फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Controversy deepens over the appointment of new AG vinod ghai in Punjab

Punjab Advocate General: विनोद घई की AG पद पर नियुक्ति से बढ़ा विवाद, विपक्ष के साथ ही सिख संगठन भी नाराज

Thu, 28 Jul 2022 01:27 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 28 Jul 2022 01:27 AM IST
सार

एडवोकेट विनोद घई कई मामलों में पंजाब सरकार के खिलाफ खड़े हुए हैं। वे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के अलावा पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी, भगवंत मान सरकार के बर्खास्त स्वास्थ्य मंत्री डा. विजय सिंगला और पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत के वकील रहे हैं।

विज्ञापन
Controversy deepens over the appointment of new AG vinod ghai in Punjab
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान - फोटो : @PunjabGovtIndia

विस्तार

पंजाब में नए एडवोकेट जनरल विनोद घई की नियुक्ति को लेकर खासा विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां सिख संगठनों ने घई की नियुक्ति का विरोध शुरू कर दिया है, वहीं सोशल मीडिया पर कई अन्य लोग भी सरकार पर तंज कस रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि विनोद घई अब तक अधिकतर मामलों में पंजाब सरकार के खिलाफ ही अदालत में पेश होते रहे हैं और उन्होंने अनेक मामलों में पंजाब सरकार को शिकस्त भी दी है।
विज्ञापन

इस कारण है विवाद

एडवोकेट घई डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के अलावा पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी, भगवंत मान सरकार के बर्खास्त स्वास्थ्य मंत्री डा. विजय सिंगला और पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत के वकील रहे हैं। साथ ही वह बेअदबी मामले में पंचकूला में डेरामुखी की पेशी के दौरान हिंसा के मामले में भी डेरे के वकील रहे हैं। पूर्व कांग्रेसी मंत्री भारत भूषण आशू, दुराचार मामले में फंसे लुधियाना के पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस, दिल्ली के भाजपा नेता तजिंदर बग्गा के भी वह वकील रह चुके हैं। पंजाब की पूर्व कांग्रेस सरकार में वन मंत्री रहे संगत सिंह गिलजियां जोकि भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार हैं, को हाईकोर्ट से जमानत भी घई ने ही दिलाई है।
विज्ञापन

बहिबल इंसाफ मोर्चा ने जताई थी नाराजगी

पंजाब के सियासी दलों ने जहां राज्य की भगवंत मान सरकार द्वारा लगातार आला अधिकारियों को हटाने जाने की आलोचना की है वहीं चरमपंथी सिख संगठनों ने घई की नियुक्ति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। बहिबल इंसाफ मोर्चा के संचालकों ने घई की नियुक्ति पर एतराज जताते हुए सरकार के इस फैसले को बरगाड़ी बेअदबी और बहिबल कलां फायरिंग मामले में इंसाफ मांग रहे पंजाबियों के साथ भद्दा मजाक करार दिया है। हालांकि आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि अनुभवी वकील को सरकार ने अपने साथ जोड़ा है ताकि सभी केसों में इंसाफ मिल सके। दूसरी ओर, एडवोकेट घई ने दावा किया कि उनका किसी भी राजनीतिक पार्टी से संबंध नहीं है और राज्य सरकार ने ही उन्हें मेरिट के आधार पर चुना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed