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Panchkula News: स्टांप ड्यूटी विवाद पर अवमानना याचिका, पंजाब के मुख्य सचिव तलब

Wed, 25 Feb 2026 01:53 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 01:53 AM IST
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Contempt petition on stamp duty dispute, Punjab Chief Secretary summoned
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्टांप ड्यूटी मामले में कारणरहित (नॉन-स्पीकिंग) आदेशों पर कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब के मुख्य सचिव को तलब किया है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने पर विचार क्यों न किया जाए।
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मामला वर्ष 2010 के एक स्टांप ड्यूटी विवाद से जुड़ा है। उस समय सब-रजिस्ट्रार ने एक बिक्री विलेख (सेल डीड) को इंपाउंड कर लिया था। बाद में आयुक्त ने यह कहते हुए मामला वापस भेजा कि मौके का निरीक्षण नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने भी कलेक्टर को पुनः निर्णय लेने का निर्देश दिया था। अदालत ने पाया कि कलेक्टर ने दोबारा वही गलती दोहराई। अपील दायर होने पर अपीलीय प्राधिकारी ने 15 वर्षों के पूरे घटनाक्रम को दर्ज करने के बावजूद एक झटके में अपील खारिज कर दी। आदेश में न तो मुद्दों पर चर्चा की गई और न ही रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया।
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हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से पूछा था कि क्या राजस्व विभाग के अधिकारियों को जैसा पहले आश्वासन दिया गया था, वास्तव में प्रशिक्षण दिया गया। विशेष तौर पर यह भी स्पष्ट करने को कहा गया कि जिस आयुक्त ने विवादित आदेश पारित किया, क्या उसे प्रशिक्षण मिला था।
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मुख्य सचिव ने दायर हलफनामे में बताया कि 2022 से 2026 के बीच विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। हालांकि अदालत ने गौर किया कि पूर्व में दिए गए आश्वासन के बाद संबंधित आयुक्त को कोई नया प्रशिक्षण नहीं दिया गया। भविष्य में उच्च अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अदालत ने टिप्पणी की कि यह समझ से परे है कि ढाई वर्षों तक उन उच्च अधिकारियों जैसे आयुक्त और वित्तायुक्त को प्रशिक्षण क्यों नहीं दिया गया, जो अर्ध-न्यायिक शक्तियों का प्रयोग करते हैं और नागरिकों के अधिकारों पर निर्णय लेते हैं। न्यायमूर्ति पुरी ने कहा कि यदि समय पर प्रशिक्षण दिया गया होता तो संभवतः ऐसी स्थिति उत्पन्न न होती।
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