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नगर निगम चंडीगढ़ का फैसला, जेपी प्लांट को करेंगे टेकओवर, देंगे एक महीने का नोटिस
Wed, 26 Feb 2020 01:16 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2020 01:16 PM IST
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मेयर राजबाला मलिक
- फोटो : अमर उजाला
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सदन की बैठक में मंगलवार को तय किया गया कि जेपी प्लांट को नगर निगम टेकओवर करेगा। प्लांट को एक महीने का समय दिया जाएगा। इस दौरान उसे मिक्स वेस्ट प्लांट की मशीनों को हटाने के लिए कहा जाएगा। कंपोस्ट खाद की मशीनों की राशि निगम कंपनी को देगा। मशीनें समय सीमा में न हटने पर निगम मशीनों को हटाकर बेच देगा।
सदन की बैठक में आखिरकार जेपी प्लांट का समाधान हो गया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से जारी आदेश के अनुसार सदन में चर्चा हुई। कमिश्नर केके यादव ने कहा कि एनजीटी ने कंपनी के अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि टिपिंग फीस केवल 9 माह केे लिए लिए थी। सर्वसम्मति से सभी पार्षदों ने प्लांट को टेकओवर करने को कहा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद के सुझाव पर तय किया गया कि निगम पहले 2005 में कंपनी के साथ किए गए एमओयू का रिव्यू करेगी। उसके बाद कंपनी को सात दिन का नोटिस जारी होगी। उसके बाद एक माह का नोटिस जारी कर मिक्स वेस्ट प्लांट की मशीनों को हटाने के लिए कहा जाएगा।
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मशीनें नहीं हटीं तो वह निगम की प्रॉपर्टी होगी। इसके अलावा कंपोस्ट वेस्ट की मशीन को निगम कंपनी से खरीदेगा। तीसरी पार्टी से उसकी राशि तय कराई जाएगी। इसमें कंपनी पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड व अन्य जुर्माने की राशि को घटाकर कंपनी को पेमेंट किया जाएगा। मशीनों की राशि से जुर्माने की राशि ज्यादा हुई तो कंपनी से वसूली की जाएगी।
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सदन की बैठक में आखिरकार जेपी प्लांट का समाधान हो गया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से जारी आदेश के अनुसार सदन में चर्चा हुई। कमिश्नर केके यादव ने कहा कि एनजीटी ने कंपनी के अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि टिपिंग फीस केवल 9 माह केे लिए लिए थी। सर्वसम्मति से सभी पार्षदों ने प्लांट को टेकओवर करने को कहा।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद के सुझाव पर तय किया गया कि निगम पहले 2005 में कंपनी के साथ किए गए एमओयू का रिव्यू करेगी। उसके बाद कंपनी को सात दिन का नोटिस जारी होगी। उसके बाद एक माह का नोटिस जारी कर मिक्स वेस्ट प्लांट की मशीनों को हटाने के लिए कहा जाएगा।
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मशीनें नहीं हटीं तो वह निगम की प्रॉपर्टी होगी। इसके अलावा कंपोस्ट वेस्ट की मशीन को निगम कंपनी से खरीदेगा। तीसरी पार्टी से उसकी राशि तय कराई जाएगी। इसमें कंपनी पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड व अन्य जुर्माने की राशि को घटाकर कंपनी को पेमेंट किया जाएगा। मशीनों की राशि से जुर्माने की राशि ज्यादा हुई तो कंपनी से वसूली की जाएगी।
विशेषज्ञ कंपनियों से निगम मांगेगा सुझाव
निगम मशीनों के संबंध में टेंडर करके विभिन्न विशेषज्ञ कंपनियों से सुझाव मांगे जाएंगे। उसके प्लांट को चलाने के लिए बेहतर सुझावों पर काम किया जाएगा। कमिश्नर ने कहा कि प्लांट को संचालित करने के लिए 60 लाख उसके ऑपरेशन, 15 लाख बिजली बिल, 25 लाख रुपये लेबर और 20 लाख रुपये उसकी मेंटेनेंस पर खर्च होंगे। फिलहाल प्लांट के बाहर गार्ड भी लगाए जाएंगे ताकि कंपनी मशीनरी व अन्य पार्ट्स को बाहर न ले जा सके।
वहीं, कंपनियों से आने वाले सुझाव पर तय होगा कि किस टेक्नोलॉजी वाली मशीनें लगानी होंगी। कचरे को प्रोसेस करने के बाद निकलने वाले आरडीएफ के बारे में भी कंपनी से ही तय किया जाएगा। वहीं, पार्षद प्लांट को संचालित करने के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ प्लांट का भी निरीक्षण करेंगे ताकि वहां की टेक्नोलॉजी और कार्यशैली के बारे में पता चल सके।
जल्द नहीं हुआ तय तो लगेगा 10 लाख का जुर्माना
कमिश्नर ने कहा कि जल्द से जल्द कचरे का निस्तारण नहीं हुआ तो एनजीटी की ओर से एक अप्रैल के बाद 10 लाख रुपये जुर्माना लगने लगेगा, इसलिए प्लांट की कार्ययोजना जल्द तैयार करनी होगी। हालांकि, स्मार्ट सिटी के अंतर्गत सेनेटरी लैंडफिल पर जल्द काम शुरू हो जाएगा।
राजनीति के बावजूद एकजुट दिखे पार्षद
जेपी प्लांट के खिलाफ भाजपा और कांग्रेस के पार्षद एक जुट दिखे। भाजपा की ओर से देवेश मोदगिल, शक्ति प्रकाश देवशाली, राजेश कालिया, रविकांत शर्मा सहित सभी पार्षदों ने प्लांट को निगम को टेकओवर करने को कहा। वहीं, कांग्रेस पार्षद देवेंदर सिंह बबला ने भी इसका पूरा समर्थन किया।
वहीं, कंपनियों से आने वाले सुझाव पर तय होगा कि किस टेक्नोलॉजी वाली मशीनें लगानी होंगी। कचरे को प्रोसेस करने के बाद निकलने वाले आरडीएफ के बारे में भी कंपनी से ही तय किया जाएगा। वहीं, पार्षद प्लांट को संचालित करने के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ प्लांट का भी निरीक्षण करेंगे ताकि वहां की टेक्नोलॉजी और कार्यशैली के बारे में पता चल सके।
जल्द नहीं हुआ तय तो लगेगा 10 लाख का जुर्माना
कमिश्नर ने कहा कि जल्द से जल्द कचरे का निस्तारण नहीं हुआ तो एनजीटी की ओर से एक अप्रैल के बाद 10 लाख रुपये जुर्माना लगने लगेगा, इसलिए प्लांट की कार्ययोजना जल्द तैयार करनी होगी। हालांकि, स्मार्ट सिटी के अंतर्गत सेनेटरी लैंडफिल पर जल्द काम शुरू हो जाएगा।
राजनीति के बावजूद एकजुट दिखे पार्षद
जेपी प्लांट के खिलाफ भाजपा और कांग्रेस के पार्षद एक जुट दिखे। भाजपा की ओर से देवेश मोदगिल, शक्ति प्रकाश देवशाली, राजेश कालिया, रविकांत शर्मा सहित सभी पार्षदों ने प्लांट को निगम को टेकओवर करने को कहा। वहीं, कांग्रेस पार्षद देवेंदर सिंह बबला ने भी इसका पूरा समर्थन किया।