हार से सबक: पंजाब की गलती हरियाणा में नहीं दोहराना चाहती कांग्रेस, सात साल से भंग संगठन के जल्द अस्तित्व में आने के संकेत
हरियाणा में प्रदेश कांग्रेस 31 मार्च तक सदस्यता अभियान चलाएगी। इसके लिए सभी नेताओं की जिम्मेदारी तय कर दी गई हैं। आगामी दिनों में सभी नेता और कार्यकर्ता फील्ड में जाकर कांग्रेस की नीतियों का प्रचार करेंगे, साथ ही नए सदस्यों को पार्टी से जोड़ेंगे।
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पंजाब में आप को मिले भारी बहुमत और हरियाणा में बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कांग्रेस पार्टी हरकत में आ गई है। चुनाव से ठीक पहले पंजाब में की गई गलतियों को कांग्रेस हाईकमान हरियाणा में नहीं दोहराना चाहता। प्रदेश में 2024 में होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस एक बार फिर सत्ता से दूर न रहे, इसे देखते हुए पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2022 में ही डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है।
हरियाणा में गठबंधन सरकार और आप के बढ़ते कद को देखते हुए चुनावी फार्मूला तैयार किया जाएगा। चुनाव के मद्देनजर ही सभी बड़े नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी मिलेगी। सात साल से भंग पड़े संगठन को अस्तित्व में लाने के लिए राहुल गांधी खुद प्रतिक्रिया ले रहे हैं। पंजाब में संगठन व बड़े नेताओं में बिखराव से पार्टी को जो नुकसान हुआ, वैसा हाईकमान हरियाणा में किसी सूरत में नहीं होने देना चाहता।
2019 का विधानसभा चुनाव भी कांग्रेस बड़े नेताओं के अपनी डफली-अपना राग के कारण ही हारी। सबने एकजुट होकर चुनाव लड़ा ही नहीं। टिकट वितरण में भी अनेक स्तर पर गलतियां हुईं।
कांग्रेस 18 सीटों से 31 पर तो पहुंची लेकिन 46 सीटों का बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाई। कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी उसे ले डूबी। रणदीप सुरजेवाला, कुलदीप शर्मा, करण दलाल, आनंद सिंह दांगी सरीखे दिग्गज चुनाव हार गए।
दो साल बाद फिर से कांग्रेस को विपक्ष में न बैठना पड़े, इसके मद्देनजर इसी साल संगठन में बदलाव का खाका खींचा जाएगा। सितंबर में वैसे भी पार्टी के चुनाव होने हैं और इन दिनों डिजिटल सदस्यता अभियान चल रहा है।
इसलिए फिलहाल कोई बड़ा बदलाव पार्टी हाईकमान नहीं करने जा रहा। फसल कटाई के बाद ही बदलाव की रूपरेखा खींची जाएगी। कैप्टन अजय यादव को पार्टी ओबीसी विभाग में एडजस्ट कर चुकी है। अब कुलदीप बिश्नोई, किरण चौधरी इत्यादि को संगठन में अहम जिम्मेदारी दी जानी है।
सुरजेवाला एआईसीसी में अहम पद पर हैं, दीपेंद्र हुड्डा सांसद हैं और राहुल व प्रियंका गांधी के साथ देश-प्रदेश की राजनीति देखते हैं। भूपेंद्र हुड्डा समर्थक चाहते हैं कि दीपेंद्र को प्रदेशाध्यक्ष की कमान सौंपी जाए, जिसका अन्य धड़ों के नेता अंदरखाने हाईकमान के समक्ष विरोध जताते रहे हैं। सैलजा को हटाने के लिए हुड्डा गुट सक्रिय रहा है। ऐसे में अगले दो-तीन महीने बाद हाईकमान क्या निर्णय लेता है, इस पर सबकी नजरें टिक गई हैं।
प्रदेश में कांग्रेस 31 मार्च तक चलाएगी सदस्यता अभियान
हरियाणा में प्रदेश कांग्रेस 31 मार्च तक सदस्यता अभियान चलाएगी। इसके लिए सभी नेताओं की जिम्मेदारी तय कर दी गई हैं। आगामी दिनों में सभी नेता और कार्यकर्ता फील्ड में जाकर कांग्रेस की नीतियों का प्रचार करेंगे, साथ ही नए सदस्यों को पार्टी से जोड़ेंगे। शुक्रवार को सदस्यता अभियान को लेकर दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें हरियाणा के मामलों के प्रभारी विवेक बंसल, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी सैलजा, प्रदेश रिटर्निंग ऑफिसर सांसद ताराचंद भगोरा, सहायक प्रदेश रिटर्निंग ऑफिसर हरपाल ठाकुर और विपिन नेगी शामिल हुए।
बैठक में सदस्यता अभियान को लेकर मंथन किया गया। सदस्यता अभियान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आ रही कठिनाइयों को लेकर फीडबैक भी लिया गया और इसे किस प्रकार दूर किया जा सके, इसके सुझाव भी लिए। विवेक बंसल और कुमारी सैलजा ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि अधिक से अधिक लोगों के बीच में जाकर काम करना चाहिए। प्रदेश रिटर्निंग ऑफिसर सांसद ताराचंद भगोरा ने बताया कि सदस्यता अभियान 31 मार्च तक ही चलेगा।