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Panchkula News: व्यवस्था सुधारने के दावे धराशयी, तीन घंटे लगे कतार में लगे रहे लोग, कई भीड़ देख घर लौटे
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सिविल अस्पताल में वायरिंग जलने के बाद यूपीएस हुए थे खराब, दूसरे दिन भी इलाज के लिए हुई आपाधापी
अस्पताल का सर्वर ठीक करने में लगी इंजीनियरिंग टीम, नहीं सुधरे हालात
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में मंगलवार को दूसरे दिन भी पुरानी इमारत में आनलाइन सर्वर पूरी तरह ठप रहा, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरे दिन भी व्यवस्था सुधारने के दावे धराशयी हो गए। मरीज तीन घंटे कतार में लगे रहे। ओपीडी कार्ड नहीं बनने के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। हालात ये रहे कि मरीजों के कार्ड मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल की बिल्डिंग में बनाए गए जहां सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। आम दिनों में जहां ओपीडी कार्ड 15 से 20 मिनट में बन जाते थे वहीं मंलवार को तीन घंटे तक इंतजार मरीजों को इंतजार करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस समस्या को सुधारने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
यूपीएस और सर्वर बंद होने के बाद जहां सामान्य दिनों में ओपीडी तीन हजार होती थी। मंगलवार को यह घटकर 1800 दर्ज की गई। कई मरीज लंबी लंबी कतार देखकर घर लौट गए।
हीटर के इस्तेमाल पर अब बरती जाएगी सावधानी
सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में कुल चार ब्लाक ए, बी, सी और डी हैं। ऑनलाइन सिस्टम की नेटवर्किंग के लिए 20-20 केवीए क्षमता के कुल 6 यूपीएस लगाए हैं। इनमें से ब्लाक ए और सी के लिए 4 यूपीएस जबकि ब्लाक बी और डी के लिए 2 यूपीएस हैं। ओवरलोड के कारण ब्लाक ए का एक यूपीएस पहले ही फाल्ट आने से बंद हो गया था। बैकअप के तौर पर लगाया गया दूसरा यूपीएस भी सोमवार सुबह जवाब दे गया। आशंका है कि वह भी शाॅर्ट सर्किट से खराब हुआ है। दोनों यूपीएस बंद होने से ब्लाक ए की पूरी आनलाइन सेवाएं ठप पड़ी हैं।
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तीन घंटे कतार में लगने केे बाद इलाज मिला
मैं इलाज के लिए आई थी। बुखार होने के बाद तीन घंटे तक कतार में लगने के बाद इलाज मिला। इस कारण परेशानी हो रही है। रजिस्ट्रेशन के लिए अतिरिक्त काउंटर नहीं होने से परेशानी हुई।
-आंचल, निवासी ओल्ड पंचकूला, मरीज
खाली पेट जांच नहीं हो पाई
मैं इलाज के लिए खाली पेज आई थी। सोचा था समय से टेस्ट हो जाएगा। रजिस्ट्रेशन में ही समय लग गया। इसलिए पेट होने वाली जांच नहीं हो पाई है। अब फिर से आना पड़ेगा।
-ज्योति, मौलीजागरां, मरीज
दवाएं मिलने में देरी हुई
अस्पताल में दवाएं मिलने में देरी हुई। इलाज के लिए डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा के लिए टोकन आने में एक घंटे का समय लगा। दवाएं पूरी नहीं मिलने के कारण बाहर से खरीदनी पड़ीं।
-रजनी निवासी, मनीमाजरा, मरीज
इलाज में दिक्कत हुई
मुझे इलाज कराने के लिए पर्ची बनवाने में परेशानी हुई। सर्वर ठीक होने की अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। इस कारण दिनभर धक्के के बाद भी इलाज नहीं हो पाया है।
-शुभात्रा निवासी सेक्टर -16, मरीज
कोट--
अस्पताल के सर्वर को ठीक कराने के लिए टीमें लगाई हैं। अभी दो दिन और लग सकते हैं। यूपीएस की बैटरी और वायर भी बदली जाएगी।
आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6
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अस्पताल का सर्वर ठीक करने में लगी इंजीनियरिंग टीम, नहीं सुधरे हालात
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में मंगलवार को दूसरे दिन भी पुरानी इमारत में आनलाइन सर्वर पूरी तरह ठप रहा, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरे दिन भी व्यवस्था सुधारने के दावे धराशयी हो गए। मरीज तीन घंटे कतार में लगे रहे। ओपीडी कार्ड नहीं बनने के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। हालात ये रहे कि मरीजों के कार्ड मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल की बिल्डिंग में बनाए गए जहां सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। आम दिनों में जहां ओपीडी कार्ड 15 से 20 मिनट में बन जाते थे वहीं मंलवार को तीन घंटे तक इंतजार मरीजों को इंतजार करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस समस्या को सुधारने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
यूपीएस और सर्वर बंद होने के बाद जहां सामान्य दिनों में ओपीडी तीन हजार होती थी। मंगलवार को यह घटकर 1800 दर्ज की गई। कई मरीज लंबी लंबी कतार देखकर घर लौट गए।
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हीटर के इस्तेमाल पर अब बरती जाएगी सावधानी
सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में कुल चार ब्लाक ए, बी, सी और डी हैं। ऑनलाइन सिस्टम की नेटवर्किंग के लिए 20-20 केवीए क्षमता के कुल 6 यूपीएस लगाए हैं। इनमें से ब्लाक ए और सी के लिए 4 यूपीएस जबकि ब्लाक बी और डी के लिए 2 यूपीएस हैं। ओवरलोड के कारण ब्लाक ए का एक यूपीएस पहले ही फाल्ट आने से बंद हो गया था। बैकअप के तौर पर लगाया गया दूसरा यूपीएस भी सोमवार सुबह जवाब दे गया। आशंका है कि वह भी शाॅर्ट सर्किट से खराब हुआ है। दोनों यूपीएस बंद होने से ब्लाक ए की पूरी आनलाइन सेवाएं ठप पड़ी हैं।
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तीन घंटे कतार में लगने केे बाद इलाज मिला
मैं इलाज के लिए आई थी। बुखार होने के बाद तीन घंटे तक कतार में लगने के बाद इलाज मिला। इस कारण परेशानी हो रही है। रजिस्ट्रेशन के लिए अतिरिक्त काउंटर नहीं होने से परेशानी हुई।
-आंचल, निवासी ओल्ड पंचकूला, मरीज
खाली पेट जांच नहीं हो पाई
मैं इलाज के लिए खाली पेज आई थी। सोचा था समय से टेस्ट हो जाएगा। रजिस्ट्रेशन में ही समय लग गया। इसलिए पेट होने वाली जांच नहीं हो पाई है। अब फिर से आना पड़ेगा।
-ज्योति, मौलीजागरां, मरीज
दवाएं मिलने में देरी हुई
अस्पताल में दवाएं मिलने में देरी हुई। इलाज के लिए डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा के लिए टोकन आने में एक घंटे का समय लगा। दवाएं पूरी नहीं मिलने के कारण बाहर से खरीदनी पड़ीं।
-रजनी निवासी, मनीमाजरा, मरीज
इलाज में दिक्कत हुई
मुझे इलाज कराने के लिए पर्ची बनवाने में परेशानी हुई। सर्वर ठीक होने की अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। इस कारण दिनभर धक्के के बाद भी इलाज नहीं हो पाया है।
-शुभात्रा निवासी सेक्टर -16, मरीज
कोट
अस्पताल के सर्वर को ठीक कराने के लिए टीमें लगाई हैं। अभी दो दिन और लग सकते हैं। यूपीएस की बैटरी और वायर भी बदली जाएगी।
आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6