{"_id":"5f4d3efa8ebc3eabe67b3d59","slug":"corruption-is-corruption-after-all-captain-bureau-news-pkl3864269119","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार आखिर भ्रष्टाचार ही होता है : कैप्टन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार आखिर भ्रष्टाचार ही होता है : कैप्टन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा के उस तर्क को खारिज कर दिया, जिसमें बाजवा ने वजीफा घोटाले और बिट्मैन घोटाले के बीच तुलना न किए जाने की बात कही थी। सीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार तो भ्रष्टाचार है, भले ही किसी भी रूप में हो। कैप्टन ने कहा कि उनकी पिछली सरकार में लोक निर्माण विभाग मंत्री रहे बाजवा के खिलाफ लगे बिटुमैन (तारकोल) घोटाले के आरोप भी उतने ही गंभीर हैं जितने कि वजीफा मामले में अब लगे आरोप हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर वे उस समय भी उतनी ही गैर जिम्मेदारी के साथ काम लेते, जैसाकि बाजवा अब उनसे उम्मीद कर रहे हैं, तो उन्होंने उस समय के मंत्री (बाजवा) को बिना निष्पक्ष जांच पड़ताल के बेबुनियाद आरोपों के आधार पर बर्खास्त कर देना था।
रूल्स ऑफ बिजनेस 1992 के तहत सीएस को सौंपी जांच
कैप्टन ने आगे बताया कि उन्होंने कथित वजीफा घोटाले की गहराई से जांच की जिम्मेदारी मुख्य सचिव को सौंपने का फैसला किया क्योंकि संबंधित मंत्री और सामाजिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, जिनकी आंतरिक रिपोर्ट मंत्री के खिलाफ आरोपों का आधार बनी, के बीच असहमति थी। पंजाब सरकार के रूल्स आफ बिजनेस, 1992 के अनुसार जिन मामलों में मंत्री और सचिव के बीच वैचारिक सहमति न हो, वह मामले आदेश जारी होने से पहले मुख्य सचिव द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष रखे जाएंगे। कैप्टन ने आगे बताया कि एक मंत्री रह चुके होने के नाते बाजवा को यह पता होना चाहिए था कि मौजूदा मामले के हालात देखते हुए कार्यवाही आगे ले जाने का यही एक रास्ता है और उन्होंने मुख्य सचिव को उनको कार्रवाई के लिए मामला भेजने से पहले इसकी गहराई से जांच-पड़ताल के लिए कहा है।
दूलो और बाजवा की बुरी नीयत : कैप्टन
कैप्टन ने राज्य सभा सदस्य शमशेर सिंह दूलो की इन बातों की भी निंदा की कि मुख्य सचिव की जांच के नतीजों का इंतजार किए बिना ही वह कथित घोटाले में सीबीआई जांच करवाने की मांग का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने बाजवा और दूलों पर लगातार पार्टी विरोधी कार्रवाइयों करने के लिए बरसते हुए कहा कि दोनों संसद सदस्यों द्वारा अपनी ही सरकार पर दिखाया जा रहा अविश्वास, उनकी बुरी नीयत को दर्शाता है।
विज्ञापन
आप को पंजाब के लोग नकार चुके हैं : कैप्टन
कैप्टन ने आम आदमी पार्टी द्वारा इस मामले में मुख्य सचिव जांच को रद्द करने को पूरी तरह बेतुका और तर्कहीन करार देते हुए कहा, ‘‘वह किसी भी बात को स्वीकार या रद्द करने वाले कौन हैं?’’ उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी को तो बहुत पहले ही पंजाब के लोग नकार चुके हैं। सीएम ने कहा कि वह न तो आप या किसी अन्य पक्ष द्वारा इस मामले में किसी हिमायत की परवाह करते हैं और न ही उनमें रुचि रखते हैं।
विज्ञापन
रूल्स ऑफ बिजनेस 1992 के तहत सीएस को सौंपी जांच
कैप्टन ने आगे बताया कि उन्होंने कथित वजीफा घोटाले की गहराई से जांच की जिम्मेदारी मुख्य सचिव को सौंपने का फैसला किया क्योंकि संबंधित मंत्री और सामाजिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, जिनकी आंतरिक रिपोर्ट मंत्री के खिलाफ आरोपों का आधार बनी, के बीच असहमति थी। पंजाब सरकार के रूल्स आफ बिजनेस, 1992 के अनुसार जिन मामलों में मंत्री और सचिव के बीच वैचारिक सहमति न हो, वह मामले आदेश जारी होने से पहले मुख्य सचिव द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष रखे जाएंगे। कैप्टन ने आगे बताया कि एक मंत्री रह चुके होने के नाते बाजवा को यह पता होना चाहिए था कि मौजूदा मामले के हालात देखते हुए कार्यवाही आगे ले जाने का यही एक रास्ता है और उन्होंने मुख्य सचिव को उनको कार्रवाई के लिए मामला भेजने से पहले इसकी गहराई से जांच-पड़ताल के लिए कहा है।
विज्ञापन
दूलो और बाजवा की बुरी नीयत : कैप्टन
कैप्टन ने राज्य सभा सदस्य शमशेर सिंह दूलो की इन बातों की भी निंदा की कि मुख्य सचिव की जांच के नतीजों का इंतजार किए बिना ही वह कथित घोटाले में सीबीआई जांच करवाने की मांग का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने बाजवा और दूलों पर लगातार पार्टी विरोधी कार्रवाइयों करने के लिए बरसते हुए कहा कि दोनों संसद सदस्यों द्वारा अपनी ही सरकार पर दिखाया जा रहा अविश्वास, उनकी बुरी नीयत को दर्शाता है।
विज्ञापन
आप को पंजाब के लोग नकार चुके हैं : कैप्टन
कैप्टन ने आम आदमी पार्टी द्वारा इस मामले में मुख्य सचिव जांच को रद्द करने को पूरी तरह बेतुका और तर्कहीन करार देते हुए कहा, ‘‘वह किसी भी बात को स्वीकार या रद्द करने वाले कौन हैं?’’ उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी को तो बहुत पहले ही पंजाब के लोग नकार चुके हैं। सीएम ने कहा कि वह न तो आप या किसी अन्य पक्ष द्वारा इस मामले में किसी हिमायत की परवाह करते हैं और न ही उनमें रुचि रखते हैं।