{"_id":"5fbd641b8ebc3e5be450b1bb","slug":"commotion-of-transporters-due-to-lack-of-vehicles-pkl-office-news-pkl395071013","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाहनों की पासिंग नहीं होने पर ट्रांसपोर्टरों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाहनों की पासिंग नहीं होने पर ट्रांसपोर्टरों का हंगामा
विज्ञापन
पंचकूला। एक माह से अपनी गाड़ियों को पास करने के लिए भटक रहे ट्रांसपोर्टरों का गुस्सा मंगलवार को उफान पर आ गया। गाड़ियां पास करवाने के लिए सेक्टर-5 पहुंचे इन ट्रांसपोर्टरों ने जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय के पासिंग एरिया में जमकर हंगामा किया। मंगलवार को सेक्टर-5 में ट्रकों की फिटनेस टेस्ट के लिए पहुंचे ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि पंचकूला में राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा एक माह से उनको दौड़ाया जा रहा है। ट्रांसपोर्टरों के अनुसार यहां हर सप्ताह मंगलवार को पुरानी गाड़ियों और ट्रकों के साथ अन्य कॉमर्शियल वाहनों की पासिंग होती है। कई दिनों से वे यहां आते तो हैं पर उनको वापस कर दिया जाता है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि विभाग द्वारा कहा गया है कि अधिकारी का ट्रांसफर होने के बाद से यहां पासिंग बंद है। इन लोगों का कहना है कि किसी अधिकारी का ट्रांसफर किया गया है तो उसकी जगह दूसरे को लगाना चाहिए। गाड़ियों के पास न होने के कारण कई बार गाड़ियों को चेकिंग के दौरान इंपाउंड कर लिया जाता है। उन पर पहले भी फाइन लगाया गया है। इस वजह से बिना पास हुई गाड़ियों को ट्रांसपोर्टर चला ही नहीं पाते हैं। इससे उनको आर्थिक नुकसान हो रहा है।
लोगों की परेशानी, उनकी जुबानी
मैं यहां एक माह से आ रहा हूं। मेरी गाड़ी पास नहीं हो रही है। यहां कई बार मुझको अधिकारी मिले और कहा कि पासिंग के लिए खुद बुलाएंगे।
लाभ सिंह
मेरे लिए मुश्किल यह है कि मैं हर मंगलवार को अपना काम छोड़कर यहां आ जाता हूं। ऐसी स्थिति में मेरी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
सतपाल
विभागीय अधिकारियों की ट्रांसफर से हमारा क्या मतलब। यहां कई अधिकारी हैं, किसी को भी पासिंग के लिए लगाया जा सकता है।
सतपाल सैनी
मैं अपना सारा काम छोड़कर मंगलवार को यहां पहुंचता हूं। एक माह हो गए चक्कर लगाते लगाते। पता नहीं कब हमारी गाड़ियां पास होंगी।
दीपक शर्मा
विज्ञापन
लोगों की परेशानी, उनकी जुबानी
मैं यहां एक माह से आ रहा हूं। मेरी गाड़ी पास नहीं हो रही है। यहां कई बार मुझको अधिकारी मिले और कहा कि पासिंग के लिए खुद बुलाएंगे।
लाभ सिंह
मेरे लिए मुश्किल यह है कि मैं हर मंगलवार को अपना काम छोड़कर यहां आ जाता हूं। ऐसी स्थिति में मेरी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
सतपाल
विभागीय अधिकारियों की ट्रांसफर से हमारा क्या मतलब। यहां कई अधिकारी हैं, किसी को भी पासिंग के लिए लगाया जा सकता है।
सतपाल सैनी
मैं अपना सारा काम छोड़कर मंगलवार को यहां पहुंचता हूं। एक माह हो गए चक्कर लगाते लगाते। पता नहीं कब हमारी गाड़ियां पास होंगी।
दीपक शर्मा