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कांग्रेस बेअदबी के दोषियों को बचाने वाले सभी नेताओं के नाम उजागर करे : सुखबीर बादल
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने वरिष्ठ नेताओं की ओर से स्वीकार किए जाने के बाद कि पार्टी ने राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे पर राजनीति की है, आज कांग्रेस पार्टी से मांग की है कि वह अपने उन सभी नेताओं के नाम का खुलासा करे, जिन्होंने 2015 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की जघन्य बेअदबी के दोषियों को बचाया था। सुखबीर बादल ने कहा कि वरिष्ठ नेता परगट सिंह विधानसभा में पूर्व गृहमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा द्वारा हाल ही में दिए गए इंटरव्यू में यह स्वीकार किए जाने के बाद यह कांग्रेस पार्टी के यह स्पष्ट करना आवश्यक हो गया है कि उन्होंने सिख समुदाय के जीवित गुरु की बेअदबी के मुददे पर राजनीति क्यों की? इस मुददे पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सरकार की एकमत राय पर जोर देते हुए सुखबीर बादल ने कहा रंधावा ने अपने इंटरव्यू में जोर देकर कहा कि कोई भी बेअदबी के मामलों में तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए तैयार नही है।
बेअदबी मामलों की जांच के लिए गठित अलग-अलग विशेष जांच टीमों (एसआईटी) की भूमिका के बारे में बोलते हुए वरिष्ठ अकाली नेता ने कहा कि रंधावा ने साफ तौर पर कहा है कि उन सिटों का गठन लोगों को गुमराह करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता ने यह भी कहा है कि वह अगर गृहमंत्री होते तो पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह का इस्तीफा स्वीकार करने के बजाय उनसे स्पष्टीकरण मांगतें। उन्होने कहा कि कुंवर विजय के इस कदम से यह आरोप स्पष्ट होता है कि पिछली कांग्रेस सरकार के एक गुट को यह यकीन था कि पुलिस अधिकारी आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर बेअदबी के मुददे पर राजनीति कर रहे थे, क्योंकि वह पुलिस बल से इस्तीफा देने के तुंरत बाद वह आप पार्टी में शामिल हो गए थे।
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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने वरिष्ठ नेताओं की ओर से स्वीकार किए जाने के बाद कि पार्टी ने राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे पर राजनीति की है, आज कांग्रेस पार्टी से मांग की है कि वह अपने उन सभी नेताओं के नाम का खुलासा करे, जिन्होंने 2015 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की जघन्य बेअदबी के दोषियों को बचाया था। सुखबीर बादल ने कहा कि वरिष्ठ नेता परगट सिंह विधानसभा में पूर्व गृहमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा द्वारा हाल ही में दिए गए इंटरव्यू में यह स्वीकार किए जाने के बाद यह कांग्रेस पार्टी के यह स्पष्ट करना आवश्यक हो गया है कि उन्होंने सिख समुदाय के जीवित गुरु की बेअदबी के मुददे पर राजनीति क्यों की? इस मुददे पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सरकार की एकमत राय पर जोर देते हुए सुखबीर बादल ने कहा रंधावा ने अपने इंटरव्यू में जोर देकर कहा कि कोई भी बेअदबी के मामलों में तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए तैयार नही है।
बेअदबी मामलों की जांच के लिए गठित अलग-अलग विशेष जांच टीमों (एसआईटी) की भूमिका के बारे में बोलते हुए वरिष्ठ अकाली नेता ने कहा कि रंधावा ने साफ तौर पर कहा है कि उन सिटों का गठन लोगों को गुमराह करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता ने यह भी कहा है कि वह अगर गृहमंत्री होते तो पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह का इस्तीफा स्वीकार करने के बजाय उनसे स्पष्टीकरण मांगतें। उन्होने कहा कि कुंवर विजय के इस कदम से यह आरोप स्पष्ट होता है कि पिछली कांग्रेस सरकार के एक गुट को यह यकीन था कि पुलिस अधिकारी आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर बेअदबी के मुददे पर राजनीति कर रहे थे, क्योंकि वह पुलिस बल से इस्तीफा देने के तुंरत बाद वह आप पार्टी में शामिल हो गए थे।
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