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Panchkula News: सीबीआई चार्जशीट में सरकारी सिस्टम और बैंक की मिलीभगत उजागर

Fri, 10 Jul 2026 02:02 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 02:02 AM IST
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Collusion between the government system and the bank exposed in the CBI charge sheet.
590 करोड़ के घोटाले का काला चिट्ठा : फर्जी खाते, बदले गए मोबाइल-ईमेल
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शेल कंपनियों में धन ट्रांसफर और डिलीट डेटा तक रिकवर, 15 आरोपी नामजद
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा के सरकारी खजाने से जुड़े 590 करोड़ रुपये के बहुचर्चित बैंक घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की चार्जशीट ने उस संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें सरकारी विभागों के अधिकारी, बैंक कर्मचारी और निजी कंपनियों के संचालक कथित तौर पर शामिल रहे। सीबीआई द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 221 डेबिट ट्रांजेक्शन के जरिए 722.35 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निकाली गई, जबकि इसी बैंक के माध्यम से 242.52 करोड़ रुपये के संदिग्ध क्रेडिट ट्रांजेक्शन भी सामने आए हैं। वहीं, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में 15 डेबिट ट्रांजेक्शन के जरिए 96.61 करोड़ रुपये और 12 क्रेडिट ट्रांजेक्शन के माध्यम से 72.08 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन पाए गए हैं। मामले का प्रारंभिक खुलासा पंचायत विभाग की आंतरिक ऑडिट के दौरान बैंक खातों के मिलान में सामने आई भारी विसंगतियों से हुआ था।

किस विभाग से कितना पैसा निकला
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के माध्यम से हुई कथित धोखाधड़ी में सबसे अधिक प्रभावित विभाग हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद रहा, जिसके खाते से 101 डेबिट लेन-देन के जरिए 1,82,93,82,811 रुपये निकाले गए। इसके अलावा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विभिन्न खातों से 49 लेन-देन के माध्यम से 1,92,49,05,598 रुपये की निकासी दर्ज की गई।
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नगर निगम पंचकूला के खातों से 22 लेन-देन में 1,00,00,00,000 रुपये और निदेशक पंचायत (एमएमजीएवाई-2.0) के खाते से 16 लेन-देन के जरिए 89,23,69,652 रुपये निकाले गए। अन्य प्रभावित विभागों में एचपीजीसीएल कर्मचारी पेंशन फंड ट्रस्ट, एचपीजीसीएल ड्राई फ्लाई ऐश फंड, नगर परिषद कालका, वेलफेयर कमीशन हरियाणा और हरियाणा मार्केटिंग डेवलपमेंट फंड शामिल हैं, जिनके खातों से भी करोड़ों रुपये की अवैध निकासी हुई।
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चार्जशीट के अनुसार, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के कुल 221 डेबिट लेन-देन के जरिए 7,22,35,73,539.76 रुपये की राशि निकाली गई। इसके अलावा एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के माध्यम से भी अनियमितताएं सामने आईं। निदेशक पंचायत (एमएमजीएवाई-2.0) के खाते से 14 लेन-देन में 71,61,14,910 रुपये और एचपीजीसीएल कर्मचारी पेंशन फंड ट्रस्ट के खाते से 25,00,00,000 रुपये निकाले गए। इस प्रकार एयू बैंक से कुल 15 लेन-देन के माध्यम से 96,61,14,910 रुपये की अवैध निकासी दर्ज की गई।


15 आरोपी नामजद
जांच एजेंसी ने इस मामले में 15 आरोपियों को नामजद किया है। इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रिभव ऋषि, सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर अभय कुमार, बैंक ऑथराइजर सीमा धीमन समेत अन्य बैंक अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन (एचपीजीसीएल) के तत्कालीन निदेशक (वित्त) अमित दीवान, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के वित्त नियंत्रक रणधीर सिंह, पंचायत विभाग के अधीक्षक नरेश कुमार तथा अभिषेक सिंगला, स्वाति सिंगला और अंकुर शर्मा जैसे निजी कंपनियों के संचालकों को भी आरोपी बनाया गया है।
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