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अलर्टः एफडी कराने को कोई कहे तो सावधान, वरना इनकी तरह धोखा खाएंगे, परेशानी भी झेलेंगे
Fri, 13 Dec 2019 02:13 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2019 02:13 PM IST
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एफडी पर ज्यादा रिटर्न का लालच देकर पहले 6 साल के लिये पैसा इन्वेस्ट करवा लिया। इसके बाद जब तय समय सीमा पूरी हुई तो कंपनी ने रिटर्न के रूप में पैसे नहीं दिये गये। दरअसल एक ग्राहक से सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड में एक लाख 800 रुपये एफडी के रूप में इन्वेस्ट करवा लिये गए।
इसके बाद जब 6 साल की समय सीमा पूरी हुई तो कंपनी की तरफ से अच्छा रिटर्न नहीं दिया गया। जिससे खफा होकर ग्राहक ने कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में केस दायर कर दिया। इसके बाद सभी पक्षों की सुनवाई के बाद फोरम ने कंपनी को दोषी पाया और जुर्माना लगाया है।
डड्डूमाजरा कॉलोनी में रहने वाले रशपाल सिंह ने उपभोक्ता फोरम में लखनऊ स्थितसहारा क्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट्स रेंज लिमिटेड, सेक्टर-22बी स्थित सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और डड्डूमाजरा कॉलोनी में रहने वाले घनश्याम एस आर्या के खिलाफ अपने वकील पंकज चांदगोठिया और सपना वासुदेवा की मदद से शिकायत दी।
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उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि वह पिछले कई साल से घनश्याम को जानते थे। उन्होंने ही शिकायतकर्ता को सहारा इंडिया कंपनी की स्कीम में इन्वेस्ट करने की सलाह दी। बताया कि इस स्कीम में उन्हें ज्यादा रिटर्न मिलेगी। इस पर उनकी बातों में आकर रशपाल ने 5 सितंबर, 2012 को एक लाख 800 रुपये 6 साल के लिए एफडीआर के रूप में जमा करवा दिये।
6 साल पूरे होने पर जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे वापस लेने के लिए कंपनी से संपर्क किया तो उनकी तरफ से पैसे देने में आनाकानी की गई। इस पर शिकायतकर्ता रशपाल ने अपने वकील के माध्यम से लीगल नोटिस भिजवाया, बावजूद इसकेकोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद ही शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम में केस दायर कर दिया।
इस पर फोरम ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सहारा ग्रुप कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी पाया और जुर्माना लगाया है। कंज्यूमर फोरम ने आदेश दिये हैं कि कंपनी शिकायतकर्ता को 9 प्रतिशत ब्याज की दर से एक लाख 800 रुपये वापिस लौटाये। इसके अलावा सेवा में कोताही बरतने, मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न झेलने के लिए 10 हजार रुपये मुआवजा और सात हजार रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए।
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इसके बाद जब 6 साल की समय सीमा पूरी हुई तो कंपनी की तरफ से अच्छा रिटर्न नहीं दिया गया। जिससे खफा होकर ग्राहक ने कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में केस दायर कर दिया। इसके बाद सभी पक्षों की सुनवाई के बाद फोरम ने कंपनी को दोषी पाया और जुर्माना लगाया है।
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डड्डूमाजरा कॉलोनी में रहने वाले रशपाल सिंह ने उपभोक्ता फोरम में लखनऊ स्थितसहारा क्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट्स रेंज लिमिटेड, सेक्टर-22बी स्थित सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और डड्डूमाजरा कॉलोनी में रहने वाले घनश्याम एस आर्या के खिलाफ अपने वकील पंकज चांदगोठिया और सपना वासुदेवा की मदद से शिकायत दी।
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उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि वह पिछले कई साल से घनश्याम को जानते थे। उन्होंने ही शिकायतकर्ता को सहारा इंडिया कंपनी की स्कीम में इन्वेस्ट करने की सलाह दी। बताया कि इस स्कीम में उन्हें ज्यादा रिटर्न मिलेगी। इस पर उनकी बातों में आकर रशपाल ने 5 सितंबर, 2012 को एक लाख 800 रुपये 6 साल के लिए एफडीआर के रूप में जमा करवा दिये।
6 साल पूरे होने पर जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे वापस लेने के लिए कंपनी से संपर्क किया तो उनकी तरफ से पैसे देने में आनाकानी की गई। इस पर शिकायतकर्ता रशपाल ने अपने वकील के माध्यम से लीगल नोटिस भिजवाया, बावजूद इसकेकोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद ही शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम में केस दायर कर दिया।
इस पर फोरम ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सहारा ग्रुप कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी पाया और जुर्माना लगाया है। कंज्यूमर फोरम ने आदेश दिये हैं कि कंपनी शिकायतकर्ता को 9 प्रतिशत ब्याज की दर से एक लाख 800 रुपये वापिस लौटाये। इसके अलावा सेवा में कोताही बरतने, मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न झेलने के लिए 10 हजार रुपये मुआवजा और सात हजार रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए।