एसडीओ गोपाल क्रिशन की शिकायत पर केस दर्ज किया गया। हरियाणा के कुरुक्षेत्र की न्यू सरस्वती कॉलोनी की गली नंबर-3 निवासी आरोपी गौरव कुमार सात नवंबर 2019 से ड्यूटी से गैर हाजिर है।
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शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि मीटर रीडर गौरव कुमार बीस अप्रैल 2018 से 30 अक्तूबर 2019 तक निगम में बतौर काउंटर कैशियर कार्यरत रहा। 21 जनवरी 2020 को उन्हें उपभोक्ताओं द्वारा निगम को भुगतान नहीं किए गए कई बिल के बारे में पता लगा। स्क्रूटनी करने पर उन्हें पता लगा कि आरोपी गौरव ने बतौर काउंटर कैशियर रहते समय कई अनियमितताएं और बड़ी गड़बड़ियां की। गौरव ने ड्यूटी के समय उपभोक्ताओं को बिल के पीछे ही हस्त लिखित गलत और फर्जी रसीदें जारी की।
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आरोपी ने हेड कैशियर के पास रसीदें जमा करवाने से पहले सिस्टम जनरेटिड रसीदों को निरस्त तक किया। इससे राजस्व को भारी नुकसान हुआ। निगम ने कैश के लिए इंस्टाल कंप्यूटर से निरस्त की रसीदों का डाटा जुटा लिया है। विभाग को पहली बार 80,60,573 रुपये, दूसरी बार 19,80,232 रुपये और तीसरी बार 60,80,341 रुपये की धोखाधड़ी से नुकसान होने का पता लगा।
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उपभोक्ताओं की रसीदें नहीं पहुंची निगम के खाते
कई उपभोक्ताओं ने आरोपी द्वारा उन्हें बिल के पीछे दी रसीदों को जमा कराया। लेकिन दर्शाया गया अमाउंट बिल निगम के खाते में जमा नहीं हुआ। सीसीआर नंबर से अंकित रसीदों की जांच करने पर पता लगा कि रसीदों पर दर्शाई रकम की एंट्री ही नहीं की गई थी। आरोपी ने सीसीआर की एंट्री के बिना ही फर्जी रसीदें जारी कर दी थी। ऑफिस के पास रसीदों पर दिए सीसीआर नंबर का कोई रिकॉर्ड नहीं है।


अधीनस्थ अधिकारी मामले को उच्च पदस्थ अधिकारियों के संज्ञान में लाए। फिर एक्सईएन के निर्देशों पर मीटर रीडर आरोपी गौरव कुमार के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। ताकि उपभोक्ताओं के एनर्जी बिल के लिए उनसे प्राप्त रकम को जमा नहीं कराने, सीसीआर में एंट्री के बिना फर्जी रसीदें जारी करने, निगम के कैश काउंटर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से बिल की रसीदों की एंट्री को डिलीट कर कुल गबन का पता लग सके। फिलहाल पुलिस आगामी जांच में जुटी है।
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